प्रिलिम्स के लिए: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, समग्र प्रगति पत्र (HPC), 360 डिग्री सतत मूल्यांकन, नोडल विभाग, लागू करने वाली संस्था, लक्षित कक्षाएं, रिपोर्ट कार्ड की लंबाई, मूल्यांकन ग्रेडिंग
मेन्स के लिए: दक्षता-आधारित मूल्यांकन, NEP 2020 का क्रियान्वयन, सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE), छात्र का बहुआयामी विकास
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल कक्षा 9 और 10 को 12 पृष्ठ के समग्र रिपोर्ट कार्ड देंगे।
- रिपोर्ट कार्ड आंतरिक मूल्यांकन में M (अधिकांशत:), S (कभी-कभी) और N (सुधार की आवश्यकता) ग्रेड इस्तेमाल करता है।
- रिपोर्ट कार्ड तीन भागों में बंटा है: सामान्य विवरण, 360 डिग्री आकलन और शैक्षणिक प्रदर्शन।
- अतिरिक्त जानकारी के लिए रिपोर्ट कार्ड के पहले पृष्ठ पर QR कोड है।
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब कक्षा 9 और 10 के लिए 12 पृष्ठ का समग्र रिपोर्ट कार्ड जारी होगा, जिसमें छात्रों का 360 डिग्री सतत मूल्यांकन होगा। रिपोर्ट कार्ड अंक-आधारित मूल्यांकन की जगह ग्रेड-आधारित मूल्यांकन की ओर बढ़ता है और इसमें संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरणात्मक क्षेत्रों के साथ सह-अकादमिक गतिविधियां भी शामिल होंगी। इसका मकसद NEP 2020 के अनुरूप सर्वांगीण विकास को परखना है।
सारांश
- उत्तर प्रदेश के सरकारी माध्यमिक स्कूल कक्षा 9 और 10 के छात्रों को 12 पृष्ठ का समग्र रिपोर्ट कार्ड देंगे। अब तक यह सुविधा कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को मिल रही थी, जिसे उच्च माध्यमिक स्तर तक बढ़ाया गया है।
- आंतरिक मूल्यांकन में अंकों की जगह M (अधिकांशत:), S (कभी-कभी) और N (सुधार की आवश्यकता) ग्रेड दिए जाएंगे। इसमें समस्या समाधान, रचनात्मकता, क्रिटिकल थिंकिंग और सह-अकादमिक गतिविधियों का आकलन होगा।
- रिपोर्ट कार्ड तीन भागों में बंटा है: सामान्य विवरण और स्वास्थ्य ट्रैकिंग, 360 डिग्री सतत मूल्यांकन (स्व, सहपाठी और शिक्षक आकलन), तथा शैक्षणिक प्रदर्शन, उपस्थिति और अभिभावक-शिक्षक संवाद।
मुख्य बातें
12 पृष्ठ का समग्र रिपोर्ट कार्ड
उत्तर प्रदेश ने कक्षा 9 और 10 के लिए 12 पृष्ठ का व्यापक समग्र रिपोर्ट कार्ड शुरू किया है, जो अंक-आधारित मूल्यांकन की जगह 360 डिग्री सतत मूल्यांकन करेगा।
तीन भागों वाला मूल्यांकन ढांचा
रिपोर्ट कार्ड तीन भागों में है: सामान्य विवरण और स्वास्थ्य, 360 डिग्री सतत आकलन (स्व, सहपाठी और शिक्षक), तथा उपस्थिति के साथ शैक्षणिक प्रदर्शन।
QR कोड के साथ ग्रेड-आधारित मूल्यांकन
आंतरिक मूल्यांकन में अंकों की जगह M (अधिकांशत:), S (कभी-कभी) और N (सुधार की आवश्यकता) ग्रेड चलेंगे; पहले पृष्ठ पर QR कोड से अतिरिक्त जानकारी मिलेगी।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
आंतरिक मूल्यांकन में अंकों से हटकर M, S, N ग्रेड अपनाने से परीक्षा का दबाव घटेगा और सतत सीखने को बढ़ावा मिलेगा। 12 पृष्ठ का कार्ड संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरणात्मक क्षेत्रों के साथ खेलकूद, कला, योग और करियर रुझान जैसे सह-अकादमिक पहलुओं को भी दर्ज करता है। इससे बोर्ड का हाईस्कूल प्रमाण पत्र अधिक समग्र बनेगा और उच्च शिक्षा व करियर की काउंसलिंग के तरीके पर भी असर पड़ सकता है। QR कोड से पारदर्शिता और मूल्यांकन की जानकारी तक आसान पहुंच मिलेगी।
आगे की राह
