प्रिलिम्स के लिए: कृत्रिम मेधा (AI), मशीन लर्निंग (ML), उद्योग-शिक्षा साझेदारी, साझेदारी की राशि, अवधि, चालू वित्त वर्ष के लिए आवंटन, शामिल आईआईटी दिल्ली का स्कूल, उद्योग साझेदार
मेन्स के लिए: उद्योग-शिक्षा सहयोग, एआई प्रतिभा विकास, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, डिजिटल अर्थव्यवस्था
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- आईआईटी दिल्ली और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक ने ₹9 करोड़ की चार वर्षीय एआई शोध साझेदारी पर हस्ताक्षर किए।
- आईआईटी दिल्ली का यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI) शैक्षणिक साझेदार है।
- यह साझेदारी एआई, ML और डेटा साइंस में छात्रों को फेलोशिप देगी।
- यार्डी स्कूल ऑफ एआई की स्थापना 2020 में हुई थी।
- इस पहल का लक्ष्य उद्योग के पेशेवरों और वंचित समुदायों को भी शामिल करना है।
चर्चा में क्यों?
आईआईटी दिल्ली के यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI) और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक ने एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के शोध को बढ़ावा देने के लिए ₹9 करोड़ की चार वर्षीय पहल पर साझेदारी की है। इसके तहत छात्रों को फेलोशिप दी जाएगी, शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा और एआई शिक्षा को कैंपस से बाहर भी फैलाया जाएगा। इस कार्यक्रम का लक्ष्य उद्योग जगत के पेशेवरों और वंचित समुदायों के छात्रों को भी लाभ पहुंचाना है।
सारांश
- आईआईटी दिल्ली (यार्डी स्कूल ऑफ एआई) और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक ने एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के शोध व शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ₹9 करोड़ की चार वर्षीय साझेदारी की है।
- इस पहल में छात्रों को फेलोशिप, संकाय विकास और शिक्षकों के प्रशिक्षण का प्रावधान है, और इसका उद्देश्य एआई शिक्षा को आईआईटी दिल्ली परिसर से बाहर तक फैलाना है।
- कार्यक्रम के तहत उद्योग जगत के पेशेवरों और वंचित समुदायों के छात्रों को भी सीखने के अवसर दिए जाएंगे।
मुख्य बातें
₹9 करोड़ की उद्योग-शिक्षा साझेदारी
आईआईटी दिल्ली के यार्डी स्कूल ऑफ एआई और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक ने एआई, ML और डेटा साइंस के शोध व शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ₹9 करोड़ के चार वर्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
फेलोशिप और कौशल विकास
इस पहल में छात्रों को फेलोशिप, संकाय विकास और शिक्षकों का प्रशिक्षण शामिल है, और एआई की पढ़ाई उद्योग जगत के पेशेवरों और वंचित समुदायों तक पहुंचाई जाएगी।
कैंपस से बाहर एआई शिक्षा
इस साझेदारी का लक्ष्य एआई शिक्षा को आईआईटी दिल्ली परिसर से बाहर फैलाना और स्कूल के बुनियादी ढांचे को उद्योग की ज़रूरतों के अनुरूप मज़बूत करना है।
पृष्ठभूमि
आईआईटी दिल्ली ने 2020 में यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI) की स्थापना की, जहां स्वास्थ्य, रोबोटिक्स, पदार्थ विज्ञान, उद्योग 4.0, जलवायु और परिवहन जैसे कई क्षेत्रों में शोध होता है। भारत उभरती तकनीकों में अकादमिक शोध और उद्योग की ज़रूरतों के बीच की खाई पाटना चाहता है, इसलिए इस तरह की उद्योग-शिक्षा साझेदारियां तेज़ी से बढ़ रही हैं।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
₹9 करोड़ की यह साझेदारी भारत के एआई प्रतिभा तंत्र में उद्योग जगत के बढ़ते निवेश का संकेत है। वैश्विक खुदरा कंपनी की तकनीकी शाखा वॉलमार्ट ग्लोबल टेक एक प्रमुख भारतीय संस्थान में सीधे शोध और फेलोशिप को वित्तीय सहायता दे रही है। इससे एआई, ML और डेटा साइंस में कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद मिल सकती है, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और 'मेक इन इंडिया' पहल के लिए अहम हैं। कैंपस से बाहर शिक्षा और वंचित समुदायों को शामिल करने का फोकस राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की समानता और पहुंच पर ज़ोर के अनुरूप है।
आगे की राह
आईआईटी दिल्ली अगले चार वर्षों तक इस कार्यक्रम को लागू करेगा और प्रगति व परिणामों की नियमित समीक्षा करेगा। यह साझेदारी अन्य आईआईटी और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के बीच ऐसे सहयोग का मॉडल बन सकती है, और भारत को एआई इनोवेशन हब के रूप में आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।
दिल्ली से जुड़ाव
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पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- कृत्रिम मेधा (AI)
- मशीनों में मानव बुद्धि की नकल, जिन्हें सोचने और सीखने के लिए प्रोग्राम किया जाता है। इसमें मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण जैसे उप-क्षेत्र शामिल हैं।
- मशीन लर्निंग (ML)
- एआई का वह उप-क्षेत्र जो सिस्टम को बिना स्पष्ट प्रोग्रामिंग के अनुभव से अपने-आप सीखने और सुधार करने में सक्षम बनाता है।
- उद्योग-शिक्षा साझेदारी
- शोध, नवाचार, कौशल विकास और तकनीक हस्तांतरण को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: ₹9 करोड़ की साझेदारी, 4 वर्ष की अवधि, चालू वित्त वर्ष के लिए ₹2.3 करोड़ का आवंटन
- इन संस्थाओं पर ध्यान दें: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (IIT Delhi) और इसका यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI)
यह गलती न करें!
