प्रिलिम्स के लिए: स्वदेशीकरण, एंटी-डंपिंग शुल्क, व्यापार घाटा, न्यूनतम आयात मूल्य (MIP), नोडल निकाय, भारत की सोलर मॉड्यूल क्षमता, भारत की सोलर सेल क्षमता, भारत की इंगॉट-वेफर क्षमता
मेन्स के लिए: स्वदेशीकरण, आयात प्रतिस्थापन, सोलर विनिर्माण मूल्य श्रृंखला, व्यापार घाटा, रणनीतिक स्वायत्तता
स्रोत:Indian Express
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- DPIIT 100 महत्वपूर्ण वस्तुओं के स्वदेशीकरण को आगे बढ़ा रहा है।
- भारत की सोलर मॉड्यूल क्षमता लगभग 233 GW और सेल क्षमता लगभग 30 GW है।
- वित्त वर्ष 2026-27 में भारत-चीन व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर से ऊपर गया।
- तमिलनाडु में सुरंग खोदने वाली मशीनों का एक संयंत्र स्थापित किया गया है।
- अगस्त 2026 में S-PVC पर $0.766 प्रति किलो का MIP लगाया गया।
चर्चा में क्यों?
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) का स्वदेशीकरण अभियान सौर, पूंजीगत वस्तुओं और मूल पेट्रोकेमिकल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित है, और तमिलनाडु तथा गुजरात में घरेलू उत्पादन की योजनाएं आगे बढ़ रही हैं।
सारांश
- DPIIT विभिन्न क्षेत्रों की मध्यवर्ती और पूंजीगत वस्तुओं सहित 100 महत्वपूर्ण वस्तुओं के स्वदेशीकरण को आगे बढ़ा रहा है।
- तमिलनाडु में सुरंग खोदने वाली मशीनों का एक संयंत्र स्थापित किया गया है; उत्पादन जल्द शुरू होने की संभावना है।
- भारत की सोलर मॉड्यूल क्षमता लगभग 233 GW है, जबकि सेल क्षमता केवल लगभग 30 GW और इंगॉट-वेफर क्षमता लगभग 2 GW है।
- लक्षित प्रमुख पेट्रोकेमिकल्स: PVC, पॉलीएथिलीन, पॉलीप्रोपिलीन, पॉलीस्टाइरीन, ABS, फॉस्फोरिक एसिड, अमोनिया, एसिटिक एसिड और टोल्यूनीन।
- वित्त वर्ष 2026-27 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर से ऊपर निकल गया।
मुख्य बातें
100 वस्तुओं के स्वदेशीकरण का अभियान
DPIIT चीन पर आयात निर्भरता घटाने के लिए सुरंग खोदने वाली मशीनों, सोलर सेल और पेट्रोकेमिकल्स सहित 100 महत्वपूर्ण वस्तुओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दे रहा है।
सोलर विनिर्माण का अंतर
भारत की सोलर मॉड्यूल क्षमता (233 GW) सेल (30 GW) और इंगॉट-वेफर (2 GW) क्षमता से कहीं अधिक है, जिससे आयातित सेल और उपकरणों पर भारी निर्भरता बनी हुई है।
पेट्रोकेमिकल्स में आत्मनिर्भरता पर ज़ोर
PVC, पॉलीएथिलीन, पॉलीप्रोपिलीन और फॉस्फोरिक एसिड जैसे प्रमुख पेट्रोकेमिकल्स के घरेलू उत्पादन को लक्ष्य बनाया जा रहा है।
पृष्ठभूमि
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने नवंबर 2026 से सोलर उपकरण, सुरंग खोदने वाली मशीनों और भारी मशीनरी में इस्तेमाल होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर निर्यात लाइसेंसिंग व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। यह चीन की सोलर विनिर्माण तकनीकों पर पहले लगाई गई पाबंदियों के बाद आया है। भारत के DPIIT ने इसके जवाब में विभिन्न क्षेत्रों की 100 महत्वपूर्ण वस्तुओं के स्वदेशीकरण का अभियान तेज़ कर दिया है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
भारत की सोलर विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में भारी असंतुलन है: मॉड्यूल क्षमता 233 GW है, जबकि सेल क्षमता केवल 30 GW और इंगॉट-वेफर क्षमता सिर्फ 2 GW है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार चीन के बाहर (यूरोप, जापान) से पूंजीगत वस्तुएं मंगाने पर लागत 20-40% तक बढ़ सकती है। पेट्रोकेमिकल्स के अभियान में PVC, फॉस्फोरिक एसिड और अमोनिया जैसे उच्च मूल्य वाले आयात लक्ष्य हैं, जो वस्त्र, दवा और उर्वरक उद्योगों के लिए अहम हैं। मुंद्रा में अदाणी का PVC संयंत्र और रिलायंस का 2026-27 तक 1.5 MMT तक विस्तार प्रमुख कदम हैं। इस वित्त वर्ष में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर से ऊपर जाना इस अभियान की तात्कालिकता को सामने लाता है।
आगे की राह
