प्रिलिम्स के लिए: संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589, सैन्य योगदानकर्ता देश (TCC), भारत की कुल शांति सैनिक तैनाती, सुरक्षा परिषद कार्यकाल के लिए भारत की उम्मीदवारी, पहली सभी-महिला गठित पुलिस इकाई की तैनाती, भारत द्वारा वर्तमान में तैनात महिला शांति सैनिक
मेन्स के लिए: जवाबदेही, सैन्य योगदानकर्ता देशों के लिए संरचित आवाज़, मिशनों का युक्तिकरण, लैंगिक-समावेशी शांति अभियान
स्रोत:The Hindu
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- भारत ने 50 संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं।
- 184 भारतीय शांति सैनिक नीले हेलमेट धारी के रूप में सेवा करते हुए मारे गए हैं।
- भारत ने 2007 में लाइबेरिया में पहली सभी-महिला पुलिस इकाई तैनात की।
- भारत वर्तमान में विभिन्न संयुक्त राष्ट्र मिशनों में 160 महिला शांति सैनिक तैनात करता है।
- शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों की जवाबदेही पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589 को 2021 में भारत की अध्यक्षता में अपनाया गया था।
चर्चा में क्यों?
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में से है। उसने 50 मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं। भारत ने नीले हेलमेट धारी शांति सैनिकों पर हमलों के लिए जवाबदेही की मांग की है और बेहतर संसाधनों वाले, अधिक प्रतिनिधिपूर्ण शांति ढांचे का आह्वान किया है। भारत ने जनादेश तय करने में सैन्य और पुलिस योगदानकर्ता देशों को संरचित आवाज़ देने पर भी ज़ोर दिया है, और 2028-29 के लिए सुरक्षा परिषद के कार्यकाल हेतु अपनी उम्मीदवारी भी रखी है।
सारांश
- भारत ने शांति सैनिकों पर हमला करने वालों को जवाबदेह ठहराने की मांग की है, क्योंकि शांति सैनिकों को असममित और तकनीक से संचालित खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
- भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ता देशों में है। अब तक उसने 50 मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं।
- भारत ने कहा कि शांति अभियानों के जनादेश तय करने में सैन्य और पुलिस योगदानकर्ता देशों को संरचित आवाज़ मिलनी चाहिए।
मुख्य बातें
नीले हेलमेट धारी शांति सैनिकों पर हमलों की जवाबदेही
भारत ने मांग की कि संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हमला करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाए। उसने इसके लिए उन बढ़ते असममित और तकनीक से संचालित खतरों का हवाला दिया जिनका शांति सैनिकों को सामना करना पड़ता है।
भारत की अतुलनीय शांति अभियान विरासत
50 मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक तैनात करके भारत एक शीर्ष सैन्य योगदानकर्ता है और उसने कर्तव्य के दौरान 184 शांति सैनिक खोए हैं।
शांति अभियानों में महिलाएं
भारत ने 1960 से महिला शांति सैनिक तैनात किए हैं और 2007 में लाइबेरिया में पहली सभी-महिला गठित पुलिस इकाई भेजी। वर्तमान में वह 160 महिला शांति सैनिक तैनात कर रहा है।
पृष्ठभूमि
संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की आधारशिला हैं, जिनमें नीले हेलमेट धारी सैनिक संघर्ष क्षेत्रों में तैनात किए जाते हैं। भारत सात दशकों की परिचालन भागीदारी के साथ लगातार और अग्रणी योगदानकर्ता रहा है। जवाबदेही की मांग ऐसे समय आई है जब शांति सैनिकों को असममित युद्ध और नई तकनीकों सहित और जटिल खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
भारत की जवाबदेही की मांग संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589 पर आधारित है, जिसे उसकी 2021 की अध्यक्षता में अपनाया गया था और जो शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों से निपटता है। जनादेश गठन में सैन्य और पुलिस योगदानकर्ता देशों को संरचित आवाज़ देने की मांग से भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जनादेश यथार्थपरक हों और उनके लिए संसाधन उपलब्ध हों। यह संयुक्त राष्ट्र को अधिक प्रतिनिधिपूर्ण बनाने के उसके बड़े लक्ष्य से मेल खाता है, जैसा कि 2028-29 के सुरक्षा परिषद कार्यकाल के लिए उसकी उम्मीदवारी दिखाती है। महिला शांति सैनिकों पर ज़ोर भारत की लैंगिक-समावेशी सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को सामने लाता है।
