प्रिलिम्स के लिए: उत्तराखंड राज्य गठन, राज्य स्थापना दिवस, आंदोलनकारी पेंशन / अनुग्रह राशि, राज्य, मुख्यमंत्री का नाम, नई मासिक सहायता, घटना, अवसर
मेन्स के लिए: राज्य कल्याण, आंदोलनकारियों का पुनर्वास, उत्तराखंड राज्य आंदोलन, रामपुर तिराहा कांड
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो आंदोलनकारियों के लिए बढ़ी हुई सहायता की घोषणा की।
- प्रति आंदोलनकारी कुल मासिक सहायता ₹50,000 है।
- अतिरिक्त ₹20,000 सहायक रखने के लिए है।
- लाभार्थी प्रकाश चंद्र कांति और अमित ओबेरॉय हैं।
- यह घोषणा उत्तराखंड के 26वें राज्य स्थापना दिवस पर हुई।
चर्चा में क्यों?
उत्तराखंड के 26वें राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड में पुलिस गोलीबारी से स्थायी रूप से अशक्त हुए दो आंदोलनकारियों के लिए हर महीने ₹20,000 की अतिरिक्त सहायता को मंज़ूरी दी है, जिससे कुल राशि ₹50,000 हो गई है। दोनों बिस्तर पर हैं, इसलिए यह अतिरिक्त राशि हर एक के लिए सहायक रखने में खर्च होगी।
सारांश
- प्रकाश चंद्र कांति (हरिद्वार) और अमित ओबेरॉय (देहरादून) राज्य आंदोलन के रामपुर तिराहा कांड में पुलिस गोलीबारी में घायल हुए थे और अब पूरी तरह बिस्तर पर हैं।
- उत्तराखंड सरकार ने उनकी मासिक सहायता ₹30,000 (विशेष सम्मान पेंशन) से बढ़ाकर ₹50,000 कर दी है, जिसमें अतिरिक्त ₹20,000 सहायक की व्यवस्था के लिए तय है।
- यह फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के 26वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर घोषित किया और इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है।
मुख्य बातें
26वें राज्य स्थापना दिवस की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के 26वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बढ़ी हुई आर्थिक सहायता की घोषणा की।
बिस्तर पर पड़े आंदोलनकारियों के लिए सहायक भत्ता
दोनों आंदोलनकारियों के लिए हर महीने ₹20,000 की अतिरिक्त राशि मंज़ूर की गई है, ताकि वे सहायक रख सकें, क्योंकि पुलिस गोलीबारी में लगी चोटों के कारण दोनों पूरी तरह बिस्तर पर हैं।
शासनादेश जारी
राज्य सरकार ने दोनों आंदोलनकारियों के लिए ₹50,000 प्रति माह की बढ़ी हुई सहायता लागू करने का औपचारिक शासनादेश जारी कर दिया है।
पृष्ठभूमि
उत्तराखंड 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग करके भारत का 27वां राज्य बनाया गया। राज्य आंदोलन में कई आंदोलन हुए, जिनमें रामपुर तिराहा कांड भी शामिल है, जहां पुलिस गोलीबारी में कई आंदोलनकारी गंभीर रूप से घायल हुए। इनमें से प्रकाश चंद्र कांति और अमित ओबेरॉय तब से बिस्तर पर हैं और उन्हें लगातार देखभाल की जरूरत है। इससे पहले उन्हें राज्य सरकार से हर महीने ₹30,000 विशेष सम्मान पेंशन मिल रही थी।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
यह फैसला मासिक सहायता ₹30,000 से बढ़ाकर ₹50,000 करता है, यानी ₹20,000 की वृद्धि सीधे सहायक रखने के लिए है। इससे उन आंदोलनकारियों की भलाई में एक अहम कमी पूरी होती है जो स्थायी अशक्तता झेल रहे हैं। यह घोषणा 26वें राज्य स्थापना दिवस पर हुई, जिससे राज्य की पहचान उसके संघर्ष से जुड़ती है। यह कदम राज्य आंदोलन के बलिदान की स्वीकृति और प्रभावित परिवारों के समर्थन की सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
उत्तराखंड से जुड़ाव
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पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- उत्तराखंड राज्य गठन
- उत्तराखंड 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश के पहाड़ी जिलों से अलग होकर भारत का 27वां राज्य बना। इसकी राजधानी देहरादून (शीतकालीन) और गैरसैंण (ग्रीष्मकालीन) है। वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल ढाल सिंह बिसेन हैं।
- राज्य स्थापना दिवस
- वह दिन जब कोई राज्य आधिकारिक रूप से बनाया गया। उत्तराखंड के लिए यह 9 नवंबर है। राज्य अक्सर इसी दिन कल्याणकारी घोषणाएं करते हैं।
- आंदोलनकारी पेंशन / अनुग्रह राशि
- राज्य आंदोलन या सामाजिक आंदोलन में घायल व्यक्तियों या मारे गए लोगों के परिवारों को राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता। यह सामाजिक कल्याण और पुनर्वास का एक रूप है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: कुल मासिक सहायता ₹50,000 (₹30,000 पेंशन + ₹20,000 सहायक भत्ता)
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: उत्तराखंड सरकार / मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
यह गलती न करें!
