प्रिलिम्स के लिए: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI), खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006, मिलावट, नोडल मंत्रालय, नियामक निकाय, स्थापना वर्ष, गठन करने वाला अधिनियम, अभियान की अवधि
मेन्स के लिए: खाद्य सुरक्षा, नियामक प्रवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, उपभोक्ता संरक्षण, FSSAI अधिनियम 2006
स्रोत:Dainik Bhaskar
The Hindu
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- FSSAI का पूरा नाम भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण है।
- FSSAI की स्थापना 2008 में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत हुई।
- FSSAI स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन काम करता है।
- 66 दिन के अभियान में FSSAI ने ₹82 करोड़ कीमत की 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की।
- अभियान में 56,431 दुकानों का निरीक्षण हुआ और 314 दुकानें सील हुईं।
चर्चा में क्यों?
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 1 सितंबर से 5 नवंबर 2026 तक 66 दिन का देशव्यापी अभियान चलाया। इसमें 56,431 दुकानों की जांच हुई, 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत ₹82 करोड़ है, और 314 दुकानें सील की गईं। इससे भारत में खाद्य मिलावट के पैमाने और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन FSSAI की भूमिका का पता चलता है।
सारांश
- त्योहारी सीज़न में मिलावट के खिलाफ FSSAI ने 66 दिन का अभियान चलाया (1 सितंबर से 5 नवंबर 2026)।
- देशभर में 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त हुई, जिसकी कीमत ₹82 करोड़ है, और 314 दुकानें सील की गईं।
- गुणवत्ता मानकों पर खरे न उतरने वाले उत्पादों में पनीर, घी, दूध और मिठाइयां शामिल थीं।
मुख्य बातें
व्यापक प्रवर्तन अभियान
FSSAI ने 66 दिनों में देशभर की 56,431 दुकानों का निरीक्षण किया और ₹82 करोड़ कीमत की 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की।
आम मिलावटी वस्तुएं
त्योहारी सीज़न की जांच में गुणवत्ता मानकों पर खरे न उतरे 11 उत्पादों में पनीर, घी, दूध और मिठाइयां शामिल थीं।
FSSAI की नियामक भूमिका
FSSAI स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन खाद्य सुरक्षा मानक तय करता है और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 को लागू करता है।
पृष्ठभूमि
भारत में खाद्य मिलावट एक लगातार बनी रहने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, खासकर त्योहारों में, जब दूध, घी, पनीर और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 ने कई खाद्य कानूनों को एक ढांचे में समेटा और 2008 में FSSAI को केंद्रीय खाद्य नियामक के रूप में स्थापित किया।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
₹82 करोड़ कीमत के 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री की जब्ती और 314 दुकानों की सील से समस्या के व्यापक स्वरूप का अंदाज़ा होता है। 66 दिनों में 56,431 निरीक्षण बताते हैं कि प्रवर्तन की क्षमता बढ़ी है। फिर भी FSSAI के अधिकार नमूने लेने, जब्ती और अभियोजन तक सीमित हैं; जेल की सज़ा केवल अदालत दे सकती है।
आगे की राह
राज्य स्तर पर खाद्य सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करना, निरीक्षण की आवृत्ति बढ़ाना और वास्तविक समय की निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग मदद कर सकता है। मिलावट और FSSAI की भूमिका के बारे में जन-जागरूकता भी उतनी ही ज़रूरी है। अपराधियों को रोकने के लिए सरकार अधिनियम के तहत कड़े दंड पर विचार कर सकती है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI)
- खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत स्थापित एक स्वायत्त वैधानिक निकाय, जो खाद्य सुरक्षा मानक तय करता है और भारत में खाद्य के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और आयात को विनियमित करता है।
- खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006
- संसद का एक अधिनियम, जिसने कई खाद्य कानूनों (जैसे PFA अधिनियम, FPO आदि) को एक ढांचे में समेटा, FSSAI बनाया और खाद्य उत्पादों के लिए विज्ञान-आधारित मानक निर्धारित किए।
- मिलावट
- मात्रा बढ़ाने या घटिया गुणवत्ता छिपाने के लिए खाद्य उत्पादों में घटिया, हानिकारक या सस्ते पदार्थ मिलाना, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को अक्सर खतरा होता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त, कीमत ₹82 करोड़; 56,431 दुकानों का निरीक्षण; 314 दुकानें सील।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (FSSAI इसी मंत्रालय के अधीन है)।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (23 अगस्त 2006 को बना; FSSAI 2008 में स्थापित हुआ)।
यह गलती न करें!
