प्रिलिम्स के लिए: नवीकरणीय ऊर्जा, स्थापित क्षमता, गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता, पुरस्कार ढांचा, नोडल मंत्रालय, राजस्थान की नवीकरणीय क्षमता, राजस्थान की सौर क्षमता, राष्ट्रीय लक्ष्य
मेन्स के लिए: RE-SAF, नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र, 2030 का 500 GW लक्ष्य, सौर ऊर्जा, नीतिगत ढांचा
स्रोत:The Hindu
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचे (RE-SAF) के तहत शीर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार जीता।
- RE-SAF को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विकसित किया था।
- राजस्थान की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 51.6 GW है।
- राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता 45 GW है।
- भारत का राष्ट्रीय लक्ष्य 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता है।
चर्चा में क्यों?
राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा में अपने प्रदर्शन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचे (RE-SAF) के तहत शीर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। राज्य की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 51.6 GW और सौर ऊर्जा क्षमता 45 GW है, जिससे यह भारत का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा केंद्र बन गया है।
सारांश
- राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचे (RE-SAF) के तहत शीर्ष पुरस्कार जीता है। इस ढांचे को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विद्युत वित्त निगम के सहयोग से विकसित किया है।
- राजस्थान 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान दे रहा है।
मुख्य बातें
RE-SAF राष्ट्रीय पुरस्कार
राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचे के तहत शीर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है।
भारत का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा केंद्र
राजस्थान की स्थापित नवीकरणीय क्षमता 51.6 GW है, जिसमें 45 GW सौर ऊर्जा से है, और इसी कारण यह देश का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा केंद्र है।
2030 का राष्ट्रीय लक्ष्य
राजस्थान 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता के भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभा रहा है।
पृष्ठभूमि
नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचा (RE-SAF) नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विद्युत वित्त निगम के सहयोग से विकसित किया है, ताकि राज्यों का उनके नवीकरणीय ऊर्जा प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जा सके। सौर और पवन ऊर्जा पर राजस्थान के लगातार ज़ोर ने उसे भारत के हरित ऊर्जा परिवर्तन में अग्रणी बना दिया है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
राजस्थान की 51.6 GW स्थापित नवीकरणीय क्षमता, जिसमें अकेले 45 GW सौर ऊर्जा है, सौर विकिरण के उपयोग में उसकी रणनीतिक बढ़त दिखाती है। RE-SAF के तहत राज्य के प्रदर्शन का मूल्यांकन नवीकरणीय ऊर्जा विकास, नीतिगत ढांचे, ग्रिड तैयारी, वितरण कंपनियों (discoms) के प्रदर्शन और निवेश माहौल जैसे मानदंडों पर होता है। यह मान्यता 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन लक्ष्य में राजस्थान की भूमिका को मज़बूत करती है।
आगे की राह
उम्मीद है कि राजस्थान अपनी नवीकरणीय क्षमता का विस्तार जारी रखेगा, खासकर सोलर पार्कों और हाइब्रिड परियोजनाओं में। RE-SAF में राजस्थान की सफलता अन्य राज्यों को भी अपनी नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों और बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के लिए प्रेरित कर सकती है, जिससे भारत का समग्र ऊर्जा परिवर्तन तेज़ हो सकता है।
राजस्थान से जुड़ाव
राजस्थान की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:RPSC RAS 8/10RSSB 7/10
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- नवीकरणीय ऊर्जा
- वह ऊर्जा जो सूरज की रोशनी, हवा और पानी जैसे प्राकृतिक स्रोतों से मिलती है और जिनकी भरपाई उनके उपयोग की दर से तेज़ी से हो जाती है।
- स्थापित क्षमता
- किसी बिजली संयंत्र या प्रणाली की वह अधिकतम विद्युत उत्पादन क्षमता जो निश्चित परिस्थितियों में मिल सके, जिसे गीगावाट (GW) में मापा जाता है।
- गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता
- कोयला, तेल या प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधन का उपयोग न करने वाले स्रोतों से बिजली उत्पादन क्षमता, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा शामिल हैं।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: राजस्थान की स्थापित नवीकरणीय क्षमता 51.6 GW; सौर क्षमता 45 GW
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- इस कानूनी/नीतिगत बिंदु पर ध्यान दें: नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचा (RE-SAF)
यह गलती न करें!
