प्रिलिम्स के लिए: एथेनॉल मिश्रण (E20), जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), पेट्रोल में कथित एथेनॉल प्रतिशत, निर्धारित एथेनॉल मिश्रण सीमा (E20), एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए BIS मानक, शामिल नोडल निकाय, वर्तमान संदर्भ
मेन्स के लिए: जैव ईंधन मिश्रण, ऊर्जा सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण, संघीय तनाव, जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति, BIS मानक
स्रोत:
HindustanIndian Express
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल नमूनों में 31.2% एथेनॉल का आरोप लगाया।
- निर्धारित एथेनॉल मिश्रण सीमा 20% (E20) है।
- IOCL, BPCL और HPCL वे तीन बड़ी OMC हैं जिन्होंने आरोप से इनकार किया।
- एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए BIS मानक IS 17021 है।
- जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018) 2025 तक 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखती है।
चर्चा में क्यों?
कर्नाटक सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMC) के बीच पेट्रोल में कथित रूप से अधिक एथेनॉल मिलाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य का दावा है कि मिश्रण 20% (E20) की निर्धारित सीमा से बढ़कर 31.2% तक पहुंच गया है। OMC ने निष्कर्षों को खारिज करते हुए कहा है कि जांच BIS के IS 17021 मानक के तहत निर्धारित कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं के अनुसार नहीं की गई। यह मामला जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति और E20 रोडमैप के क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों को सामने लाता है।
सारांश
- कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने आरोप लगाया है कि कुछ खुदरा आउटलेट के पेट्रोल नमूनों में 26% से 31.2% तक एथेनॉल पाया गया, जो 20% की E20 सीमा से अधिक है।
- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम, तीनों बड़ी OMC ने संयुक्त बयान जारी कर आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जांच भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के IS 17021 मानक के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना की गई।
- जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018) और 2025 के लिए E20 रोडमैप के तहत भारत एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को तेज़ कर रहा है, ऐसे में यह विवाद मज़बूत गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र की ज़रूरत को सामने लाता है।
मुख्य बातें
कर्नाटक का आरोप
कर्नाटक सरकार का दावा है कि स्वतंत्र प्रयोगशाला परीक्षणों में OMC के पंपों से लिए गए पेट्रोल नमूनों में 26% से 31.2% तक एथेनॉल मिला, जो 20% की E20 सीमा से कहीं अधिक है।
OMC का खंडन
IOCL, BPCL और HPCL ने संयुक्त रूप से निष्कर्षों को खारिज किया और कहा कि परीक्षण BIS के IS 17021 मानक के अनुसार नहीं किए गए।
E20 नीति
भारत का लक्ष्य जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों के तहत 2025 तक देशभर में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण हासिल करना है।
पृष्ठभूमि
जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018) के तहत चल रहे भारत के एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का लक्ष्य 2025 तक 20% मिश्रण (E20) है। इस नीति का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना, गन्ना किसानों को सहारा देना और वाहनों से होने वाला उत्सर्जन कम करना है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एथेनॉल-मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए IS 17021 को मानक तय किया है। पूरे देश में मिश्रण और आपूर्ति की ज़िम्मेदारी OMC की है।
आगे की राह
केंद्र और राज्य दोनों की सहमति वाली एक पारदर्शी, तीसरे पक्ष की परीक्षण व्यवस्था की ज़रूरत पड़ सकती है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय मानक परीक्षण प्रक्रियाओं पर स्पष्टीकरण जारी कर सकता है। यह घटना E20 लागू करने की समय-सीमा की समीक्षा और खुदरा आउटलेट पर BIS मानकों के पालन को सख्ती से लागू करने का कारण बन सकती है।
एथेनॉल मिश्रण सीमा और दावे
| पैरामीटर | निर्धारित (E20) | कथित (कर्नाटक) |
|---|---|---|
| एथेनॉल प्रतिशत | 20% | 26% से 31.2% |
| BIS मानक | IS 17021 | पालन नहीं हुआ (OMC के अनुसार) |
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- एथेनॉल मिश्रण (E20)
- एथेनॉल मिश्रण का अर्थ है ईंधन के रूप में पेट्रोल में एथेनॉल (गन्ने, मक्के या बायोमास से बनी अल्कोहल) मिलाना। E20 का मतलब है 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल।
- जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018)
- यह केंद्र सरकार की नीति है, जो पारंपरिक ईंधनों के साथ जैव ईंधन (एथेनॉल और बायोडीज़ल) के मिश्रण के लक्ष्य तय करती है, ताकि आयात पर निर्भरता घटे, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिले और कृषि क्षेत्र को सहारा मिले।
- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)
- यह भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है, जिसकी स्थापना BIS अधिनियम, 2016 के तहत हुई। यह ईंधन सहित उत्पादों के लिए मानक (जैसे IS 17021) विकसित करता है और उन्हें लागू करता है, ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित हो।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: कथित एथेनॉल प्रतिशत: 31.2%; निर्धारित सीमा: 20% (E20)
- इन नोडल निकायों पर ध्यान दें: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय; भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: एथेनॉल-मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए BIS का IS 17021 मानक
यह गलती न करें!