आगे की राह
भारत की पैरवी आगामी जनादेश समीक्षाओं और शांति अभियान बजट की चर्चाओं को प्रभावित कर सकती है। मिशनों के युक्तिकरण की मांग, यानी दीर्घकालिक "राजनीतिक जीवन-रक्षक" से बचना, अधिक कुशल तैनाती की ओर ले जा सकती है। प्रस्ताव 2589 पर भारत का निरंतर नेतृत्व और सुरक्षा परिषद की उसकी दावेदारी वैश्विक शांति और सुरक्षा शासन में उसकी भूमिका तय करेंगे।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान
- ऐसे अभियान जिन्हें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने या बहाल करने के लिए अधिकृत करती है। इनमें सैन्य, पुलिस और नागरिक कर्मी शामिल होते हैं, जिन्हें नीले हेलमेट धारी कहा जाता है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589
- अगस्त 2021 में भारत की अध्यक्षता में अपनाया गया एक प्रस्ताव, जो संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही की मांग करता है और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता पर ज़ोर देता है।
- सैन्य योगदानकर्ता देश (TCC)
- एक संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश जो शांति अभियान मिशनों के लिए सैन्य कर्मी उपलब्ध कराता है। TCC अक्सर मिशन जनादेश तय करने में बड़ी भूमिका चाहते हैं।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आँकड़े पर ध्यान दें: भारत ने 50 संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं।
- इस आँकड़े पर ध्यान दें: 184 भारतीय शांति सैनिक सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं।
- इस विधिक बिंदु पर ध्यान दें: शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों की जवाबदेही पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589 (2021)।
- इस आँकड़े पर ध्यान दें: भारत ने 2007 में लाइबेरिया में पहली सभी-महिला पुलिस इकाई तैनात की; वर्तमान में 160 महिला शांति सैनिक तैनात हैं।
यह गलती न करें!
परीक्षार्थी भारतीय शांति सैनिकों की कुल तैनाती (3,00,000 से अधिक) को वर्तमान में तैनात संख्या के साथ भ्रमित कर सकते हैं, या सभी-महिला पुलिस इकाई का वर्ष (2007) और भारत द्वारा पहली बार महिला शांति सैनिक तैनात करने का वर्ष (1960) आपस में बदल सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- जवाबदेही, सैन्य योगदानकर्ता देशों के लिए संरचित आवाज़, मिशनों का युक्तिकरण, लैंगिक-समावेशी शांति अभियान
कहीं अटके? एक टैप में समझें
संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक, जिन्हें नीले हेलमेट धारी कहा जाता है, संघर्ष क्षेत्रों में शांति बनाए रखने में मदद करते हैं। भारत इन मिशनों में बड़ी संख्या में सैनिक भेजता है और चाहता है कि इन पर हमला करने वालों को दंडित किया जाए। भारत यह भी चाहता है कि सैनिक भेजने वाले देशों की मिशन की योजना बनाने में अधिक भूमिका हो। भारत अब तक 50 मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक भेज चुका है, और कर्तव्य के दौरान 184 सैनिक मारे गए हैं।
- भारत ने 50 संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं।
- 184 भारतीय शांति सैनिक नीले हेलमेट धारी के रूप में सेवा करते हुए मारे गए हैं।
- भारत ने 2007 में लाइबेरिया में पहली सभी-महिला पुलिस इकाई तैनात की।
- भारत वर्तमान में विभिन्न संयुक्त राष्ट्र मिशनों में 160 महिला शांति सैनिक तैनात करता है।
- शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों की जवाबदेही पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589 को 2021 में भारत की अध्यक्षता में अपनाया गया था।
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: संयुक्त राष्ट्र और उसके अंग
- सुरक्षा: संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान और भारत का योगदान
जुड़ी अवधारणाएँ: संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589, सैन्य योगदानकर्ता देश (TCC)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
कौन-सा संयुक्त राष्ट्र निकाय शांति अभियानों को अधिकृत करता है?