परीक्षार्थी RE-SAF को अन्य राज्य मूल्यांकन ढांचों के साथ भ्रमित कर सकते हैं, या क्षमता के आंकड़े बदल सकते हैं (जैसे 51.6 GW को सौर के रूप में लिख देना, जबकि यह कुल नवीकरणीय क्षमता है)। साथ ही, 2030 तक 500 GW का राष्ट्रीय लक्ष्य गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का है, केवल नवीकरणीय ऊर्जा का नहीं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- RE-SAF, नवीकरणीय ऊर्जा केंद्र, 2030 का 500 GW लक्ष्य, सौर ऊर्जा, नीतिगत ढांचा
कहीं अटके? एक टैप में समझें
राजस्थान को नवीकरणीय ऊर्जा में प्रदर्शन के लिए RE-SAF ढांचे के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। राज्य के पास 51.6 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है, जिसमें से 45 GW सौर ऊर्जा से है। इसी कारण राजस्थान भारत का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा केंद्र है। पुरस्कार उपराष्ट्रपति ने प्रदान किया।
- राजस्थान ने नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचे (RE-SAF) के तहत शीर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार जीता।
- RE-SAF को नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विकसित किया था।
- राजस्थान की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 51.6 GW है।
- राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता 45 GW है।
- भारत का राष्ट्रीय लक्ष्य 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता है।
- पर्यावरण: नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु लक्ष्य
- भूगोल: भारत के ऊर्जा संसाधन
जुड़ी अवधारणाएँ: नवीकरणीय ऊर्जा, स्थापित क्षमता, गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचा (RE-SAF) किस मंत्रालय ने विकसित किया?
व्याख्या: RE-SAF को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विद्युत वित्त निगम के सहयोग से विकसित किया था। विद्युत मंत्रालय बिजली वितरण और ग्रिड प्रबंधन संभालता है, जबकि पर्यावरण मंत्रालय जलवायु परिवर्तन और वनों से जुड़े मामले देखता है।
- Q2कठिन
राजस्थान के नवीकरणीय ऊर्जा प्रदर्शन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.राजस्थान की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 51.6 GW है।
- 2.राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता 45 GW है।
- 3.राष्ट्रीय लक्ष्य 2030 तक 500 GW जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता प्राप्त करना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि राजस्थान की स्थापित नवीकरणीय क्षमता 51.6 GW है। कथन 2 सही है, क्योंकि सौर क्षमता 45 GW है। कथन 3 गलत है, क्योंकि लक्ष्य 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता का है, जीवाश्म ईंधन आधारित का नहीं।
- Q3मध्यम
राजस्थान की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता कितनी है?
व्याख्या: राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता 45 GW है। 51.6 GW कुल स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है। 500 GW 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का राष्ट्रीय लक्ष्य है।
- Q4मध्यम
नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचे (RE-SAF) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: RE-SAF राज्यों का मूल्यांकन नवीकरणीय ऊर्जा विकास, नीतिगत ढांचे, ग्रिड तैयारी, वितरण कंपनियों के प्रदर्शन और निवेश माहौल जैसे मानदंडों पर करता है। यह सीधे अनुदान नहीं देता, लक्ष्य तय नहीं करता और कीमतों का नियमन नहीं करता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. RE-SAF क्या है?
RE-SAF का पूरा नाम नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन ढांचा है, जिसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने विद्युत वित्त निगम के सहयोग से राज्यों के नवीकरणीय ऊर्जा प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए विकसित किया है।
2. राजस्थान की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता कितनी है?
राजस्थान की स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 51.6 GW है, जिसमें 45 GW सौर ऊर्जा क्षमता शामिल है।
3. 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के लिए भारत का राष्ट्रीय लक्ष्य क्या है?
भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता हासिल करना है।
4. राजस्थान को RE-SAF पुरस्कार किसने प्रदान किया?
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में पुरस्कार प्रदान किया।
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मूल खबर7 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
