प्रिलिम्स के लिए: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, फॉर्म-6, छूटे हुए मतदाता, SIR का पूरा नाम, ASDD का पूरा नाम, कानूनी सुरक्षा, दावे/आपत्तियों की अंतिम तिथि
मेन्स के लिए: मतदाता सूची पुनरीक्षण, मतदाता समावेशन, RPA 1950 की धारा 31, ASDD श्रेणियां
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची से SIR के दौरान 47.56 लाख मतदाता बाहर रह गए।
- SIR का अर्थ है मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण।
- ASDD का अर्थ है अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट श्रेणियां।
- नए गणना फॉर्म व्हाट्सएप, ERO कार्यालय या ECINET ऐप के जरिए जमा किए जा सकते हैं।
- दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 है।
चर्चा में क्यों?
दिल्ली निर्वाचन आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर रह गए 47.56 लाख मतदाताओं को नए गणना फॉर्म जारी करेगा। यह उन मतदाताओं के लिए एक बार की राहत है जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट (ASDD) चिह्नित किया गया था, ताकि वे अपना नाम अंतिम मतदाता सूची में जुड़वा सकें।
सारांश
- SIR प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर रह गए 47.56 लाख मतदाताओं को दिल्ली निर्वाचन आयोग नए गणना फॉर्म जारी करेगा।
- जून से 17 अगस्त के बीच गणना के दौरान ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) चिह्नित मतदाता दोबारा आवेदन कर सकते हैं; जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
- EPIC नंबर का उपयोग करके फॉर्म व्हाट्सएप, ERO कार्यालय या ऑनलाइन (निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या ECINET ऐप) के जरिए जमा किए जा सकते हैं।
मुख्य बातें
47.56 लाख छूटे हुए मतदाताओं के लिए नए गणना फॉर्म
दिल्ली निर्वाचन आयोग SIR के दौरान ड्राफ्ट सूची से नाम हटे मतदाताओं को नए फॉर्म जारी करेगा, ताकि वे दोबारा शामिल हो सकें।
RPA 1950 की धारा 31 के तहत कोई कानूनी कार्रवाई नहीं
जिन मतदाताओं ने पुनः शामिल होने के लिए फॉर्म-6 भरा है, उनके खिलाफ केवल इसलिए कार्रवाई नहीं होगी कि उनका नाम पहले की मतदाता सूची में था।
फॉर्म जमा करने के कई माध्यम
EPIC नंबर के जरिए फॉर्म व्हाट्सएप, ERO कार्यालय, वेबसाइट या ECINET ऐप से जमा किए जा सकते हैं।
पृष्ठभूमि
दिल्ली निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया चलाई। जून से 17 अगस्त के बीच गणना के दौरान कई मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट (ASDD) चिह्नित किया गया और 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। इससे 47.56 लाख मतदाता प्रभावित हुए, जिसके बाद यह राहत उपाय लाया गया।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
इस कदम से बाहर रह गए मतदाताओं को दूसरा मौका मिलता है, जिससे मतदाता समावेशन सुनिश्चित होता है। व्हाट्सएप और ऑनलाइन माध्यम (ECINET ऐप, वेबसाइट) प्रक्रिया को सरल बनाते हैं। दावे/आपत्तियों की समय-सीमा 25 नवंबर 2026 तक बढ़ाने से अधिक समय मिला है। RPA 1950 की धारा 31 के तहत फॉर्म-6 दाखिल करने वाले वास्तविक मतदाताओं को परेशान होने से कानूनी सुरक्षा मिलती है।
दिल्ली से जुड़ाव
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पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)
- निर्वाचन आयोग का एक विशेष अभियान, जिसमें किसी क्षेत्र की मतदाता सूची को गहनता से संशोधित और अद्यतन किया जाता है, अक्सर चुनाव से पहले।
- जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950
- वह अधिनियम जो संसद और राज्य विधानमंडलों के लिए सीटों के आवंटन, निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और मतदाता सूचियों की तैयारी का प्रावधान करता है।
- फॉर्म-6
- नए मतदाता पंजीकरण या मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए उपयोग किया जाने वाला आवेदन फॉर्म।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: दिल्ली SIR प्रक्रिया में बाहर रह गए 47.56 लाख मतदाता
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारत निर्वाचन आयोग (दिल्ली CEO कार्यालय)
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31
यह गलती न करें!
