प्रिलिम्स के लिए: व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA), टैरिफ रेट कोटा (TRQ), विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT), नोडल मंत्रालय, क्रियान्वयन करने वाली संस्था, CETA लागू होने की तारीख, TRQ आवेदन की अवधि, TRQ का वर्ष
मेन्स के लिए: व्यापार उदारीकरण, टैरिफ रेट कोटा, द्विपक्षीय व्यापार समझौते, भारत-ब्रिटेन आर्थिक संबंध
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- भारत-ब्रिटेन CETA 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ।
- DGFT ने 6 से 21 नवंबर 2026 तक 2027 के TRQ के लिए आवेदन आमंत्रित किए।
- TRQ के तहत निर्दिष्ट उत्पादों में यात्री कारें शामिल हैं।
- TRQ का पूरा नाम टैरिफ रेट कोटा है।
- इसके लिए नोडल मंत्रालय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय है।
चर्चा में क्यों?
भारत ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के तहत 2027 के लिए टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ। इसके तहत यात्री कारों सहित कुछ निर्दिष्ट उत्पादों के आयातक तय कोटा के भीतर शुल्क रियायत ले सकेंगे।
सारांश
- विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 6 नवंबर से 21 नवंबर 2026 तक वर्ष 2027 के टैरिफ रेट कोटा आवंटन के लिए नए आवेदन मांगे हैं।
- ये TRQ भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) के तहत हैं, जो 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ।
- यात्री कारों सहित निर्दिष्ट उत्पाद इन कोटा के तहत शुल्क रियायत के पात्र हैं।
मुख्य बातें
टैरिफ रेट कोटा (TRQ) का आमंत्रण
भारत-ब्रिटेन CETA के तहत यात्री कारों सहित निर्दिष्ट उत्पादों के लिए 2027 के TRQ हेतु भारत ने आवेदन आमंत्रित किए हैं।
भारत-ब्रिटेन CETA
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ।
आवेदन की खिड़की
आयातक 6 नवंबर से 21 नवंबर 2026 के बीच DGFT के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
पृष्ठभूमि
भारत और ब्रिटेन ने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए, जो 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ। इस समझौते का उद्देश्य कई वस्तुओं पर शुल्क घटाकर द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना है। ऐसे व्यापार समझौतों में टैरिफ रेट कोटा (TRQ) एक प्रमुख तंत्र है, जिसके तहत तय मात्रा में वस्तुएँ घटी हुई या शून्य शुल्क दर पर आयात की जा सकती हैं।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
2027 के TRQ के लिए आवेदन आमंत्रित होना भारत-ब्रिटेन CETA के क्रियान्वयन का संकेत है। निर्दिष्ट उत्पादों में यात्री कारों को शामिल करने से उस श्रेणी में आयात बढ़ सकता है। यदि निर्यातक कीमत या आपूर्ति में प्रतिस्पर्धी हों, तो उपभोक्ताओं को कम कीमत मिल सकती है और आयातकों को लाभ हो सकता है। घरेलू उद्योग पर वास्तविक असर कोटा की मात्रा, आवंटन और उपयोग पर निर्भर करेगा। इन कोटा के आवंटन में DGFT की भूमिका का उद्देश्य पारदर्शिता और समझौते की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना है।
आगे की राह
2027 के TRQ का सफल आवंटन CETA के तहत आगे के वर्षों के लिए एक मिसाल बनेगा। इन कोटा के उपयोग और घरेलू उद्योगों पर उनके असर की निगरानी महत्वपूर्ण होगी। यह समझौता सेवाओं और निवेश पर संभावित वार्ताओं सहित व्यापार के गहरे एकीकरण का रास्ता भी खोल सकता है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA)
- भारत और ब्रिटेन के बीच माल, सेवाओं, निवेश और बौद्धिक संपदा के व्यापार को कवर करने वाला द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता, जिसका उद्देश्य शुल्क और गैर-शुल्क बाधाएँ घटाना है।
- टैरिफ रेट कोटा (TRQ)
- एक व्यापार तंत्र, जिसके तहत किसी उत्पाद की तय मात्रा कम शुल्क दर पर आयात की जा सकती है, जबकि कोटा से अधिक आयात पर ऊँची शुल्क दर लगती है।
- विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT)
- भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का एक संलग्न कार्यालय, जो भारत की विदेश व्यापार नीति बनाने और उसे लागू करने के लिए ज़िम्मेदार है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: भारत-ब्रिटेन CETA 15 जुलाई 2026 से लागू
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (DGFT के माध्यम से)
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA)
यह गलती न करें!
