प्रिलिम्स के लिए: महारत्न CPSE, स्थापित क्षमता, प्लांट लोड फैक्टर (PLF), NTPC का पूर्ण रूप, नोडल मंत्रालय, मौजूदा क्षमता, क्षमता लक्ष्य और वर्ष, वर्तमान संदर्भ
मेन्स के लिए: महारत्न CPSE, ऊर्जा संक्रमण, नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण, थर्मल बिजली का विस्तार
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- NTPC की स्थापना 1975 में हुई थी।
- NTPC एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है।
- NTPC की मौजूदा स्थापित क्षमता 91,668 MW है।
- NTPC का लक्ष्य 2032 तक 149 GW क्षमता का है।
- NTPC विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
चर्चा में क्यों?
NTPC लिमिटेड, भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी (एक महारत्न CPSE), ने अपना 52वां स्थापना दिवस मनाया। कंपनी का लक्ष्य 2032 तक स्थापित क्षमता को मौजूदा 91,668 MW से बढ़ाकर 149 GW करना है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर ध्यान दे रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश में 1,000 MW की सौर परियोजनाएं और सिंगरौली तथा मेजा संयंत्रों में क्षमता वृद्धि शामिल है।
सारांश
- NTPC की स्थापना 1975 में हुई थी। यह विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है।
- इसकी मौजूदा स्थापित क्षमता 91,668 MW है, और 2032 तक का लक्ष्य 149 GW का है।
- आगामी प्रमुख परियोजनाएं हैं: सिंगरौली स्टेज-III (1,600 MW), मेजा विस्तार (2,400 MW) और उत्तर प्रदेश में 1,000 MW की सौर परियोजनाएं।
- 4 नवंबर 2026 तक उत्तरी क्षेत्र ने 69,964.63 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया है, जो NTPC समूह के कुल उत्पादन का 24.9% है। इसका प्लांट लोड फैक्टर (PLF) 75% रहा।
मुख्य बातें
NTPC की 52 वर्षों की यात्रा
NTPC की स्थापना 1975 में हुई थी, इसकी पहली परियोजना सिंगरौली में लगी। आज यह 91,668 MW क्षमता के साथ भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी है।
2032 का लक्ष्य: 149 GW
कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा और नई थर्मल परियोजनाओं के सहारे 2032 तक क्षमता को 149 GW तक ले जाने की योजना बना रही है।
हरित और सामाजिक पहल
NTPC के उत्तरी क्षेत्र ने 2.38 लाख से अधिक पौधे लगाए हैं और 86.12% फ्लाई ऐश उपयोग हासिल किया है, जो पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है।
पृष्ठभूमि
NTPC लिमिटेड की स्थापना 1975 में एक थर्मल बिजली कंपनी के रूप में हुई। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में इसकी पहली परियोजना भारत में बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन की शुरुआत थी। पांच दशकों में NTPC थर्मल, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा को मिलाकर एक विविधीकृत पोर्टफोलियो वाला महारत्न CPSE बन गई है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
2032 तक 149 GW का लक्ष्य मौजूदा क्षमता से 62% की वृद्धि है और यह 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के भारत के लक्ष्य से मेल खाता है। उत्तर प्रदेश में 1,000 MW सौर पर ज़ोर राज्य स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को दिखाता है। उत्तरी क्षेत्र का 75% PLF संयंत्रों के कुशल उपयोग का संकेत है, जबकि 86.12% फ्लाई ऐश उपयोग पर्यावरणीय नियमों के पालन की दिशा में है।
आगे की राह
सिंगरौली स्टेज-III (1,600 MW) और मेजा विस्तार (2,400 MW) का क्रियान्वयन अहम होगा। नेट-ज़ीरो लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए NTPC को थर्मल क्षमता जोड़ने और नवीकरणीय ऊर्जा को एकीकृत करने के बीच संतुलन साधना होगा। वृद्धाश्रम जैसी CSR गतिविधियां समुदाय से संबंध मज़बूत करती हैं।
उत्तर प्रदेश से जुड़ाव
उत्तर प्रदेश की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:UPPSC 7/10
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- महारत्न CPSE
- भारत में केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों की सर्वोच्च श्रेणी, जिसे वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता अधिक मिलती है। NTPC एक महारत्न कंपनी है।
- स्थापित क्षमता
- किसी बिजली संयंत्र द्वारा विशेष परिस्थितियों में उत्पादित की जा सकने वाली अधिकतम विद्युत शक्ति, जो MW या GW में मापी जाती है।
- प्लांट लोड फैक्टर (PLF)
- किसी अवधि में वास्तविक उत्पादन और अधिकतम संभावित उत्पादन का अनुपात, जो संयंत्र की दक्षता बताता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 91,668 MW (मौजूदा क्षमता), 149 GW (2032 का लक्ष्य)
- इन पर ध्यान दें: 2026 में 52वां स्थापना दिवस (स्थापना वर्ष 1975)
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: विद्युत मंत्रालय
यह गलती न करें!
