Super Current Affairs

पर्यावरण

COP31 तुर्की: लैंडफिल से मीथेन का उत्सर्जन उपग्रहों से पकड़ा गया, जलवायु संकट की बड़ी चुनौती

7 नवंबर 20263 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 7 / 79

प्रिलिम्स के लिए: मीथेन (CH₄), वैश्विक तापन क्षमता (GWP), COP (पक्षकारों का सम्मेलन), ग्लोबल मीथेन प्लेज (GMP), लैंडफिल गैस, COP31 मेज़बान, COP31 की तिथियां, पहले 20 वर्षों में मीथेन की शक्ति बनाम CO₂

मेन्स के लिए: मीथेन में कटौती, अल्पकालिक जलवायु प्रदूषक, अपशिष्ट से ऊर्जा, उपग्रह निगरानी (Tanager-1), COP31 की प्राथमिकताएं

स्रोत:The HinduThe Hindu

चर्चा में क्यों?

COP31 तुर्की के अंताल्या में 9 से 20 नवंबर 2026 तक हो रहा है, जिसमें मीथेन में कटौती को प्राथमिकता दी गई है। उपग्रह आंकड़ों से पता चला है कि तुर्की के लैंडफिल दुनिया के सबसे बड़े मीथेन उत्सर्जकों में शामिल हैं। इस्तांबुल के पास सेमेन लैंडफिल औसतन 7.4 टन मीथेन प्रति घंटे उत्सर्जित करता है। अल्पावधि में मीथेन CO₂ से 80 गुना से ज़्यादा शक्तिशाली है, इसलिए जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार धीमी करने के लिए इसमें कटौती बेहद ज़रूरी है।

सारांश

  • CO₂ के बाद जलवायु परिवर्तन का दूसरा सबसे बड़ा कारण मीथेन है, और पहले 20 वर्षों में यह CO₂ से 80 गुना से ज़्यादा शक्तिशाली है।
  • Climate TRACE के अनुसार ठोस कचरे से मीथेन उत्सर्जन में तुर्की दुनिया में पांचवें स्थान पर है, इससे पहले चीन, अमेरिका, रूस और ब्राज़ील हैं।
  • उपग्रह अवलोकन (Tanager-1, जनवरी 2025 से मई 2026) में तुर्की की सबसे अधिक उत्सर्जन वाली 10 कचरा साइटों से 70 प्लूम पाए गए, जिनकी दर 841 किलोग्राम से 7.4 टन प्रति घंटे तक थी।
  • COP26 में शुरू किया गया ग्लोबल मीथेन प्लेज (GMP) 2030 तक मीथेन उत्सर्जन को 2020 के स्तर से 30% घटाने का लक्ष्य रखता है। तुर्की इसका भागीदार नहीं है।
  • तुर्की की ज़ीरो वेस्ट पहल का उद्देश्य लैंडफिल में जाने वाला कचरा कम करना है। इससे राष्ट्रीय पुनर्प्राप्ति दर 2017 के 13% से बढ़कर 2025 में 37.53% हो गई है।

मुख्य बातें

  • तुर्की में COP31

    संयुक्त राष्ट्र का जलवायु शिखर सम्मेलन 9 से 20 नवंबर 2026 तक अंताल्या में हो रहा है, जिसमें मीथेन में कटौती एक प्रमुख प्राथमिकता है।

  • उपग्रह ने मीथेन प्लूम का पता लगाया

    Tanager-1 उपग्रह आंकड़ों में तुर्की के शीर्ष 10 लैंडफिल साइटों से 70 मीथेन प्लूम मिले, और सेमेन लैंडफिल औसतन 7.4 टन प्रति घंटे उत्सर्जित करता पाया गया।

  • कटौती की संभावना और चुनौतियां

    सबसे बड़े लैंडफिल पर ध्यान देने से उत्सर्जन में असमानुपातिक कटौती हो सकती है, पर इसके लिए जैविक कचरे का रुख मोड़ना और गैस संग्रहण प्रणालियों को बेहतर बनाना ज़रूरी है।

पृष्ठभूमि

मीथेन (CH₄) CO₂ के बाद सबसे महत्वपूर्ण ग्रीनहाउस गैस है। 20 वर्षों की अवधि में इसकी वैश्विक तापन क्षमता CO₂ से 80 गुना से अधिक है। लैंडफिल में जैविक पदार्थ ऑक्सीजन के बिना सड़ते हैं, जिससे मीथेन निकलती है, इसलिए कचरा क्षेत्र मानव-जनित इसका बड़ा स्रोत है। COP26 (2021) में शुरू हुआ ग्लोबल मीथेन प्लेज (GMP) 2030 तक मीथेन उत्सर्जन को 2020 के स्तर से सामूहिक रूप से 30% घटाने का लक्ष्य रखता है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