परीक्षक CETA (भारत-ब्रिटेन) को CEPA (व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता) या अन्य व्यापार समझौतों से भ्रमित कर सकते हैं। वे लागू होने की तारीख (15 जुलाई 2026) को आवेदन की अवधि (6-21 नवंबर 2026) के साथ भी बदल सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- व्यापार उदारीकरण, टैरिफ रेट कोटा, द्विपक्षीय व्यापार समझौते, भारत-ब्रिटेन आर्थिक संबंध
कहीं अटके? एक टैप में समझें
भारत और ब्रिटेन ने एक व्यापार समझौता (CETA) किया, जो 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ। इसके तहत भारत कुछ वस्तुओं, जैसे कारों, की सीमित मात्रा कम सीमा शुल्क पर आयात होने देता है। अब विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) वर्ष 2027 के लिए यह लाभ चाहने वाले आयातकों से 6 से 21 नवंबर 2026 के बीच आवेदन मांग रहा है।
- भारत-ब्रिटेन CETA 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ।
- DGFT ने 6 से 21 नवंबर 2026 तक 2027 के TRQ के लिए आवेदन आमंत्रित किए।
- TRQ के तहत निर्दिष्ट उत्पादों में यात्री कारें शामिल हैं।
- TRQ का पूरा नाम टैरिफ रेट कोटा है।
- इसके लिए नोडल मंत्रालय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय है।
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: द्विपक्षीय व्यापार समझौते
- अर्थव्यवस्था: विदेश व्यापार नीति
जुड़ी अवधारणाएँ: व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA), टैरिफ रेट कोटा (TRQ), विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत-ब्रिटेन CETA के तहत टैरिफ रेट कोटा के लिए आवेदन आमंत्रित करने की ज़िम्मेदारी किस भारतीय सरकारी निकाय की है?
व्याख्या: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन DGFT विदेश व्यापार नीति और कोटा आवंटन संभालता है। विदेश मंत्रालय कूटनीति, RBI मौद्रिक नीति और वित्त मंत्रालय राजकोषीय मामले संभालता है, इनमें से कोई भी सीधे व्यापार कोटा का प्रशासन नहीं करता।
- Q2कठिन
भारत-ब्रिटेन CETA के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ।
- 2.इस समझौते के तहत टैरिफ रेट कोटा केवल कृषि उत्पादों के लिए हैं।
- 3.2027 के TRQ के लिए आवेदन 6 नवंबर से 21 नवंबर 2026 तक आमंत्रित किए गए हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि CETA 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ। कथन 2 गलत है, क्योंकि TRQ यात्री कारों सहित निर्दिष्ट उत्पादों पर लागू हैं, केवल कृषि वस्तुओं पर नहीं। कथन 3 सही है, क्योंकि आवेदन की अवधि 6 से 21 नवंबर 2026 है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
भारत-ब्रिटेन CETA के तहत 2027 के टैरिफ रेट कोटा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
व्याख्या: DGFT ने आवेदन की अंतिम तिथि 21 नवंबर 2026 तय की है। 15 जुलाई 2026 वह तिथि है जब CETA लागू हुआ। 6 नवंबर 2026 आवेदन अवधि की शुरुआत की तिथि है।
- Q4मध्यम
भारत-ब्रिटेन CETA के तहत टैरिफ रेट कोटा के लिए आवेदन आमंत्रित करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: TRQ का उद्देश्य आयातकों को निर्दिष्ट उत्पाद (जैसे यात्री कारें) घटी या शून्य शुल्क दर पर लाने देना है, जिससे उपभोक्ताओं और आयातकों को लाभ मिले। समझौते का लक्ष्य केवल भारत से निर्यात नहीं, बल्कि द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना है। ऊँचे शुल्क लगाना या आयात रोकना समझौते के उदारीकरण के उद्देश्य के विपरीत होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भारत-ब्रिटेन CETA क्या है?
भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA) एक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता है, जो 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच शुल्क घटाना और व्यापार बढ़ाना है।
2. टैरिफ रेट कोटा (TRQ) क्या हैं?
टैरिफ रेट कोटा के तहत तय मात्रा में वस्तुएँ घटी या शून्य शुल्क दर पर आयात की जा सकती हैं। कोटा से अधिक आयात पर ऊँचा शुल्क लगता है।
3. 2027 के TRQ के लिए आवेदन कौन आमंत्रित कर रहा है?
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) 6 नवंबर से 21 नवंबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित कर रहा है।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