परीक्षक अधिनियम के वर्ष (2006) को FSSAI की स्थापना के वर्ष (2008) से बदल सकते हैं, या नोडल मंत्रालय (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) को उपभोक्ता मामले या कृषि मंत्रालय से भ्रमित कर सकते हैं। वे यह भी पूछ सकते हैं कि क्या FSSAI सीधे किसी को जेल भेज सकता है (नहीं, केवल अदालत ऐसा कर सकती है)।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- खाद्य सुरक्षा, नियामक प्रवर्तन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, उपभोक्ता संरक्षण, FSSAI अधिनियम 2006
कहीं अटके? एक टैप में समझें
FSSAI भारत का खाद्य सुरक्षा नियामक है। वह खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता मानक तय करता है और जांचता है कि दुकानें उनका पालन कर रही हैं या नहीं। त्योहारी सीज़न में उसने 66 दिन का अभियान चलाया, जिसमें 56,000 से अधिक दुकानों की जांच हुई। पनीर, घी, दूध और मिठाइयों जैसी मिलावटी वस्तुओं की 3,280 टन मात्रा पकड़ी गई और जब्त की गई। इन जब्त वस्तुओं की कीमत ₹82 करोड़ है। नियमों के उल्लंघन पर 314 दुकानें सील की गईं।
- FSSAI का पूरा नाम भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण है।
- FSSAI की स्थापना 2008 में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत हुई।
- FSSAI स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन काम करता है।
- 66 दिन के अभियान में FSSAI ने ₹82 करोड़ कीमत की 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की।
- अभियान में 56,431 दुकानों का निरीक्षण हुआ और 314 दुकानें सील हुईं।
- राजव्यवस्था: वैधानिक निकाय और नियामक प्राधिकरण
- शासन: खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण
जुड़ी अवधारणाएँ: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI), खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006, मिलावट
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) किस मंत्रालय के अधीन काम करता है?
व्याख्या: FSSAI स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है। उपभोक्ता मामले मंत्रालय वज़न और माप तथा भारतीय मानक ब्यूरो को देखता है। कृषि मंत्रालय कृषि उपज के मानकों से जुड़ा है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय प्रसंस्करण पर केंद्रित है, सुरक्षा नियमन पर नहीं।
- Q2कठिन
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.FSSAI की स्थापना 2008 में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत हुई।
- 2.FSSAI मिलावट के लिए अपराधियों को सीधे कारावास की सज़ा दे सकता है।
- 3.FSSAI भारत का केंद्रीय खाद्य नियामक निकाय है, जो खाद्य सुरक्षा मानक तय करने के लिए ज़िम्मेदार है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: FSSAI की स्थापना 2008 में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत हुई। कथन 2 गलत है: FSSAI जांच और अभियोजन कर सकता है, लेकिन जेल की सज़ा केवल अदालत दे सकती है। कथन 3 सही है: यह भारत का केंद्रीय खाद्य नियामक निकाय है।
- Q3मध्यम
नवंबर 2026 में समाप्त हुए FSSAI के 66 दिन के देशव्यापी अभियान में कितने टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई?
व्याख्या: अभियान में ठीक 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री ₹82 करोड़ कीमत की जब्त हुई। 2,560, 3,500 और 4,100 संभावित लेकिन गलत आंकड़े हैं।
- Q4मध्यम
त्योहारी सीज़न में FSSAI के देशव्यापी प्रवर्तन अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: अभियान विशेष रूप से त्योहारों के दौरान मिलावट को निशाना बनाता था, जब दूध, घी, पनीर और मिठाइयों की खपत बढ़ती है। FSSAI का मूल दायित्व सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा है, न कि कर, निर्यात या कीमत नियंत्रण।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. FSSAI क्या है और यह क्या करता है?
FSSAI यानी भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है। यह खाद्य सुरक्षा मानक तय करता है और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 को लागू करता है।
2. क्या FSSAI सीधे किसी को जेल भेज सकता है?
नहीं, FSSAI सीधे किसी को जेल नहीं भेज सकता। वह जांच, नमूने लेने और अभियोजन की प्रक्रिया चलाता है, लेकिन जेल की सज़ा केवल अदालत दे सकती है।
3. 2026 के त्योहारी सीज़न अभियान में FSSAI ने कितनी मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की?
FSSAI ने 1 सितंबर से 5 नवंबर 2026 तक चले 66 दिन के अभियान में ₹82 करोड़ कीमत की 3,280 टन मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की।
