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प्रिलिम्स के लिए: विशेष स्वच्छता अभियान, कबाड़ निस्तारण, रेलवे बोर्ड, अभियान का नाम, अवधि, कबाड़ निस्तारण से राजस्व, अभियान 5.0 की तुलना में बढ़ोतरी, शामिल स्थान
मेन्स के लिए: सुशासन, संसाधन दक्षता, प्रशासनिक सुधार
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चला।
- अभियान में कबाड़ निस्तारण से ₹970.33 करोड़ जुटाए गए।
- रेलवे बोर्ड ₹618.06 करोड़ के साथ सबसे अधिक राजस्व देने वाला रहा।
- नोडल मंत्रालय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय है।
- अभियान के दौरान 9.99 लाख से अधिक जन शिकायतों का निपटारा हुआ।
चर्चा में क्यों?
भारत सरकार का विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 (2-31 अक्टूबर 2026) कबाड़ निस्तारण से ₹970.33 करोड़ जुटा चुका है और पिछले सभी संस्करणों से आगे निकल गया है। इस अभियान का लक्ष्य मंत्रालयों और विभागों में स्वच्छता बढ़ाना, लंबित मामले घटाना और प्रशासनिक कार्यक्षमता सुधारना है।
सारांश
- विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चला और इसमें केंद्र सरकार के कार्यालयों के 19,88,826 स्थान शामिल थे।
- कबाड़ निस्तारण से मिला राजस्व ₹970.33 करोड़ रहा, जो विशेष स्वच्छता अभियान 5.0 की तुलना में 16% अधिक है।
- कबाड़ निस्तारण से सबसे अधिक राजस्व रेलवे बोर्ड (रेल मंत्रालय) ने ₹618.06 करोड़ कमाकर दिया।
मुख्य बातें
रिकॉर्ड स्वच्छता अभियान
विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 में लगभग 20 लाख स्थान शामिल हुए, 6,276.8 लाख वर्ग फुट जगह खाली कराई गई और ₹970 करोड़ का कबाड़ निस्तारित हुआ।
राजस्व में अग्रणी
रेलवे बोर्ड ₹618 करोड़ के साथ सबसे आगे रहा, उसके बाद सैन्य मामलों के विभाग (₹89 करोड़) और कोयला मंत्रालय (₹61 करोड़) का स्थान रहा।
लंबित मामलों में कमी
9.99 लाख से अधिक जन शिकायतों और 40,878 शिकायत अपीलों का समाधान हुआ, जिससे प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ी।
पृष्ठभूमि
वार्षिक विशेष स्वच्छता अभियान की शुरुआत 2021 में भारत सरकार ने कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत की थी। इसका उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, फाइलों और शिकायतों का बोझ कम करना और ई-कचरे सहित कबाड़ के निस्तारण से राजस्व जुटाना है। अभियान 6.0 इसका छठा संस्करण है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
अभियान में बड़ा विस्तार दिखता है: शामिल स्थान 2025 के 11,59,783 से बढ़कर 2026 में 19,88,826 हो गए (71% की बढ़ोतरी), और खाली कराई गई जगह 233.75 लाख वर्ग फुट से बढ़कर 6,276.8 लाख वर्ग फुट हो गई। ₹970 करोड़ का राजस्व रिकॉर्ड है, जिसमें अकेले रेलवे बोर्ड का योगदान कुल का 64% रहा। अभियान में लगभग 10 लाख जन शिकायतों का भी निपटारा हुआ, जो नागरिक-केंद्रित शासन पर ज़ोर दिखाता है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- विशेष स्वच्छता अभियान
- केंद्र सरकार के कार्यालयों में स्वच्छता बढ़ाने, लंबित मामले घटाने और कबाड़ निस्तारित करने की वार्षिक सरकारी पहल। इसका समन्वय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय करता है।
- कबाड़ निस्तारण
- सरकारी कार्यालयों से पुराने, अनुपयोगी या बेकार सामान (ई-कचरे सहित) को बेचने या पुनर्चक्रित करने की प्रक्रिया, जिससे राजस्व मिलता है।
- रेलवे बोर्ड
- भारतीय रेलवे की शीर्ष संस्था, जो रेल मंत्रालय के अधीन काम करती है। यह रेल संचालन की देखरेख करती है और नीति निर्माण व समन्वय की ज़िम्मेदारी निभाती है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: 2026 के विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 में कबाड़ निस्तारण से ₹970.33 करोड़ का राजस्व
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: विशेष स्वच्छता अभियान 5.0 की तुलना में 16% की बढ़ोतरी
यह गलती न करें!
