रक्षा एवं सुरक्षा

आतंकी नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए जम्मू-कश्मीर अपनी जेलों में खुफिया इकाइयां बना रहा है और बायोमेट्रिक प्रणालियां लगा रहा है

6 नवंबर 20263 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 13 / 52

प्रिलिम्स के लिए: जेल खुफिया इकाई (PIU), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), AI-निगरानी वाले CCTV, उद्देश्य, प्रमुख बैठक के अध्यक्ष, CISF की भूमिका, समान प्रणालियों वाले राज्य

मेन्स के लिए: जेलों में कट्टरपंथ, खुफिया-आधारित पुलिसिंग, अंतर-एजेंसी समन्वय, आतंकी वित्तपोषण पर रोक, जेल प्रशासन का आधुनिकीकरण

स्रोत:Indian ExpressIndian Express

चर्चा में क्यों?

जम्मू-कश्मीर अपनी सभी जेलों में समर्पित जेल खुफिया इकाइयां (PIUs) बना रहा है और बायोमेट्रिक प्रणालियां लागू कर रहा है, ताकि जेलों के भीतर से चल रहे आतंकी नेटवर्क, कट्टरपंथ और अवैध संचार पर नज़र रखी जा सके और उन्हें बेअसर किया जा सके।

सारांश

  • जम्मू-कश्मीर सभी जेलों में समर्पित जेल खुफिया इकाइयां (PIUs) बनाएगा और बायोमेट्रिक प्रणाली लाएगा, ताकि उग्रवादियों और गंभीर अपराधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाई जा सके और उनके खतरों पर नज़र रखी जा सके।
  • उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिस, जेल, खुफिया और गृह विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की और एकीकृत सहयोग तथा नियमित खुफिया जानकारी साझा करने का आह्वान किया।
  • CISF पहले से ही श्रीनगर और कोट भलवाल (जम्मू) की केंद्रीय जेलों में बहु-स्तरीय सुरक्षा (बायोमेट्रिक, CCTV, बॉडी स्कैनर) उपलब्ध करा रहा है।
  • ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली सहित कई राज्यों ने AI-निगरानी वाले CCTV, RFID ट्रैकिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ ऐसी आधुनिक जेल प्रणालियां पहले ही लागू कर दी हैं।

मुख्य बातें

  • समर्पित जेल खुफिया इकाइयां (PIUs)

    जम्मू-कश्मीर सभी जेलों में PIUs बनाएगा, ताकि कैदियों, खासकर उग्रवादियों और कट्टर अपराधियों से जुड़े खतरों की खुफिया जानकारी जुटाई जा सके और उन पर नज़र रखी जा सके।

  • बायोमेट्रिक और AI-आधारित सुरक्षा प्रणालियां

    सभी जेलों में बायोमेट्रिक सत्यापन, AI-निगरानी वाले CCTV, RFID ट्रैकिंग और पूर्ण बॉडी स्कैनर लगेंगे, ताकि खतरों पर वास्तविक समय में नज़र रखी जा सके।

पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर की जेलें उग्रवादियों और कट्टर अपराधियों की अवैध गतिविधियों का केंद्र रही हैं। तस्करी से लाए गए मोबाइल फोन और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के ज़रिए वे पाकिस्तान स्थित संचालकों से संपर्क करते रहे हैं, आतंकी वित्तपोषण संभालते रहे हैं और नए भर्ती युवाओं को कट्टर बनाते रहे हैं। पिछले मामलों में जेलों के भीतर से चलने वाले आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क और कट्टरपंथ के गिरोह सामने आए, इसलिए समर्पित खुफिया इकाइयों और आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की ज़रूरत महसूस हुई।

