प्रिलिम्स के लिए: API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस), सिंगल साइन-ऑन (SSO), प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA), स्टार्टअप इंडिया पोर्टल, I-STEM का पूरा नाम, नोडल निकाय, उद्देश्य, मुख्य आंकड़े
मेन्स के लिए: API एकीकरण, डीप-टेक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, अनुसंधान एवं विकास लागत में कमी, शोध ढांचे का साझा उपयोग, उद्योग-शिक्षा संबंध
स्रोत:PIB
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के बीच API एकीकरण 6 नवंबर 2026 को शुरू हुआ।
- I-STEM का पूरा नाम भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी सुविधा मानचित्र है।
- यह एकीकरण प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय और DPIIT ने शुरू किया।
- I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण सूचीबद्ध हैं।
- प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद हैं।
चर्चा में क्यों?
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय और उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने स्टार्टअप इंडिया पोर्टल को API के ज़रिए I-STEM पोर्टल से जोड़ दिया है। इससे DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप 4,044 संस्थानों के 31,540 से अधिक वैज्ञानिक उपकरणों तक पहुंच पा सकेंगे। इसका उद्देश्य अनुसंधान एवं विकास की लागत घटाना, महंगी पूंजी-गहन सुविधाओं के दोहराव से बचना और डीप-टेक नवाचार को बढ़ावा देना है।
सारांश
- स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के बीच API एकीकरण 6 नवंबर 2026 को प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद की अध्यक्षता में शुरू किया गया।
- इस पहल से DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को वैज्ञानिक और परीक्षण सुविधाएं खोजने और उनका उपयोग करने में आसानी होगी, और महंगे उपकरणों में अलग से पूंजी लगाने की ज़रूरत घटेगी।
- I-STEM (भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी सुविधा मानचित्र) में अभी 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण सूचीबद्ध हैं।
- इस एकीकरण से उद्योग और शिक्षा जगत के बीच संबंध मज़बूत होने और डीप-टेक स्टार्टअप को तकनीक विकास, प्रोटोटाइप, परीक्षण और सत्यापन में सहायता मिलने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
API एकीकरण
स्टार्टअप इंडिया पोर्टल और I-STEM पोर्टल अब API के ज़रिए जुड़ गए हैं, और आगे के चरणों में सिंगल साइन-ऑन (SSO) सुविधा देने का प्रस्ताव है।
31,540 उपकरणों तक पहुंच
DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप I-STEM पर 4,044 संस्थानों की सूचीबद्ध वैज्ञानिक और परीक्षण सुविधाएं खोज सकते हैं और उनके उपयोग का अनुरोध कर सकते हैं।
डीप-टेक स्टार्टअप को बढ़ावा
इस पहल का उद्देश्य अनुसंधान एवं विकास की लागत घटाना, पूंजी-गहन सुविधाओं का दोहराव रोकना और डीप-टेक नवाचार के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के संबंध मज़बूत करना है।
पृष्ठभूमि
भारत का स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र तेज़ी से बढ़ा है और DPIIT ने हज़ारों स्टार्टअप को मान्यता दी है। लेकिन महंगे वैज्ञानिक उपकरणों और परीक्षण सुविधाओं तक पहुंच एक बाधा बनी रही, खासकर डीप-टेक स्टार्टअप के लिए। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) के कार्यालय के तहत I-STEM पोर्टल शैक्षणिक और शोध संस्थानों के शोध ढांचे को मानचित्रित करने और साझा करने के लिए बनाया गया था। यह API एकीकरण दोनों मंचों को जोड़ता है और स्टार्टअप की मांग को उपलब्ध सुविधाओं से मिलाता है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
इस एकीकरण से स्टार्टअप को महंगे पूंजी उपकरणों में अलग से निवेश करने की ज़रूरत कम होती है, जिससे अनुसंधान लागत घटती है और दोहराव से बचाव होता है। इससे सार्वजनिक धन से बने शोध ढांचे का बेहतर उपयोग भी हो सकता है, जो अक्सर कम इस्तेमाल में रहता है। DPIIT मान्यता की स्वचालित जांच से पंजीकरण की प्रक्रिया सरल होती है। फिर भी उपयोग के अनुरोध मेज़बान संस्थान की मंज़ूरी पर निर्भर हैं। खोज और आवेदन की प्रक्रिया आसान होने से डीप-टेक स्टार्टअप के उत्पाद विकास, परीक्षण और सत्यापन के चक्र तेज़ हो सकते हैं।
आगे की राह
इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि अधिक शोध सुविधाएं जुड़ें, I-STEM पर ढांचे की जानकारी नियमित रूप से अद्यतन हो, और स्टार्टअप तथा मेज़बान संस्थानों के साथ लगातार संपर्क बना रहे। आगे के चरणों में प्रस्तावित सिंगल साइन-ऑन (SSO) सुविधा से पहुंच और आसान होगी। इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में बढ़ाया जा सकता है या इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय नवाचार पोर्टलों से जोड़ा जा सकता है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस)
- नियमों और उपकरणों का एक समूह, जिससे अलग-अलग सॉफ़्टवेयर एप्लिकेशन एक-दूसरे से संवाद कर सकें और डेटा साझा कर सकें।
- सिंगल साइन-ऑन (SSO)
- एक प्रमाणीकरण प्रणाली, जिसमें उपयोगकर्ता एक बार लॉग इन करके बिना दोबारा पहचान दिए कई अलग सॉफ़्टवेयर प्रणालियों तक पहुंच सकता है।
- प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA)
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति पर भारत सरकार के मुख्य सलाहकार, जो PSA कार्यालय का नेतृत्व करते हैं।
- स्टार्टअप इंडिया पोर्टल
- DPIIT के तहत एक सरकारी पोर्टल, जो भारत में स्टार्टअप की मान्यता, पंजीकरण और सहायता के लिए है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 6 नवंबर 2026 तक I-STEM पर 4,044 संस्थानों के 31,540 उपकरण
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) का कार्यालय और उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
यह गलती न करें!