नए रिपोर्ट कार्ड को लागू करने के लिए शिक्षकों को 12 नवंबर 2026 को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कक्षा 9 और 10 में सफल क्रियान्वयन से समग्र मूल्यांकन को कक्षा 12 और निजी सहायता प्राप्त स्कूलों तक बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। राज्य छात्रों की दीर्घकालिक प्रगति परखने के लिए इन रिपोर्ट कार्ड को संग्रहित और विश्लेषित करने वाला डिजिटल मंच भी बना सकता है, जिससे पाठ्यक्रम और शिक्षण नीति के फैसलों में मदद मिलेगी।
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पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020
- भारत की प्रमुख शिक्षा नीति, जिसने 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जगह ली। यह समग्र, बहु-विषयक और लचीली शिक्षा की वकालत करती है, जिसमें दक्षता-आधारित सीखने और सतत मूल्यांकन पर ज़ोर है।
- समग्र प्रगति पत्र (HPC)
- NEP 2020 की सिफारिश वाला छात्र मूल्यांकन उपकरण, जो केवल विषयों के अंकों पर निर्भर रहने की बजाय संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरणात्मक क्षेत्रों तथा सह-अकादमिक गतिविधियों में बच्चे की प्रगति परखता है।
- 360 डिग्री सतत मूल्यांकन
- बहु-स्रोत मूल्यांकन की एक पद्धति, जो पूरे शैक्षणिक वर्ष में शिक्षकों, सहपाठियों, स्वयं और अभिभावकों से फीडबैक लेकर छात्र के समग्र विकास का सतत आकलन करती है, केवल सत्र-अंत की परीक्षाओं से नहीं।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 और 10 के लिए 12 पृष्ठ का समग्र रिपोर्ट कार्ड
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020
यह गलती न करें!
छात्र 'समग्र रिपोर्ट कार्ड' को 'मार्कशीट' समझने की गलती कर सकते हैं। समग्र कार्ड बोर्ड की मार्कशीट के साथ दिया जाने वाला अलग 12 पृष्ठ का दस्तावेज़ है, उसकी जगह नहीं लेता। साथ ही M/S/N ग्रेडिंग केवल आंतरिक मूल्यांकन के लिए है, बोर्ड परीक्षाओं के लिए नहीं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- दक्षता-आधारित मूल्यांकन, NEP 2020 का क्रियान्वयन, सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE), छात्र का बहुआयामी विकास
कहीं अटके? एक टैप में समझें
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब कक्षा 9 और 10 के छात्रों को 12 पृष्ठ का रिपोर्ट कार्ड मिलेगा, जो केवल परीक्षा के अंकों की जगह उनके समग्र विकास को परखेगा। शिक्षक समस्या समाधान और रचनात्मकता जैसे कौशलों के लिए M (अधिकांशत:), S (कभी-कभी) या N (सुधार की आवश्यकता) ग्रेड देंगे। इसमें खेलकूद, कला, स्वास्थ्य और करियर रुझान भी शामिल हैं। शिक्षकों को 12 नवंबर 2026 को इसके उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूल कक्षा 9 और 10 को 12 पृष्ठ के समग्र रिपोर्ट कार्ड देंगे।
- रिपोर्ट कार्ड आंतरिक मूल्यांकन में M (अधिकांशत:), S (कभी-कभी) और N (सुधार की आवश्यकता) ग्रेड इस्तेमाल करता है।
- रिपोर्ट कार्ड तीन भागों में बंटा है: सामान्य विवरण, 360 डिग्री आकलन और शैक्षणिक प्रदर्शन।
- अतिरिक्त जानकारी के लिए रिपोर्ट कार्ड के पहले पृष्ठ पर QR कोड है।
- राजव्यवस्था: शिक्षा नीति और शासन
- शिक्षा: मूल्यांकन और आकलन (NEP 2020)
जुड़ी अवधारणाएँ: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, समग्र प्रगति पत्र (HPC), 360 डिग्री सतत मूल्यांकन
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 और 10 के लिए समग्र रिपोर्ट कार्ड शुरू करने का आदेश किस विभाग ने जारी किया?