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को सामान्य पुनरीक्षण या सारांश पुनरीक्षण समझ लेना। साथ ही फॉर्म-6 (नया पंजीकरण/नाम जोड़ना), फॉर्म-7 (नाम हटाना) और फॉर्म-8 (सुधार) में गड़बड़ी करना।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- मतदाता सूची पुनरीक्षण, मतदाता समावेशन, RPA 1950 की धारा 31, ASDD श्रेणियां
कहीं अटके? एक टैप में समझें
दिल्ली निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची अद्यतन करने के लिए विशेष अभियान (SIR) चलाया। इसमें 47.56 लाख लोग बाहर रह गए। अब उन्हें नया फॉर्म भरकर अपना नाम जुड़वाने का दूसरा मौका दिया जा रहा है। वे इसे ऑनलाइन, व्हाट्सएप से या स्थानीय चुनाव कार्यालय में जमा कर सकते हैं। फॉर्म जमा करने के लिए उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
- दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची से SIR के दौरान 47.56 लाख मतदाता बाहर रह गए।
- SIR का अर्थ है मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण।
- ASDD का अर्थ है अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट श्रेणियां।
- नए गणना फॉर्म व्हाट्सएप, ERO कार्यालय या ECINET ऐप के जरिए जमा किए जा सकते हैं।
- दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 है।
- राजव्यवस्था: निर्वाचन आयोग और चुनाव सुधार
- शासन: मतदाता सूची और मतदाता पंजीकरण
जुड़ी अवधारणाएँ: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, फॉर्म-6
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत में मतदाता सूचियों की तैयारी और पुनरीक्षण का कानूनी आधार किस अधिनियम में है?
व्याख्या: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 मतदाता सूचियों की तैयारी को नियंत्रित करता है; 1951 का अधिनियम चुनावों के संचालन से जुड़ा है। अनुच्छेद 324 चुनावों के अधीक्षण का दायित्व निर्वाचन आयोग को सौंपता है। 1991 में निर्वाचन आयोग की सेवा शर्तों से जुड़ा एक अधिनियम है, लेकिन उसका नाम 'निर्वाचन आयोग अधिनियम, 1991' नहीं है।
- Q2कठिन
दिल्ली की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.SIR प्रक्रिया दिल्ली निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए चलाई गई थी।
- 2.ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट) चिह्नित मतदाताओं को स्थायी रूप से मतदाता सूची से हटा दिया गया था और उनके दोबारा शामिल होने का कोई मौका नहीं था।
- 3.दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 तक बढ़ाई गई।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि SIR दिल्ली निर्वाचन आयोग द्वारा चलाई गई थी। कथन 2 गलत है, क्योंकि बाहर रह गए मतदाताओं को नए गणना फॉर्म के जरिए दोबारा मौका दिया गया, उन्हें स्थायी रूप से नहीं हटाया गया। कथन 3 सही है, क्योंकि अंतिम तिथि 30 अक्टूबर से बढ़ाकर 25 नवंबर 2026 की गई। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
निर्वाचन आयोग के अनुसार दिल्ली SIR प्रक्रिया में ड्राफ्ट मतदाता सूची से कितने मतदाता बाहर रह गए थे?
व्याख्या: 47.56 लाख मतदाता बाहर रह गए थे। 33.1 लाख मतदाताओं को 'नो-मैपिंग' या तार्किक विसंगति के नोटिस मिले, जिनमें से 32,35,212 को बाद में सूची में शामिल किया गया। 2.96 लाख फॉर्म-6 आवेदनों की संख्या है, बाहर रह गए मतदाताओं की नहीं।
- Q4मध्यम
छूटे हुए मतदाताओं को नए गणना फॉर्म जारी करने के निर्वाचन आयोग के फैसले का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: इस कदम का उद्देश्य बाहर रह गए मतदाताओं को अंतिम सूची में नाम जुड़वाने का दूसरा मौका देना और मतदाता समावेशन सुनिश्चित करना है। दंड देना उद्देश्य नहीं है; BLO का कार्यभार घटेगा नहीं, बल्कि बढ़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. दिल्ली चुनाव में SIR प्रक्रिया क्या है?
SIR का अर्थ है विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी चुनाव से पहले मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए दिल्ली निर्वाचन आयोग का विशेष अभियान।
2. दिल्ली SIR में ड्राफ्ट सूची से कितने मतदाता बाहर रह गए?
31 अगस्त 2026 को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47.56 लाख मतदाता बाहर रह गए थे।
3. बाहर रह गए मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में दोबारा कैसे जुड़वा सकते हैं?
वे ERO कार्यालय से नया गणना फॉर्म ले सकते हैं, व्हाट्सएप से मंगा सकते हैं, या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या ECINET ऐप पर EPIC नंबर डालकर ऑनलाइन भर सकते हैं।
4. इस राहत के तहत फॉर्म-6 भरने वाले मतदाताओं को कौन-सी कानूनी सुरक्षा मिलती है?
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत, यदि किसी मतदाता का नाम पिछली मतदाता सूची में था और उसने SIR प्रक्रिया के दौरान या बाद में फॉर्म-6 जमा किया है, तो केवल इसी आधार पर उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
