अर्थव्यवस्था

कर्नाटक की जांच में पेट्रोल में 31.2% तक एथेनॉल मिला, जबकि अनुमति 20% की है; कार्रवाई और मुआवज़े की मांग

6 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 39 / 77

प्रिलिम्स के लिए: एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम, E20 ईंधन, NABL मान्यता, पेट्रोल में अधिकतम अनुमत एथेनॉल मिश्रण, पाई गई सबसे अधिक एथेनॉल मात्रा, जांच एजेंसी, राज्य द्वारा की जा रही कार्रवाई, प्रस्तावित मुआवज़ा व्यवस्था

मेन्स के लिए: एथेनॉल मिश्रण, E20, उपभोक्ता संरक्षण, ईंधन गुणवत्ता अनुपालन, OMCs में पारदर्शिता

स्रोत:Indian ExpressIndian Express

चर्चा में क्यों?

कर्नाटक सरकार को पता चला है कि IOC, HPCL, BPCL, नायरा और शेल जैसी बड़ी तेल कंपनियों के बेचे पेट्रोल में अनुमति प्राप्त 20% मिश्रण से कहीं अधिक एथेनॉल मिला है, और एक नमूने में यह 31.2% रहा। राज्य ने कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई, 'E20 स्पॉइलेज फंड' के ज़रिए वाहन चालकों को मुआवज़ा और पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल प्रतिशत का अनिवार्य प्रदर्शन करने की मांग की है।

सारांश

  • कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान अरशद ने 7 ज़िलों के पेट्रोल नमूनों की NABL-मान्यता प्राप्त श्रीराम रिसर्च इंस्टीट्यूट की जांच के नतीजे सार्वजनिक किए।
  • इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (31.2%), HPCL (30.5% और 27%), BPCL (26.5%), नायरा एनर्जी (26.1%) और शेल (25.5%) के नमूने 20% एथेनॉल मिश्रण की सीमा से अधिक पाए गए।

मुख्य बातें

  • पेट्रोल में अधिक एथेनॉल

    कर्नाटक में IOC, HPCL, BPCL, नायरा और शेल के पेट्रोल की जांच में एथेनॉल 31.2% तक पाया गया, जो निर्धारित 20% की सीमा से कहीं अधिक है।

  • जांच और पारदर्शिता के सवाल

    NABL-मान्यता प्राप्त लैब की जांच में यह अधिकता सामने आई; राज्य का आरोप है कि तेल कंपनियों की अपनी लैब रिपोर्टों में एथेनॉल की मात्रा नहीं दर्शाई गई, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं।

  • उपभोक्ता संरक्षण के लिए मांगे गए उपाय

    कर्नाटक ने कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई, वाहन चालकों के लिए 'E20 स्पॉइलेज फंड' और देशभर के पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल प्रतिशत का अनिवार्य प्रदर्शन करने की मांग की है।

पृष्ठभूमि

भारत पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम के तहत लगातार बढ़ा रहा है, ताकि कच्चे तेल का आयात घटे, उत्सर्जन कम हो और गन्ना किसानों को सहारा मिले। 2025-26 तक 20% मिश्रण (E20) का लक्ष्य पहले की समय-सीमा से आगे लाया गया। नए फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए अधिक मिश्रण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि मौजूदा वाहन 10-20% से ऊपर के एथेनॉल स्तर के लिए नहीं बने, इसलिए उनके पुर्ज़ों को नुकसान का खतरा है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

कर्नाटक के नतीजे बड़ी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की ओर से अनुपालन में चूक की ओर इशारा करते हैं, जबकि EBP कार्यक्रम में इन्हीं कंपनियों की केंद्रीय भूमिका है। 31.2% तक एथेनॉल पुरानी गाड़ियों के ईंधन प्रणाली के पुर्ज़ों (पंप, इंजेक्टर, होज़, सील) में जंग और सूजन ला सकता है, जिससे माइलेज घटता है और उपभोक्ताओं का मरम्मत खर्च बढ़ता है। राज्य का आरोप है कि OMC की अपनी लैब ने एथेनॉल का आंकड़ा छिपाया, जो व्यवस्थागत पारदर्शिता की कमी का संकेत है। इस घटना के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से सख्त जांच प्रोटोकॉल और नियामक निगरानी की ज़रूरत पड़ सकती है।