छात्र I-STEM को SATHI (Sophisticated Analytical & Technical Help Institutes) या SAIF (Sophisticated Analytical Instrument Facilities) जैसे अन्य विज्ञान पोर्टलों से भ्रमित कर सकते हैं। I-STEM विशेष रूप से भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी सुविधा मानचित्र है, जो संस्थानों में शोध उपकरणों को मानचित्रित करने और उन तक पहुंच देने पर केंद्रित है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- API एकीकरण, डीप-टेक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, अनुसंधान एवं विकास लागत में कमी, शोध ढांचे का साझा उपयोग, उद्योग-शिक्षा संबंध
कहीं अटके? एक टैप में समझें
भारत सरकार ने दो पोर्टल जोड़े हैं: स्टार्टअप इंडिया और I-STEM। स्टार्टअप इंडिया पर सरकार स्टार्टअप को मान्यता देती है। I-STEM भारतीय शोध संस्थानों में उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों का मानचित्र है। अब मान्यता प्राप्त स्टार्टअप इस मानचित्र पर खोज सकते हैं और उपकरण के उपयोग का अनुरोध कर सकते हैं। इससे उन्हें महंगी मशीनें खुद खरीदने की ज़रूरत नहीं पड़ती और मौजूदा सुविधाओं का बेहतर उपयोग होता है।
- स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के बीच API एकीकरण 6 नवंबर 2026 को शुरू हुआ।
- I-STEM का पूरा नाम भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी सुविधा मानचित्र है।
- यह एकीकरण प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय और DPIIT ने शुरू किया।
- I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण सूचीबद्ध हैं।
- प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद हैं।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: विज्ञान और नवाचार के लिए सरकारी पहल
- शासन: ई-गवर्नेंस और डिजिटल मंच
जुड़ी अवधारणाएँ: API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस), सिंगल साइन-ऑन (SSO), प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA), स्टार्टअप इंडिया पोर्टल
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1मध्यम
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) किस मंत्रालय के अधीन है, जिसने स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ API एकीकरण की शुरुआत की?
व्याख्या: DPIIT वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन एक विभाग है। प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय एक स्वतंत्र सरकारी कार्यालय है, जो प्रधानमंत्री कार्यालय को रिपोर्ट करता है, न कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय को।
- Q2मध्यम
स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के API एकीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.इस एकीकरण से DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप मेज़बान संस्थान की मंज़ूरी के बिना I-STEM पर सूचीबद्ध सभी उपकरणों को स्वचालित रूप से उपयोग कर सकते हैं।
- 2.I-STEM पोर्टल भारत में पंजीकृत शैक्षणिक और शोध संस्थानों के वैज्ञानिक उपकरण और सुविधाएं सूचीबद्ध करता है।
- 3.एकीकरण के आगे के चरणों में सिंगल साइन-ऑन (SSO) सुविधा जोड़ने का प्रस्ताव है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है, क्योंकि व्यक्तिगत उपयोग अनुरोधों का तकनीकी उपयुक्तता, उपलब्धता और शुल्क के आधार पर मेज़बान संस्थानों द्वारा मूल्यांकन और स्वीकृति आवश्यक है। कथन 2 सही है: I-STEM शैक्षणिक और शोध संस्थानों के उपकरणों का मानचित्र है। कथन 3 सही है: बाद के चरणों के लिए SSO प्रस्तावित है।
- Q3मध्यम
6 नवंबर 2026 तक I-STEM पोर्टल पर कितने उपकरण सूचीबद्ध थे?
व्याख्या: 6 नवंबर 2026 तक I-STEM पर 31,540 उपकरण सूचीबद्ध थे।
- Q4मध्यम
स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के बीच API एकीकरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: इस एकीकरण का उद्देश्य स्टार्टअप को मौजूदा वैज्ञानिक और परीक्षण सुविधाओं से जोड़कर अनुसंधान लागत घटाना और दोहराव रोकना है। यह न अनुदान देता है, न नई प्रयोगशाला बनाता है, न पंजीकरण की जगह लेता है। यह केवल मौजूदा सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. I-STEM पोर्टल क्या है?
I-STEM का पूरा नाम भारतीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी सुविधा मानचित्र है। यह भारत के शैक्षणिक और शोध संस्थानों के वैज्ञानिक उपकरणों और शोध सुविधाओं की सूची देने वाला पोर्टल है, ताकि उनका साझा और बेहतर उपयोग हो सके।
2. स्टार्टअप इंडिया और I-STEM के बीच API एकीकरण किसने शुरू किया?
यह एकीकरण 6 नवंबर 2026 को प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने DPIIT के सहयोग से शुरू किया, जिसकी अध्यक्षता प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने की।
3. नवंबर 2026 तक I-STEM पर कितने उपकरण सूचीबद्ध हैं?
6 नवंबर 2026 तक I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण सूचीबद्ध थे।
4. इस एकीकरण से स्टार्टअप को क्या लाभ मिलता है?
इससे DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप I-STEM पर वैज्ञानिक और परीक्षण सुविधाएं खोज सकते हैं और उनके उपयोग का अनुरोध कर सकते हैं, जिससे अनुसंधान लागत घटती है और महंगे उपकरणों में अलग से पूंजी लगाने की ज़रूरत कम होती है।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