परीक्षक 'E20' (20% एथेनॉल, 80% पेट्रोल) की जगह 'E85' (85% एथेनॉल) लिख सकता है, या E20 के लक्ष्य वर्ष (2025) और कुछ राज्यों में वर्तमान मिश्रण प्रतिशत के बारे में पूछ सकता है। वे BIS मानक संख्या (IS 17021) को पेट्रोल के लिए IS 1460 जैसे अन्य ईंधन मानकों से भ्रमित करने वाले विकल्प भी दे सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- जैव ईंधन मिश्रण, ऊर्जा सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण, संघीय तनाव, जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति, BIS मानक
कहीं अटके? एक टैप में समझें
- कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल नमूनों में 31.2% एथेनॉल का आरोप लगाया।
- निर्धारित एथेनॉल मिश्रण सीमा 20% (E20) है।
- IOCL, BPCL और HPCL वे तीन बड़ी OMC हैं जिन्होंने आरोप से इनकार किया।
- एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए BIS मानक IS 17021 है।
- जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018) 2025 तक 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखती है।
- अर्थव्यवस्था: ऊर्जा सुरक्षा और जैव ईंधन
- पर्यावरण: नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन
जुड़ी अवधारणाएँ: एथेनॉल मिश्रण (E20), जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018), भारतीय मानक ब्यूरो (BIS)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के क्रियान्वयन की मुख्य ज़िम्मेदारी किस मंत्रालय की है?
व्याख्या: एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय अपनी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से लागू करता है। कृषि मंत्रालय फीडस्टॉक उत्पादन में सहयोग करता है और पर्यावरण मंत्रालय उत्सर्जन से जुड़े मामले देखता है, लेकिन मूल नीति और क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी पेट्रोलियम मंत्रालय की है।
- Q2कठिन
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति (2018) ने 2030 तक पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) का लक्ष्य रखा।
- 2.भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एथेनॉल-मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए IS 17021 को मानक तय किया है।
- 3.कर्नाटक सरकार ने दावा किया कि पेट्रोल नमूनों में 31.2% तक एथेनॉल मिला, जो E20 सीमा से अधिक है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है क्योंकि E20 का लक्ष्य 2030 नहीं, बल्कि 2025 तय किया गया। कथन 2 सही है: IS 17021 एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए BIS मानक है। कथन 3 सही है: कर्नाटक सरकार ने कुछ नमूनों में 31.2% एथेनॉल का आरोप लगाया है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
भारत में वर्तमान E20 नियमों के तहत पेट्रोल में अधिकतम अनुमेय एथेनॉल मिश्रण प्रतिशत कितना है?
व्याख्या: E20 नियम पेट्रोल में अधिकतम 20% एथेनॉल मिश्रण की अनुमति देता है। 10% (E10) पहले का लक्ष्य था, 15% कोई मानक लक्ष्य नहीं है, और 31.2% कर्नाटक में कथित स्तर है, अनुमेय सीमा नहीं।
- Q4मध्यम
जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति में बताया गया भारत के एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटाना, कृषि क्षेत्र (गन्ना और मक्का किसानों) को सहारा देना और स्वच्छ, नवीकरणीय ईंधन स्रोत बढ़ाना है। राजस्व और कीमत घटाना गौण उद्देश्य हैं, और पेट्रोल को पूरी तरह समाप्त करना कोई घोषित उद्देश्य नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भारत में E20 एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य क्या है?
E20 का मतलब है पेट्रोल में मिला 20% एथेनॉल। जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति के तहत भारत इस लक्ष्य को 2025 तक देशभर में हासिल करना चाहता है।
2. कर्नाटक में एथेनॉल मिश्रण विवाद में कौन-सी कंपनियां शामिल हैं?
तीन बड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां हैं: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL)।
3. एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए BIS मानक क्या है?
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने एथेनॉल-मिश्रित मोटर गैसोलीन के लिए IS 17021 को मानक तय किया है।
4. कर्नाटक के वह मुख्यमंत्री कौन हैं जिन्होंने आरोप लगाया?
डी.के. शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल नमूनों में 31.2% तक एथेनॉल मिला।