आगे की राह

कर्नाटक सरकार की 'E20 स्पॉइलेज फंड' और पंपों पर एथेनॉल प्रतिशत के अनिवार्य प्रदर्शन की मांग उपभोक्ता संरक्षण के लिए मिसाल बन सकती है। केंद्र सरकार को अनुमत मिश्रण सीमा पर स्पष्टीकरण जारी करने, OMC की आपूर्ति की तीसरे पक्ष से जांच लागू करने और E20-अनुकूल वाहनों की उपलब्धता तेज़ करने की ज़रूरत पड़ सकती है। यह घटना ईंधन गुणवत्ता मानकों और अधिक एथेनॉल मिश्रण के रोडमैप पर आगामी चर्चाओं को भी प्रभावित कर सकती है।

पेट्रोल नमूनों में एथेनॉल की मात्रा

कंपनीपाया गया एथेनॉलअनुमत सीमा
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन31.2%20%
HPCL (नमूना 1)30.5%20%
HPCL (नमूना 2)27%20%
नायरा एनर्जी26.1%20%
शेल25.5%20%

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम
एक सरकारी कार्यक्रम, जो पेट्रोल के साथ एथेनॉल (गन्ना, मक्का आदि से बना) मिलाने को बढ़ावा देता है, ताकि तेल आयात घटे, उत्सर्जन कम हो और कृषि क्षेत्र को सहारा मिले।
E20 ईंधन
20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण, जिसे भारत 2025-26 तक देशभर में लागू करना चाहता है। इस मिश्रण को सुरक्षित रूप से झेलने के लिए वाहनों को इसी के अनुसार बनाना या उनमें बदलाव करना ज़रूरी है।
NABL मान्यता
राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशाला मान्यता बोर्ड भारत की परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशालाओं को मान्यता देता है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों (ISO/IEC 17025) पर खरी उतरें।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: पेट्रोल में अधिकतम अनुमत एथेनॉल मिश्रण 20% (E20) है।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एथेनॉल मिश्रण नीति की देखरेख करता है)।
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: जांच प्रयोगशालाओं के लिए NABL मान्यता मानक (ISO/IEC 17025)।

यह गलती न करें!

छात्र वर्तमान अनुमत सीमा (20%) को पहले के लक्ष्य (10%) के साथ भ्रमित कर सकते हैं, या यह मान सकते हैं कि पाया गया 31.2% नई अनुमत सीमा है। साथ ही ध्यान रखें कि जांच सरकारी लैब के बजाय NABL-मान्यता प्राप्त निजी लैब से हुई थी।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • एथेनॉल मिश्रण, E20, उपभोक्ता संरक्षण, ईंधन गुणवत्ता अनुपालन, OMCs में पारदर्शिता

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारत में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की नीति के लिए मुख्य रूप से कौन-सा मंत्रालय ज़िम्मेदार है?

  2. Q2कठिन

    कर्नाटक सरकार की हाल की एथेनॉल जांच के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की वर्तमान अनुमत सीमा 20% है।
    2. 2.एक नमूने में पाई गई सबसे अधिक एथेनॉल मात्रा 31.2% थी, जो भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के आउटलेट से थी।
    3. 3.जांच NABL-मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में हुई।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    कर्नाटक में जांचे गए पेट्रोल नमूने में एथेनॉल की सबसे अधिक मात्रा कितनी पाई गई, और वह किस कंपनी का था?

  4. Q4मध्यम

    20% से अधिक एथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर कर्नाटक सरकार की मुख्य चिंता क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. भारत में पेट्रोल में वर्तमान में अधिकतम अनुमत एथेनॉल मिश्रण कितना है?

पेट्रोल में अधिकतम अनुमत एथेनॉल मिश्रण 20% (E20) है, जिसे भारत 2025-26 तक देशभर में लागू करना चाहता है।

2. कर्नाटक की जांच में किस कंपनी के पेट्रोल नमूने में एथेनॉल की मात्रा सबसे अधिक थी?

31.2% का सबसे अधिक एथेनॉल स्तर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के एक नमूने में पाया गया।

3. कर्नाटक सरकार ने तेल कंपनियों के खिलाफ किस कार्रवाई की मांग की?

राज्य ने 20% की सीमा से अधिक पेट्रोल बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई, वाहन चालकों को मुआवज़ा देने के लिए 'E20 स्पॉइलेज फंड' और पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल प्रतिशत का अनिवार्य प्रदर्शन मांगा है।

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