परीक्षक अतिरिक्त राशि (₹20,000) की जगह कुल मासिक सहायता (₹50,000) पूछ सकते हैं, या पुरानी पेंशन (₹30,000) को नई कुल राशि से भ्रमित कर सकते हैं। वे लाभार्थियों के नाम या घटना का नाम (रामपुर तिराहा) भी बदल सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- राज्य कल्याण, आंदोलनकारियों का पुनर्वास, उत्तराखंड राज्य आंदोलन, रामपुर तिराहा कांड
कहीं अटके? एक टैप में समझें
उत्तराखंड राज्य बनाने के आंदोलन के दौरान दो लोगों को पुलिस की गोली लगी थी। तब से वे बिस्तर पर हैं। राज्य सरकार पहले उन्हें हर महीने ₹30,000 देती थी। अब उसमें ₹20,000 और जोड़े गए हैं, ताकि वे उनकी देखभाल के लिए किसी को रख सकें। अब हर एक को कुल ₹50,000 प्रति माह मिलेंगे।
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो आंदोलनकारियों के लिए बढ़ी हुई सहायता की घोषणा की।
- प्रति आंदोलनकारी कुल मासिक सहायता ₹50,000 है।
- अतिरिक्त ₹20,000 सहायक रखने के लिए है।
- लाभार्थी प्रकाश चंद्र कांति और अमित ओबेरॉय हैं।
- यह घोषणा उत्तराखंड के 26वें राज्य स्थापना दिवस पर हुई।
- राजव्यवस्था: राज्य सरकार और कल्याणकारी नीतियां
- स्थिर सामान्य ज्ञान: उत्तराखंड: गठन, राजधानी, मुख्यमंत्री, राज्यपाल
जुड़ी अवधारणाएँ: उत्तराखंड राज्य गठन, राज्य स्थापना दिवस, आंदोलनकारी पेंशन / अनुग्रह राशि
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
राज्य आंदोलन में घायल दो आंदोलनकारियों की मासिक सहायता बढ़ाने की घोषणा किस राज्य सरकार ने की?
व्याख्या: यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने की। हिमाचल प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ अलग-अलग समय पर बने अलग राज्य हैं और इस फैसले में शामिल नहीं हैं।
- Q2कठिन
उत्तराखंड सरकार के इस फैसले के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.दो आंदोलनकारियों की मासिक सहायता ₹30,000 से बढ़ाकर ₹50,000 की गई है।
- 2.अतिरिक्त ₹20,000 विशेष रूप से आंदोलनकारियों के चिकित्सा उपचार के लिए है।
- 3.लाभार्थी प्रकाश चंद्र कांति और अमित ओबेरॉय हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: कुल सहायता ₹30,000 की पूर्व पेंशन से बढ़कर ₹50,000 हो गई है। कथन 2 गलत है: अतिरिक्त ₹20,000 सहायक रखने के लिए है, चिकित्सा उपचार के लिए नहीं। कथन 3 सही है: दोनों लाभार्थी प्रकाश चंद्र कांति और अमित ओबेरॉय हैं। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
सरकार के फैसले के बाद दो उत्तराखंड आंदोलनकारियों में से प्रत्येक को अब कुल कितनी मासिक सहायता मिल रही है?
व्याख्या: कुल मासिक सहायता ₹50,000 है, जिसमें मौजूदा ₹30,000 विशेष सम्मान पेंशन और नई मंज़ूर ₹20,000 सहायक भत्ता शामिल है।
- Q4मध्यम
उत्तराखंड सरकार द्वारा दो आंदोलनकारियों के लिए मंज़ूर की गई प्रति माह ₹20,000 की अतिरिक्त राशि का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: शासनादेश के अनुसार अतिरिक्त ₹20,000 हर आंदोलनकारी के लिए सहायक रखने के लिए है, क्योंकि दोनों पूरी तरह बिस्तर पर हैं और उन्हें नियमित देखभाल चाहिए। आजीविका छिनने का मुआवज़ा, चिकित्सा खर्च या एकमुश्त भुगतान इस विशेष भत्ते के घोषित उद्देश्य नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. उत्तराखंड आंदोलनकारियों की बढ़ी हुई सहायता की घोषणा किसने की?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 26वें राज्य स्थापना दिवस पर यह फैसला घोषित किया।
2. दोनों आंदोलनकारियों को अब कुल कितनी मासिक सहायता मिलेगी?
हर आंदोलनकारी को अब ₹50,000 प्रति माह मिलेगा, जिसमें मौजूदा ₹30,000 पेंशन और सहायक के लिए अतिरिक्त ₹20,000 शामिल हैं।
3. रामपुर तिराहा कांड क्या है?
रामपुर तिराहा कांड उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुई पुलिस गोलीबारी को कहते हैं, जिसमें प्रकाश चंद्र कांति और अमित ओबेरॉय सहित कई आंदोलनकारी घायल हुए।
4. इस फैसले के लाभार्थी कौन हैं?
दो लाभार्थी प्रकाश चंद्र कांति (हरिद्वार) और अमित ओबेरॉय (देहरादून) हैं।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