तुर्की का कचरा क्षेत्र दिखाता है कि नीति के इरादे और ज़मीनी हकीकत में कितना अंतर है। बड़े लैंडफिल में गैस संग्रहण प्रणाली होने के बावजूद उपग्रह आंकड़ों में बड़े रिसाव लगातार दिखते हैं। सेमेन लैंडफिल की औसत दर 7.4 टन प्रति घंटा दुनिया के सबसे बड़े दर्ज उत्सर्जकों में इसे शामिल करती है। 2024 तक के दशक में कचरे से तुर्की का मीथेन उत्सर्जन लगभग 25% बढ़ा, जबकि वैश्विक औसत वृद्धि 6.5% रही। देश GMP का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है, लेकिन COP31 इससे जुड़ने का मंच दे सकता है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार लैंडफिल से मीथेन घटाने के लिए दो स्तरीय रणनीति चाहिए: कचरा डंप तक पहुंचने से पहले जैविक कचरे का रुख मोड़ना (जैसे खाद बनाना और पुनर्चक्रण), और मौजूदा लैंडफिल में बेहतर संग्रहण प्रणाली तथा फटे कवर या खराब गैस कुओं की मरम्मत से संग्रहण दर बढ़ाना। तुर्की की ज़ीरो वेस्ट पहल ने पुनर्प्राप्ति दर 37.53% तक पहुंचाई है, जो प्रगति दर्शाती है, पर मीथेन संग्रहण और पुनः उपयोग लागू करने के लिए सख्त नियमन चाहिए। GMP से जुड़ना प्रतिबद्धता का संकेत दे सकता है, लेकिन उसके लिए प्रभावी अमल भी ज़रूरी है।

मीथेन बनाम कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)

विशेषतामीथेन (CH₄)कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)
वायुमंडलीय जीवनकाललगभग 12 वर्षसैकड़ों से हज़ारों वर्ष
वैश्विक तापन क्षमता (20 वर्ष)CO₂ से 80 गुना से अधिक1 (आधार)
वैश्विक तापन क्षमता (100 वर्ष)CO₂ से लगभग 28-36 गुना1 (आधार)
मुख्य स्रोतलैंडफिल, पशुपालन, जीवाश्म ईंधनजीवाश्म ईंधन का जलना, वनों की कटाई

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

मीथेन (CH₄)
एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस, जो प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक है। यह लैंडफिल, कृषि (पशुपालन) और जीवाश्म ईंधन निष्कर्षण से निकलती है। 100 वर्षों में इसकी वैश्विक तापन क्षमता CO₂ की 28 से 36 गुना और 20 वर्षों में 80 गुना से अधिक है।
वैश्विक तापन क्षमता (GWP)
किसी गैस की 1 टन उत्सर्जन द्वारा निश्चित अवधि में ऊष्मा सोखने की क्षमता का माप, जो 1 टन CO₂ के सापेक्ष होता है। GWP जितना अधिक हो, तापन प्रभाव उतना अधिक होता है।
COP (पक्षकारों का सम्मेलन)
संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) का सर्वोच्च निर्णय-निकाय। यह प्रगति की समीक्षा करने और जलवायु कार्रवाई पर बातचीत के लिए हर साल बैठक करता है।
ग्लोबल मीथेन प्लेज (GMP)
COP26 (2021) में शुरू की गई एक स्वैच्छिक पहल, जिसका लक्ष्य 2030 तक वैश्विक मीथेन उत्सर्जन को 2020 के स्तर से कम से कम 30% घटाना है।
लैंडफिल गैस
गैसों का मिश्रण (मुख्यतः मीथेन और CO₂), जो लैंडफिल में जैविक कचरे के सड़ने से बनता है। इसे संग्रहित करके बिजली बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: तुर्की का सेमेन लैंडफिल औसतन 7.4 टन मीथेन प्रति घंटा उत्सर्जित करता है; पहले 20 वर्षों में मीथेन CO₂ से 80 गुना से अधिक शक्तिशाली है।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: COP के लिए संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC); इस विदेशी समाचार के लिए कोई एक भारतीय मंत्रालय नहीं है।
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: ग्लोबल मीथेन प्लेज का लक्ष्य: 2030 तक 2020 के स्तर से 30% कटौती।

यह गलती न करें!

ग्लोबल मीथेन प्लेज को कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि समझना गलत है, यह स्वैच्छिक प्रतिज्ञा है। साथ ही, मीथेन के 20 वर्षीय GWP (80 गुना) और 100 वर्षीय GWP (लगभग 28 गुना) को आपस में बदलना भी गलती होगी। तुर्की इस प्लेज का हस्ताक्षरकर्ता नहीं, केवल मेज़बान है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • मीथेन में कटौती, अल्पकालिक जलवायु प्रदूषक, अपशिष्ट से ऊर्जा, उपग्रह निगरानी (Tanager-1), COP31 की प्राथमिकताएं

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    COP26 में शुरू की गई कौन-सी अंतरराष्ट्रीय पहल 2030 तक मीथेन उत्सर्जन को 2020 के स्तर से 30% घटाने का लक्ष्य रखती है?

  2. Q2कठिन

    मीथेन उत्सर्जन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.वायुमंडल में पहले 20 वर्षों में मीथेन कार्बन डाइऑक्साइड से 80 गुना से अधिक शक्तिशाली है।
    2. 2.तुर्की ग्लोबल मीथेन प्लेज का हस्ताक्षरकर्ता है।
    3. 3.तुर्की के लैंडफिल से मीथेन प्लूम का पता लगाने में Tanager-1 उपग्रह का उपयोग हुआ।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    इस्तांबुल के पास सेमेन लैंडफिल से पाई गई औसत मीथेन उत्सर्जन दर कितनी थी?