व्याख्या: यह आदेश बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी हुआ। यह विभाग राज्य में स्कूली शिक्षा देखता है। शिक्षा मंत्रालय केंद्र का निकाय है, जबकि NCERT राष्ट्रीय पाठ्यक्रम से जुड़ी संस्था है। UPPSC भर्ती का काम देखता है, स्कूली नीति का नहीं।
- Q2कठिन
उत्तर प्रदेश के नए समग्र रिपोर्ट कार्ड के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह रिपोर्ट कार्ड हाईस्कूल के छात्रों की मौजूदा बोर्ड मार्कशीट की जगह लेगा।
- 2.आंतरिक मूल्यांकन में अंकों की जगह M (अधिकांशत:), S (कभी-कभी) और N (सुधार की आवश्यकता) ग्रेड का प्रयोग होगा।
- 3.रिपोर्ट कार्ड 12 पृष्ठ का है और इसमें QR कोड है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है, क्योंकि समग्र रिपोर्ट कार्ड बोर्ड मार्कशीट की जगह नहीं, उसके साथ दिया जाता है। कथन 2 सही है, आंतरिक मूल्यांकन में M, S, N ग्रेड चलते हैं। कथन 3 सही है, कार्ड 12 पृष्ठ का है और पहले पृष्ठ पर QR कोड है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3आसान
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 और 10 के लिए शुरू किए गए नए समग्र प्रगति पत्र के कुल पृष्ठ कितने हैं?
व्याख्या: छात्रों को 12 पृष्ठ का समग्र रिपोर्ट कार्ड मिलेगा। 8, 10 और 15 पृष्ठ गलत हैं, क्योंकि दस्तावेज़ को स्पष्ट रूप से तीन भागों में बंटे 12 पृष्ठों का बताया गया है।
- Q4मध्यम
उत्तर प्रदेश में कक्षा 9 और 10 के लिए 360 डिग्री समग्र रिपोर्ट कार्ड शुरू करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: रिपोर्ट कार्ड NEP 2020 के अनुरूप संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरणात्मक क्षेत्रों तथा सह-अकादमिक गतिविधियों का आकलन करता है और सर्वांगीण विकास का लक्ष्य रखता है। डिजिटलीकरण (QR कोड) एक विशेषता है, मुख्य उद्देश्य नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. उत्तर प्रदेश में शुरू किया गया नया समग्र रिपोर्ट कार्ड क्या है?
उत्तर प्रदेश के सरकारी माध्यमिक स्कूल कक्षा 9 और 10 के छात्रों को 12 पृष्ठ का समग्र रिपोर्ट कार्ड देंगे, जिसमें संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरणात्मक क्षेत्रों का 360 डिग्री सतत मूल्यांकन होगा।
2. समग्र रिपोर्ट कार्ड के आंतरिक मूल्यांकन में कौन-सी ग्रेडिंग प्रणाली इस्तेमाल होती है?
आंतरिक मूल्यांकन में अंकों की जगह M (अधिकांशत:), S (कभी-कभी) और N (सुधार की आवश्यकता) ग्रेड चलते हैं।
3. उत्तर प्रदेश में समग्र रिपोर्ट कार्ड का आदेश किसने जारी किया?
यह आदेश उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी हुआ।
4. नई रिपोर्ट कार्ड व्यवस्था के लिए शिक्षकों को कब प्रशिक्षण दिया जाएगा?
माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों को 12 नवंबर 2026 को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