छात्र NTPC के क्षमता लक्ष्य (149 GW) को भारत के समग्र नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य (2030 तक 500 GW) से भ्रमित कर सकते हैं। साथ ही, 91,668 MW NTPC की मौजूदा क्षमता है, पूरे भारत की स्थापित क्षमता नहीं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- महारत्न CPSE, ऊर्जा संक्रमण, नवीकरणीय ऊर्जा का एकीकरण, थर्मल बिजली का विस्तार
कहीं अटके? एक टैप में समझें
NTPC भारत की सबसे बड़ी बिजली कंपनी है, जिसकी स्थापना 1975 में हुई। इसकी मौजूदा स्थापित क्षमता 91,668 MW है। कंपनी नई थर्मल और सौर बिजली परियोजनाएं बनाकर 2032 तक इसे 149 GW तक ले जाने की योजना बना रही है। इसका 52वां स्थापना दिवस लखनऊ में मनाया गया।
- NTPC की स्थापना 1975 में हुई थी।
- NTPC एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है।
- NTPC की मौजूदा स्थापित क्षमता 91,668 MW है।
- NTPC का लक्ष्य 2032 तक 149 GW क्षमता का है।
- NTPC विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
- अर्थव्यवस्था: बुनियादी ढांचा: ऊर्जा
- स्थिर सामान्य ज्ञान: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
जुड़ी अवधारणाएँ: महारत्न CPSE, स्थापित क्षमता, प्लांट लोड फैक्टर (PLF)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
NTPC लिमिटेड, एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम, किस मंत्रालय के अधीन है?
व्याख्या: NTPC भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन काम करता है। वित्त मंत्रालय राजकोषीय नीति संभालता है, बिजली उत्पादन नहीं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय नवीकरणीय स्रोतों पर केंद्रित है, पर NTPC का मूल मंत्रालय विद्युत है। कोयला मंत्रालय कोयला उत्पादन से जुड़ा है।
- Q2कठिन
NTPC के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.NTPC की स्थापना वर्ष 1975 में हुई थी।
- 2.इसकी मौजूदा स्थापित क्षमता 91,668 MW है।
- 3.NTPC का लक्ष्य 2040 तक 149 GW क्षमता तक पहुंचना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: NTPC की स्थापना 1975 में हुई थी। कथन 2 सही है: इसकी मौजूदा स्थापित क्षमता 91,668 MW है। कथन 3 गलत है: लक्ष्य 2040 नहीं, 2032 तक 149 GW का है। इसलिए विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
NTPC ने वर्ष 2032 के लिए कौन-सा क्षमता लक्ष्य तय किया है?
व्याख्या: NTPC का लक्ष्य 2032 तक अपनी क्षमता बढ़ाकर 149 GW करना है।
- Q4मध्यम
2032 तक 149 GW लक्ष्य का मुख्य रणनीतिक महत्व क्या है?
व्याख्या: 1,000 MW सौर परियोजनाओं सहित NTPC का विस्तार 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के भारत के संकल्प को सहारा देता है। थर्मल बिजली को चरणबद्ध तरीके से बंद करना लक्ष्य नहीं है; लक्ष्य में थर्मल और नवीकरणीय दोनों तरह की क्षमता शामिल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. NTPC की मौजूदा स्थापित क्षमता कितनी है?
NTPC की मौजूदा स्थापित क्षमता 91,668 MW है।
2. 2032 के लिए NTPC का क्षमता लक्ष्य क्या है?
NTPC 2032 तक अपनी क्षमता बढ़ाकर 149 GW करना चाहता है।
3. NTPC की स्थापना कब हुई थी?
NTPC की स्थापना वर्ष 1975 में हुई थी।
4. NTPC किस मंत्रालय के अधीन है?
NTPC विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न CPSE है।
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मूल खबर7 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

