प्रिलिम्स के लिए: मुफ्त बिजली योजना (बिहार), स्वैच्छिक त्याग / 'छोड़ो' अभियान, बिहार के मुख्यमंत्री, योजना का लाभ, वर्तमान संदर्भ, संबंधित घटना
मेन्स के लिए: सार्वभौमिक बिजली पहुंच, राजकोषीय संयम, स्वैच्छिक सब्सिडी त्याग, शिक्षा वित्तपोषण
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- बिहार सरकार हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है।
- स्वैच्छिक त्याग अभियान 1 दिसंबर 2026 से शुरू होता है।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री हैं।
- लाभ छोड़ने वालों को 'दाता' कहा जाएगा।
- प्रधानमंत्री मोदी का 21 नवंबर 2026 को वैशाली दौरा प्रस्तावित है।
चर्चा में क्यों?
बिहार सरकार हर घरेलू उपभोक्ता परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजना के तहत बताई जाती है। 1 दिसंबर 2026 से एक अभियान चलेगा, जिसमें आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों से स्वेच्छा से यह सुविधा छोड़ने की अपील की जाएगी। बचत की रकम बच्चों की पढ़ाई पर खर्च होगी। प्रधानमंत्री मोदी 21 नवंबर को NDA सरकार की पहली वर्षगांठ पर वैशाली आने वाले हैं।
सारांश
- बिहार में हर परिवार को जाति, धर्म या आय का भेदभाव किए बिना हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती है।
- 1 दिसंबर 2026 से चलने वाला एक विशेष अभियान सक्षम परिवारों से यह लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील करेगा।
- लाभ छोड़ने वालों को 'दाता' कहा जाएगा और बचाई गई रकम बच्चों की पढ़ाई पर खर्च होगी।
मुख्य बातें
सबके लिए 125 यूनिट मुफ्त बिजली
सबके लिए 125 यूनिट मुफ्त बिजली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजना बताई जाती है, जिसके तहत बिहार के हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती है।
पृष्ठभूमि
बिहार सरकार हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुई बताई जाती है। इसका उद्देश्य जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति के भेदभाव के बिना सभी तक बिजली की पहुंच सुनिश्चित करना है। मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस योजना को जारी रख रहे हैं।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
स्वैच्छिक त्याग का यह अभियान पहले के 'गैस सब्सिडी त्याग' अभियान जैसा है, जिसमें राष्ट्रहित में हजारों परिवारों ने LPG सब्सिडी छोड़ी थी। यहां त्याग से बची रकम बच्चों की पढ़ाई पर लगाई जाएगी। इस तरीके से जरूरतमंदों से लाभ छीने बिना राजकोषीय संयम को बढ़ावा मिलता है, पर इससे राज्य में राजनीतिक बहस भी छिड़ गई है।
आगे की राह
1 दिसंबर 2026 से चलने वाला अभियान उन 'दाता' परिवारों की पहचान करेगा जो स्वेच्छा से लाभ छोड़ें। बची रकम से शिक्षा बजट बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, 21 नवंबर 2026 को वैशाली में प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित दौरा बिहार के लिए नई विकास घोषणाएं ला सकता है।
बिहार से जुड़ाव
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- मुफ्त बिजली योजना (बिहार)
- राज्य सरकार की एक योजना, जिसके तहत बिहार के हर परिवार को आय या सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती है।
- स्वैच्छिक त्याग / 'छोड़ो' अभियान
- एक सरकारी पहल, जिसमें सक्षम लाभार्थी स्वेच्छा से सब्सिडी या मुफ्त सेवा छोड़ते हैं, ताकि संसाधन जरूरतमंदों की ओर मोड़े जा सकें।
- बिहार के मुख्यमंत्री
- बिहार सरकार के प्रमुख, जो राज्यपाल द्वारा नियुक्त होते हैं; वर्तमान में सम्राट चौधरी।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: बिहार में प्रति परिवार हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली
यह गलती न करें!
परीक्षक 'स्वैच्छिक त्याग' की जगह 'अनिवार्य वापसी' या 'योजना रद्द' लिख सकते हैं। योजना सभी के लिए जारी है; केवल वही प्रभावित होंगे जो लाभ छोड़ना चुनें।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- सार्वभौमिक बिजली पहुंच, राजकोषीय संयम, स्वैच्छिक सब्सिडी त्याग, शिक्षा वित्तपोषण
कहीं अटके? एक टैप में समझें
बिहार सरकार राज्य के हर घर को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है। 1 दिसंबर 2026 से एक अभियान में सक्षम लोगों से यह मुफ्त बिजली स्वेच्छा से छोड़ने की अपील होगी। बची रकम बच्चों की पढ़ाई पर खर्च होगी।
- बिहार सरकार हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है।
- स्वैच्छिक त्याग अभियान 1 दिसंबर 2026 से शुरू होता है।
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री हैं।
- लाभ छोड़ने वालों को 'दाता' कहा जाएगा।
- प्रधानमंत्री मोदी का 21 नवंबर 2026 को वैशाली दौरा प्रस्तावित है।
- शासन: राज्य की योजनाएं एवं नीतियां
- अर्थव्यवस्था: सब्सिडी एवं राजकोषीय नीति
जुड़ी अवधारणाएँ: मुफ्त बिजली योजना (बिहार), स्वैच्छिक त्याग / 'छोड़ो' अभियान, बिहार के मुख्यमंत्री
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
कौन-सी राज्य सरकार हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है?
व्याख्या: बिहार सरकार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री मोदी की योजना के तहत हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है। उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश में बिजली की अलग योजनाएं हैं।
- Q2कठिन
बिहार की मुफ्त बिजली योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.बिहार में हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती है।
- 2.मुफ्त बिजली का लाभ केवल गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को है।
- 3.1 दिसंबर 2026 से स्वैच्छिक त्याग का अभियान शुरू होगा।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: हर परिवार को 125 यूनिट मुफ्त मिलती है। कथन 2 गलत है: योजना सभी परिवारों के लिए है, केवल BPL के लिए नहीं। कथन 3 सही है: 1 दिसंबर 2026 से स्वैच्छिक त्याग अभियान शुरू होगा। अतः विकल्प C सही है।
- Q3आसान
बिहार की योजना के तहत हर परिवार को हर महीने कितनी मुफ्त यूनिट बिजली दी जाती है?
व्याख्या: योजना प्रति परिवार हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देती है। 100, 150 और 200 यूनिट दूसरे राज्यों की योजनाओं के आंकड़े हैं।
- Q4मध्यम
बिहार में मुफ्त बिजली के लिए स्वैच्छिक त्याग अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जो लोग स्वेच्छा से लाभ छोड़ेंगे, उनकी बची रकम बच्चों की पढ़ाई पर खर्च होगी। योजना समाप्त करना या बिजली दरें बढ़ाना इसका उद्देश्य नहीं है; बाकी सभी के लिए योजना जारी रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. बिहार में हर परिवार को हर महीने कितनी मुफ्त यूनिट बिजली मिलती है?
बिहार में हर परिवार को राज्य की योजना के तहत हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती है।
2. बिहार में मुफ्त बिजली के लिए स्वैच्छिक त्याग अभियान कब शुरू होता है?
यह अभियान 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगा।
3. इस अभियान की घोषणा करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री कौन हैं?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वैच्छिक त्याग अभियान की घोषणा की।
4. लाभ छोड़ने वालों की बची हुई रकम का क्या होगा?
बची हुई रकम बच्चों की पढ़ाई पर खर्च होगी।
सभी स्रोत
मूल खबर8 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