  4. Q4मध्यम

    निकट अवधि में जलवायु परिवर्तन की रफ़्तार धीमी करने के लिए मीथेन उत्सर्जन में कटौती को महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. COP31 क्या है और यह कहां हो रहा है?

COP31 2026 का संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन है, जो 9 से 20 नवंबर 2026 तक तुर्की के अंताल्या में हो रहा है।

2. COP31 में मीथेन में कटौती को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है?

पहले 20 वर्षों में मीथेन CO₂ से 80 गुना से अधिक शक्तिशाली है, इसलिए इसमें कटौती से तापन अपेक्षाकृत जल्दी धीमा हो सकता है। तुर्की ने इस शिखर सम्मेलन के लिए मीथेन में कटौती को एक प्रमुख विषय बनाया है।

3. उपग्रहों ने तुर्की के लैंडफिल के बारे में क्या पता लगाया?

उपग्रह आंकड़ों (Tanager-1) में तुर्की की सबसे अधिक उत्सर्जन वाली 10 कचरा साइटों से 70 मीथेन प्लूम मिले, और इस्तांबुल के पास सेमेन लैंडफिल औसतन 7.4 टन मीथेन प्रति घंटे उत्सर्जित करता पाया गया।

4. ग्लोबल मीथेन प्लेज क्या है?

COP26 में शुरू हुई यह स्वैच्छिक प्रतिज्ञा 2030 तक वैश्विक मीथेन उत्सर्जन को 2020 के स्तर से कम से कम 30% घटाने का लक्ष्य रखती है। तुर्की इसका भागीदार नहीं है।

सभी स्रोत

इसी विषय, राज्य या परीक्षा की पिछले 30 दिनों की खबरें

पर्यावरणUPSC: महत्वपूर्ण

जलवायु परिवर्तन से 2050 तक बारिश-आधारित धान और गेहूं की पैदावार 20% तक घट सकती है

  • प्रमुख सिफारिशें: मृदा पुनरुद्धार आधारित खेती, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण
  • शिखर सम्मेलन की मेज़बानी: IIT कानपुर
पृष्ठभूमि GK: बारिश-आधारित कृषिनोडल: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालययह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटHindustan
पर्यावरणराजस्थानUPSC: अति महत्वपूर्ण

राजस्थान को RE-SAF पुरस्कार: 51.6 GW नवीकरणीय, 45 GW सौर

  • पुरस्कार ढांचा: नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचा (RE-SAF)
  • नोडल मंत्रालय: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
पृष्ठभूमि GK: नवीकरणीय ऊर्जानोडल: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालययह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटThe Hindu
पर्यावरणदिल्लीUPSC: महत्वपूर्ण

दिल्ली का AQI 382 'अति खराब', GRAP-III लागू, 11 केंद्रों में डेटा की कमी

  • लागू GRAP चरण: तीसरा चरण
  • GRAP के लिए नोडल निकाय: NCR और उससे लगे क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)
पृष्ठभूमि GK: श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP)श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP)नोडल: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)यह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटIndian Express
पर्यावरणउत्तर प्रदेशUPPSC: अति महत्वपूर्ण

दुनिया के सबसे प्रदूषित 50 शहरों में सभी भारत के, 21 यूपी के

  • वर्तमान संदर्भ: 6 नवंबर 2026: दुनिया के सबसे प्रदूषित 50 शहरों में सभी भारत के, 21 उत्तर प्रदेश के (स्रोत: aqi.in)
  • 6 नवंबर 2026 को यूपी के शीर्ष 2 शहर: फिरोजाबाद (AQI 463), आगरा (AQI 430)
पृष्ठभूमि GK: वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)नोडल: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)यह गलती न करें!
4 प्रश्न · 3 मिनटDainik Bhaskar
पर्यावरणUPSC: अति महत्वपूर्ण

सर्वोच्च न्यायालय: अस्थायी और गैर-निवासी रेशम कपास उत्पादक FRA अधिनियम के तहत पात्र नहीं

  • मामले का नाम: अगस्त्यमलाई संरक्षण मामला
  • न्यायालय: भारत का सर्वोच्च न्यायालय (पीठ: न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता)
पृष्ठभूमि GK: अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 (FRA अधिनियम)नोडल: भारत का सर्वोच्च न्यायालययह गलती न करें!
4 प्रश्न · 3 मिनटThe Hindu
पर्यावरणतेलंगानाUPSC: महत्वपूर्ण

एनजीटी ने रामप्पा मंदिर के पास कोयला खदान का स्वतः संज्ञान लिया

  • नोडल निकाय: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)
  • धरोहर स्थल: काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर (रामप्पा मंदिर), यूनेस्को विश्व धरोहर
पृष्ठभूमि GK: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010नोडल: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT)यह गलती न करें!
4 प्रश्न · 2 मिनटHindustan