व्याख्या: संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों को सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के माध्यम से अधिकृत करती है। महासभा बजट और प्रशासन देखती है, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय कानूनी विवाद सुलझाता है, और सचिवालय निर्णयों को लागू करता है, पर शांति मिशनों का जनादेश केवल सुरक्षा परिषद ही दे सकती है।
- Q2कठिन
भारत और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.भारत ने अब तक 50 संयुक्त राष्ट्र शांति अभियान मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं।
- 2.भारत ने लाइबेरिया में पहली सभी-महिला गठित पुलिस इकाई 1960 में तैनात की।
- 3.भारत ने 2028-29 के सुरक्षा परिषद कार्यकाल की अपनी उम्मीदवारी के लिए शांति अभियानों को प्राथमिकता के रूप में चिह्नित किया है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: भारत ने 50 मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिक तैनात किए हैं। कथन 2 गलत है: पहली सभी-महिला पुलिस इकाई 1960 में नहीं, 2007 में लाइबेरिया में तैनात की गई थी (भारत ने पहली बार महिला शांति सैनिक 1960 में तैनात किए थे)। कथन 3 सही है: भारत ने 2028-29 सुरक्षा परिषद कार्यकाल की उम्मीदवारी के लिए शांति अभियानों को प्राथमिकता के रूप में चिह्नित किया है।
- Q3मध्यम
नीले हेलमेट धारी के रूप में सेवा करते हुए कितने भारतीय शांति सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है?
व्याख्या: भारत ने कर्तव्य के दौरान 184 शांति सैनिक खोए हैं। 164 और 174 वास्तविक आँकड़े से कम हैं, जबकि 194 अधिक है। समाचार के अनुसार सही संख्या 184 है।
- Q4मध्यम
संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सैन्य और पुलिस योगदानकर्ता देशों के लिए "संरचित आवाज़" की भारत की मांग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: भारत का तर्क है कि सैन्य और पुलिस योगदानकर्ता देशों को उन जनादेशों को आकार देने में संरचित आवाज़ मिलनी चाहिए जिन्हें वे लागू करते हैं, ताकि मिशन अधिक यथार्थपरक और बेहतर संसाधन-समर्थित हों। यह वित्तीय योगदान बढ़ाने, मिशन घटाने या सुरक्षा परिषद के अधिकार की जगह लेने की बात नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. शांति सैनिकों पर हमलों को लेकर भारत की क्या मांग है?
भारत ने शांति सैनिकों पर हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की है, क्योंकि नीले हेलमेट धारी सैनिकों को असममित और तकनीक से संचालित खतरों का सामना करना पड़ता है।
2. संयुक्त राष्ट्र मिशनों में कितने भारतीय शांति सैनिकों की मृत्यु हुई है?
नीले हेलमेट धारी के रूप में सेवा करते हुए 184 भारतीय शांति सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है।
3. भारत ने संयुक्त राष्ट्र मिशन में पहली सभी-महिला पुलिस इकाई कब तैनात की थी?
भारत ने 2007 में लाइबेरिया में पहली बार सभी-महिला गठित पुलिस इकाई तैनात की।
4. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2589 क्या है?
अगस्त 2021 में भारत की अध्यक्षता में अपनाया गया यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों की जवाबदेही से संबंधित है।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