परीक्षक राजस्व के आंकड़े (₹970 करोड़) को पूछ सकते हैं या किसी दूसरी योजना के कबाड़ के कुल मूल्य से उलझा सकते हैं, या अभियान का संस्करण संख्या (6.0 बनाम 5.0) बदल सकते हैं। यह भी पूछा जा सकता है कि सबसे अधिक राजस्व कौन देता है: रेलवे बोर्ड, न कि पूरा रेल मंत्रालय।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- सुशासन, संसाधन दक्षता, प्रशासनिक सुधार
कहीं अटके? एक टैप में समझें
सरकार अपने कार्यालयों में हर साल स्वच्छता अभियान चलाती है। 2026 में इस अभियान का नाम विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 था। कार्यालयों ने पुरानी फाइलें, बेकार सामान और ई-कचरा साफ़ किया और उसे कबाड़ के रूप में बेचा। इससे सरकार को ₹970 करोड़ मिले। सबसे अधिक ₹618 करोड़ से ज़्यादा रेलवे बोर्ड ने कमाए। अभियान में नागरिकों की लगभग 10 लाख लंबित शिकायतों का भी निपटारा हुआ।
- विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चला।
- अभियान में कबाड़ निस्तारण से ₹970.33 करोड़ जुटाए गए।
- रेलवे बोर्ड ₹618.06 करोड़ के साथ सबसे अधिक राजस्व देने वाला रहा।
- नोडल मंत्रालय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय है।
- अभियान के दौरान 9.99 लाख से अधिक जन शिकायतों का निपटारा हुआ।
- शासन: सुशासन और प्रशासनिक सुधार
- अर्थव्यवस्था: सरकारी राजस्व और संसाधन जुटाना
जुड़ी अवधारणाएँ: विशेष स्वच्छता अभियान, कबाड़ निस्तारण, रेलवे बोर्ड
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
विशेष स्वच्छता अभियान का नोडल मंत्रालय कौन-सा है?
व्याख्या: विशेष स्वच्छता अभियान का समन्वय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय करता है। वित्त मंत्रालय राजकोषीय नीति देखता है, गृह मंत्रालय आंतरिक सुरक्षा और पर्यावरण मंत्रालय पर्यावरण नियमन देखता है, इस अभियान का संचालन नहीं।
- Q2कठिन
विशेष अभियान 6.0 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चला।
- 2.कबाड़ निस्तारण से राजस्व ₹970.33 करोड़ रहा, जो अभियान 5.0 की तुलना में 20% अधिक है।
- 3.कबाड़ निस्तारण से सबसे अधिक राजस्व रेलवे बोर्ड ने कमाया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: अभियान 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चला। कथन 2 गलत है: बढ़ोतरी 16% थी, 20% नहीं। कथन 3 सही है: रेलवे बोर्ड ने ₹618.06 करोड़ कमाए, जो सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
विशेष अभियान 6.0 के दौरान रेलवे बोर्ड ने कबाड़ निस्तारण से कितना राजस्व कमाया?
व्याख्या: रेलवे बोर्ड ने कबाड़ निस्तारण से ₹618.06 करोड़ कमाए, जो सभी मंत्रालयों में सबसे अधिक है। ₹88.96 करोड़ सैन्य मामलों के विभाग से, ₹61.41 करोड़ कोयला मंत्रालय से आए, और ₹970.33 करोड़ सभी मंत्रालयों का कुल राजस्व है।
- Q4मध्यम
विशेष स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: अभियान का मूल उद्देश्य स्वच्छता बढ़ावा देना, लंबित फाइलें व शिकायतें निपटाना और कार्यक्षमता सुधारना है। राजस्व जुटाना एक सकारात्मक परिणाम है, मुख्य उद्देश्य नहीं। निजीकरण और कर्मचारियों की संख्या घटाना इस अभियान के उद्देश्य नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 क्या है?
विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 भारत सरकार के वार्षिक स्वच्छता अभियान का छठा संस्करण है, जो कबाड़ निस्तारण, फाइलों की समीक्षा और शिकायतों के निपटारे पर केंद्रित है।
2. विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 में कबाड़ निस्तारण से कितना राजस्व मिला?
अभियान के दौरान कबाड़ निस्तारण से कुल ₹970.33 करोड़ जुटाए गए।
3. इस अभियान में कबाड़ निस्तारण से सबसे अधिक कमाई किस मंत्रालय ने की?
रेलवे बोर्ड (रेल मंत्रालय) ने सबसे अधिक ₹618.06 करोड़ कमाए।
4. विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 कब चलाया गया?
अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