परीक्षक साझेदार (वॉलमार्ट ग्लोबल टेक) या सटीक राशि (₹9 करोड़ बनाम ₹9 लाख बनाम ₹90 करोड़) के बारे में पूछ सकते हैं। वे SCAI की स्थापना के वर्ष (2020) को साझेदारी के वर्ष (2026) के साथ भी भ्रमित कर सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- उद्योग-शिक्षा सहयोग, एआई प्रतिभा विकास, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, डिजिटल अर्थव्यवस्था
कहीं अटके? एक टैप में समझें
आईआईटी दिल्ली और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक ने ₹9 करोड़ के चार वर्षीय कार्यक्रम के लिए हाथ मिलाया है। यह कार्यक्रम कृत्रिम मेधा, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस में शोध को धन देगा, छात्रों को फेलोशिप देगा और शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगा। इसका उद्देश्य कुशल एआई विशेषज्ञ तैयार करना और आईआईटी दिल्ली परिसर से बाहर, वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों तक भी एआई शिक्षा पहुंचाना है।
- आईआईटी दिल्ली और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक ने ₹9 करोड़ की चार वर्षीय एआई शोध साझेदारी पर हस्ताक्षर किए।
- आईआईटी दिल्ली का यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI) शैक्षणिक साझेदार है।
- यह साझेदारी एआई, ML और डेटा साइंस में छात्रों को फेलोशिप देगी।
- यार्डी स्कूल ऑफ एआई की स्थापना 2020 में हुई थी।
- इस पहल का लक्ष्य उद्योग के पेशेवरों और वंचित समुदायों को भी शामिल करना है।
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी: कृत्रिम मेधा
- शिक्षा: उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान
जुड़ी अवधारणाएँ: कृत्रिम मेधा (AI), मशीन लर्निंग (ML), उद्योग-शिक्षा साझेदारी
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
वॉलमार्ट ग्लोबल टेक के साथ एआई शोध पहल में किस संस्थान का स्कूल साझेदारी कर रहा है?
व्याख्या: यह साझेदारी आईआईटी दिल्ली के यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI) और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक के बीच है।
- Q2कठिन
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.आईआईटी दिल्ली और वॉलमार्ट ग्लोबल टेक की साझेदारी का मूल्य ₹9 करोड़ है और इसकी अवधि चार वर्ष है।
- 2.आईआईटी दिल्ली के यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना 2025 में हुई थी।
- 3.इस पहल का उद्देश्य छात्रों को फेलोशिप देना और एआई शिक्षा को कैंपस से बाहर फैलाना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: साझेदारी ₹9 करोड़ की है और चार वर्ष चलेगी। कथन 2 गलत है: यार्डी स्कूल ऑफ एआई की स्थापना 2020 में हुई थी, 2025 में नहीं। कथन 3 सही है: पहल में छात्रों की फेलोशिप शामिल है और एआई शिक्षा को कैंपस से बाहर फैलाने का लक्ष्य है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
आईआईटी दिल्ली-वॉलमार्ट ग्लोबल टेक साझेदारी के तहत चालू वित्त वर्ष के लिए लगभग कितना आवंटन है?
व्याख्या: चालू वित्त वर्ष के लिए लगभग ₹2.3 करोड़ अलग रखे गए हैं।
- Q4मध्यम
आईआईटी दिल्ली-वॉलमार्ट ग्लोबल टेक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: इस साझेदारी का लक्ष्य एआई, ML और डेटा साइंस में शोध को बढ़ावा देना, फेलोशिप देना, शिक्षकों को प्रशिक्षण देना और एआई शिक्षा का विस्तार करना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. आईआईटी दिल्ली-वॉलमार्ट ग्लोबल टेक साझेदारी का मूल्य कितना है?
यह साझेदारी लगभग ₹9 करोड़ की है और इसकी अवधि चार वर्ष है।
2. इस एआई शोध साझेदारी में आईआईटी दिल्ली का कौन-सा स्कूल शामिल है?
आईआईटी दिल्ली का यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (SCAI) शैक्षणिक साझेदार है।
3. यार्डी स्कूल ऑफ एआई में शोध के मुख्य क्षेत्र कौन-से हैं?
SCAI में शोध स्वास्थ्य, रोबोटिक्स, पदार्थ विज्ञान, उद्योग 4.0, जलवायु और परिवहन तक फैला है।
4. यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना कब हुई थी?
यार्डी स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना 2020 में हुई थी।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