सरकार ने घरेलू सोलर विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और सोलर मॉड्यूल के कचरे के पुनर्चक्रण के लिए दिशानिर्देश तैयार करने की योजना घोषित की है। तमिलनाडु में सुरंग खोदने वाली मशीनों का एक संयंत्र स्थापित किया गया है। मंत्रालयों और उद्योग जगत के साथ जारी चर्चा से घरेलू उत्पादन में तेज़ी आने की उम्मीद है। इस अभियान की सफलता लागत प्रतिस्पर्धा, तकनीक हस्तांतरण और सेल तथा इंगॉट-वेफर क्षमता के विस्तार पर निर्भर करेगी।
भारत की सोलर विनिर्माण क्षमता बनाम आवश्यकता
| खंड | क्षमता | आयात निर्भरता |
|---|---|---|
| मॉड्यूल | लगभग 233 GW (वार्षिक) | कम |
| सेल | लगभग 30 GW (वार्षिक) | अधिक |
| इंगॉट-वेफर | लगभग 2 GW (स्थापित) | बहुत अधिक |
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- स्वदेशीकरण
- आयात पर निर्भरता घटाने के लिए घरेलू विनिर्माण क्षमता विकसित करने की प्रक्रिया, जो अक्सर रणनीतिक या आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अपनाई जाती है।
- एंटी-डंपिंग शुल्क
- विदेशी आयात पर सरकार द्वारा लगाया जाने वाला संरक्षणवादी शुल्क, जिसे लगता है कि उचित बाज़ार मूल्य से कम कीमत पर बेचा जा रहा है, ताकि घरेलू उद्योगों की रक्षा हो सके।
- व्यापार घाटा
- किसी अवधि में देश के आयात मूल्य का उसके निर्यात मूल्य से अधिक होना।
- न्यूनतम आयात मूल्य (MIP)
- वह न्यूनतम कीमत जिस पर कोई उत्पाद आयात किया जा सकता है; इसका उपयोग सस्ते आयात से घरेलू उत्पादकों की रक्षा के लिए होता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: भारत की सोलर मॉड्यूल क्षमता लगभग 233 GW, सेल क्षमता लगभग 30 GW और इंगॉट-वेफर क्षमता लगभग 2 GW है।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT)
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: वित्त वर्ष 2026-27 में भारत-चीन व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर से ऊपर गया।
यह गलती न करें!
परीक्षक मॉड्यूल और सेल क्षमता की अदला-बदली कर सकते हैं या इंगॉट-वेफर के आंकड़े बढ़ा-चढ़ाकर दे सकते हैं। वे DPIIT को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से भी भ्रमित कर सकते हैं, जबकि DPIIT उसी के अधीन है। साथ ही, चीन की प्रस्तावित निर्यात लाइसेंस व्यवस्था पूर्ण प्रतिबंध नहीं, बल्कि लाइसेंस लेने की शर्त है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- स्वदेशीकरण, आयात प्रतिस्थापन, सोलर विनिर्माण मूल्य श्रृंखला, व्यापार घाटा, रणनीतिक स्वायत्तता
कहीं अटके? एक टैप में समझें
भारत का लक्ष्य 100 महत्वपूर्ण वस्तुओं को चीन से खरीदने के बजाय देश में ही बनाना है। इनमें सुरंग खोदने वाली मशीनें, सोलर पैनल के पुर्ज़े और प्लास्टिक व दवाओं में इस्तेमाल होने वाले रसायन शामिल हैं। चीन ने ऐसी वस्तुओं के निर्यात के लिए लाइसेंस व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है, जिससे इन्हें खरीदना कठिन हो सकता है, इसलिए भारत अपना उत्पादन तेज़ कर रहा है। तमिलनाडु में सुरंग खोदने वाली मशीनों का नया कारखाना तैयार है, और अदाणी व रिलायंस PVC तथा अन्य रसायनों के संयंत्र लगा रहे हैं।
- DPIIT 100 महत्वपूर्ण वस्तुओं के स्वदेशीकरण को आगे बढ़ा रहा है।
- भारत की सोलर मॉड्यूल क्षमता लगभग 233 GW और सेल क्षमता लगभग 30 GW है।
- वित्त वर्ष 2026-27 में भारत-चीन व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर से ऊपर गया।
- तमिलनाडु में सुरंग खोदने वाली मशीनों का एक संयंत्र स्थापित किया गया है।
- अगस्त 2026 में S-PVC पर $0.766 प्रति किलो का MIP लगाया गया।
- अर्थव्यवस्था: औद्योगिक नीति और स्वदेशीकरण
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: भारत-चीन व्यापार और आर्थिक संबंध
जुड़ी अवधारणाएँ: स्वदेशीकरण, एंटी-डंपिंग शुल्क, व्यापार घाटा, न्यूनतम आयात मूल्य (MIP)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
100 महत्वपूर्ण वस्तुओं के स्वदेशीकरण के अभियान का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के किस विभाग द्वारा किया जा रहा है?