आगे की राह

इस योजना को लागू करने के लिए जेल कर्मियों का प्रशिक्षण, ज़ब्त उपकरणों का फोरेंसिक विश्लेषण, टेली-मेडिसिन का विस्तार और मानव संसाधन को मज़बूत करना ज़रूरी होगा। नियमित आश्चर्य जांच और समन्वित खुफिया समीक्षाएं अहम होंगी। सफलता इस पर निर्भर करेगी कि एजेंसियों के बीच सहयोग लगातार बना रहे और राष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस से इसका एकीकरण हो।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

जेल खुफिया इकाई (PIU)
जेल प्रणाली के भीतर एक समर्पित इकाई, जो कैदियों की गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाती, उसका विश्लेषण करती और साझा करती है, ताकि जेलों के भीतर से कट्टरपंथ, अवैध संचार और आतंकी गतिविधियों को रोका जा सके।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF)
गृह मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, जिसे हवाई अड्डों, परमाणु प्रतिष्ठानों और अब जेलों सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का ज़िम्मा सौंपा गया है।
AI-निगरानी वाले CCTV
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस CCTV प्रणालियां, जो संदिग्ध व्यवहार, वस्तुओं या व्यक्तियों को अपने-आप पहचानती हैं और वास्तविक समय में अलर्ट तथा फोरेंसिक विश्लेषण संभव बनाती हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: जम्मू-कश्मीर सभी जेलों में जेल खुफिया इकाइयां (PIUs) और बायोमेट्रिक प्रणाली लगाएगा

यह गलती न करें!

परीक्षक PIUs को 'स्पेशल इंटेलिजेंस ग्रुप' या 'एंटी-टेरर स्क्वाड' (ATS) जैसी मिलती-जुलती इकाइयों से भ्रमित कर सकते हैं। वे CISF की भूमिका (भीतरी घेरा/परिधि सुरक्षा) को BSF या CRPF जैसे बलों से भी बदल सकते हैं। याद रखें: जम्मू-कश्मीर की प्रमुख जेलों की सुरक्षा CISF संभालता है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • जेलों में कट्टरपंथ, खुफिया-आधारित पुलिसिंग, अंतर-एजेंसी समन्वय, आतंकी वित्तपोषण पर रोक, जेल प्रशासन का आधुनिकीकरण

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1मध्यम

    जम्मू-कश्मीर की प्रमुख जेलों को भीतरी घेरा और परिधि सुरक्षा कौन-सा सुरक्षा बल उपलब्ध करा रहा है?

  2. Q2कठिन

    जम्मू-कश्मीर में जेल आधुनिकीकरण पहल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.जेल खुफिया इकाइयों पर चर्चा के लिए बैठक की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने की थी।
    2. 2.इस पहल में केंद्रशासित प्रदेश की सभी जेलों में समर्पित जेल खुफिया इकाइयों (PIUs) का गठन शामिल है।
    3. 3.ओडिशा, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्य पहले ही ऐसी ही प्रणालियां लागू कर चुके हैं।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    जम्मू-कश्मीर में जेल खुफिया इकाइयों और बायोमेट्रिक प्रणालियों पर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  4. Q4मध्यम

    जम्मू-कश्मीर में जेल खुफिया इकाइयों (PIUs) के गठन का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. जम्मू-कश्मीर में जेल खुफिया इकाइयां (PIUs) क्या हैं?

PIUs समर्पित इकाइयां हैं, जो जम्मू-कश्मीर की सभी जेलों में बनाई जा रही हैं, ताकि जेलों के भीतर उग्रवादियों और कट्टर अपराधियों के खतरों की खुफिया जानकारी जुटाई जा सके और उन पर नज़र रखी जा सके।

2. जम्मू-कश्मीर में जेल आधुनिकीकरण पर बैठक की अध्यक्षता किसने की?

बैठक की अध्यक्षता जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोक भवन में की।

3. जम्मू-कश्मीर की प्रमुख जेलों को कौन-सा सुरक्षा बल सुरक्षा देता है?

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) जम्मू-कश्मीर की प्रमुख जेलों को भीतरी घेरा और परिधि सुरक्षा देता है।

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