व्याख्या: DPIIT ने 100 वस्तुओं के स्वदेशीकरण का अभियान शुरू किया है। इसमें वित्त मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सोलर मॉड्यूल के पुनर्चक्रण दिशानिर्देश देख रहा है, न कि समग्र स्वदेशीकरण अभियान।
- Q2कठिन
भारत की सोलर विनिर्माण क्षमता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.भारत की वार्षिक सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता लगभग 233 GW है।
- 2.भारत की सोलर सेल विनिर्माण क्षमता उसकी मॉड्यूल क्षमता से अधिक है।
- 3.भारत की स्थापित इंगॉट और वेफर विनिर्माण क्षमता लगभग 2 GW है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: भारत की वार्षिक सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता लगभग 233 GW है। कथन 2 गलत है: सेल क्षमता केवल लगभग 30 GW है, जो मॉड्यूल क्षमता से कहीं कम है। कथन 3 सही है: इंगॉट और वेफर क्षमता लगभग 2 GW है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
अगस्त 2026 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा PVC सस्पेंशन रेज़िन (S-PVC) पर लगाया गया न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) कितना है?
व्याख्या: S-PVC पर $0.766 प्रति किलो का MIP लगाया गया।
- Q4मध्यम
100 महत्वपूर्ण वस्तुओं के स्वदेशीकरण के भारत के प्रयास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: समाचार चीन के प्रस्तावित निर्यात लाइसेंसिंग व्यवस्था को चीनी आयात पर निर्भरता घटाने के लिए भारत के स्वदेशीकरण अभियान का कारण बताता है। चीन को निर्यात बढ़ाना इसका लक्ष्य नहीं है। चीन से FDI आकर्षित करना अभियान के विपरीत है। घरेलू दाम घटना संभावित परिणाम हो सकता है, मुख्य उद्देश्य नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. भारत कितनी महत्वपूर्ण वस्तुओं के स्वदेशीकरण का लक्ष्य रख रहा है?
भारत का DPIIT 100 महत्वपूर्ण वस्तुओं को लक्ष्य बना रहा है, जिनमें सुरंग खोदने वाली मशीनें, सोलर सेल और पेट्रोकेमिकल्स शामिल हैं।
2. भारत की सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता कितनी है?
भारत के पास लगभग 233 GW की वार्षिक सोलर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता है, लेकिन सेल क्षमता केवल लगभग 30 GW और इंगॉट-वेफर क्षमता लगभग 2 GW है।
3. भारत के नए स्वदेशीकरण अभियान को किस बात ने प्रेरित किया?
सोलर उपकरणों और भारी मशीनरी में इस्तेमाल होने वाली पूंजीगत वस्तुओं, जिनमें सुरंग खोदने वाली मशीनें भी शामिल हैं, पर चीन की प्रस्तावित निर्यात लाइसेंसिंग व्यवस्था ने भारत का यह प्रयास शुरू कराया।
4. वित्त वर्ष 2026-27 तक भारत-चीन व्यापार घाटा कितना है?
चालू वित्त वर्ष (2026-27) में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 100 अरब डॉलर से ऊपर निकल गया है।
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मूल खबर8 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

