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JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा: CID को OMR शीट में छेड़छाड़ मिली, उम्मीदवारों को उत्तरों से ज़्यादा अंक मिले

8 नवंबर 20262 मिनट2 स्रोत4 प्रश्नखबर 1 / 27

प्रिलिम्स के लिए: JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग), OMR शीट (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन), CID (अपराध अन्वेषण विभाग), संबंधित परीक्षा, जांच एजेंसी, मुख्य साक्ष्य का प्रकार, नामित उम्मीदवारों की संख्या, मुख्य आरोपी

मेन्स के लिए: OMR में हेराफेरी, परीक्षा की ईमानदारी, राज्य लोक सेवा आयोग, भर्ती धोखाधड़ी, CID जांच

स्रोत:HindustanHindustanDainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा की CID जांच में OMR शीट में व्यवस्थित हेराफेरी सामने आई है। CCTV फुटेज में उम्मीदवार वास्तव में जितने प्रश्न हल करते दिखे, उनकी बाद में दर्ज OMR शीट में उससे कहीं ज़्यादा उत्तर भरे मिले, जिससे संकेत मिलता है कि परीक्षा के बाद आरोपियों ने शीट में छेड़छाड़ की।

सारांश

  • JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा की CID जांच में छह उम्मीदवार मिले, जिनकी CCTV गतिविधि उनकी OMR शीट में दर्ज उत्तरों से कहीं कम थी।
  • आरोपी बुद्धेश्वर भगत के लैपटॉप में चयनित उम्मीदवारों की एक सूची मिली, जो छेड़छाड़ वाली OMR शीट से मेल खाती है।
  • उम्मीदवारों ने OMR शीट की कार्बन कॉपी देने से इनकार किया और कहा कि वह खो गई है या दलालों को सौंप दी गई थी।

मुख्य बातें

  • OMR शीट में हेराफेरी

    CCTV फुटेज में उम्मीदवार 30-40 प्रश्न हल करते दिखे, जबकि उनकी OMR शीट में 90-100 सही उत्तर दर्ज थे, जो परीक्षा के बाद हेराफेरी का प्रमाण है।

  • लैपटॉप से मिला साक्ष्य

    आरोपी बुद्धेश्वर भगत के लैपटॉप में चयनित उम्मीदवारों की सूची मिली, जिसमें वही छह उम्मीदवार शामिल हैं जिनकी OMR शीट में छेड़छाड़ पाई गई।

  • कार्बन कॉपी देने से इनकार

    छहों उम्मीदवारों ने अपनी OMR शीट की कार्बन कॉपी देने से इनकार किया और कहा कि वह गायब है या दलालों को सौंप दी गई थी।

पृष्ठभूमि

JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा अनियमितताओं के आरोपों के कारण जांच के दायरे में है। CID को OMR शीट में छेड़छाड़ और दलालों की संलिप्तता सहित कथित गड़बड़ियों की जांच सौंपी गई थी।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

CID के साक्ष्य गंभीर हैं। उदाहरण के लिए, ओम प्रकाश राणा CCTV में कोई उत्तर भरते नहीं दिखे, लेकिन उनकी OMR शीट में पेपर-1 में 91/100 और पेपर-2 में 92/100 उत्तर दर्ज थे। छह उम्मीदवारों में यही पैटर्न दिखना समन्वित धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है। बुद्धेश्वर भगत के लैपटॉप की सूची आरोपियों को लाभार्थियों से सीधे जोड़ती है। इससे JPSC परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है और झारखंड में सार्वजनिक सेवा भर्ती की ईमानदारी पर भी प्रश्न खड़े होते हैं।

आगे की राह

CID के निष्कर्षों से छह उम्मीदवारों और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने की संभावना है। JPSC को परीक्षा सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा करनी पड़ सकती है, जिसमें बेहतर CCTV निगरानी, OMR शीट का सुरक्षित रखरखाव और कार्बन कॉपी का सख्त सत्यापन शामिल है। प्रभावित उम्मीदवारों के परिणामों की पुनर्परीक्षा या रद्दीकरण भी संभव है।

झारखंड से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग)
अनुच्छेद 315 के तहत एक संवैधानिक निकाय, जो झारखंड में राज्य सेवाओं में भर्ती के लिए सिविल सेवा परीक्षाएँ आयोजित करता है।
OMR शीट (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन)
पहले से छपे गोलों वाली एक शीट, जिसमें उम्मीदवार उत्तर चिह्नित करने के लिए गोले भरते हैं। इसे स्कैन कर मशीन से मूल्यांकन किया जाता है।
CID (अपराध अन्वेषण विभाग)
भारत के राज्यों में एक विशेष पुलिस इकाई, जो जटिल और गंभीर अपराधों की जांच करती है और अक्सर राज्य सरकार के निर्देश पर काम करती है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा; छह उम्मीदवार चिह्नित; CCTV से OMR में हेराफेरी का साक्ष्य
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)

यह गलती न करें!

परीक्षक जांच एजेंसी (CID) के बारे में पूछ सकते हैं, लेकिन इसे CBI समझने की गलती हो सकती है। याद रखें: CID राज्य स्तर की पुलिस इकाई है, जबकि CBI केंद्रीय एजेंसी है। साथ ही, परीक्षा JPSC की 14वीं है, 15वीं या 16वीं नहीं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • OMR में हेराफेरी, परीक्षा की ईमानदारी, राज्य लोक सेवा आयोग, भर्ती धोखाधड़ी, CID जांच

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    जिस सिविल सेवा परीक्षा में CID जांच में OMR शीट से छेड़छाड़ पाई गई, उसे किस राज्य स्तरीय निकाय ने आयोजित किया?

  2. Q2कठिन

    निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.CID की जांच में पाया गया कि CCTV में उम्मीदवार अपनी OMR शीट में दर्ज उत्तरों से अधिक प्रश्न हल करते दिखे।
    2. 2.आरोपी बुद्धेश्वर भगत के लैपटॉप में चयनित उम्मीदवारों की सूची थी।
    3. 3.छहों उम्मीदवारों ने OMR शीट की कार्बन कॉपी CID को सौंप दी थी।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    CID की जांच के अनुसार, CCTV फुटेज और OMR शीट के उत्तरों में अंतर वाले कितने उम्मीदवार मिले?

  4. Q4मध्यम

    JPSC परीक्षा प्रक्रिया के लिए CID के निष्कर्षों का सबसे महत्वपूर्ण निहितार्थ क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. JPSC 14वीं सिविल सेवा परीक्षा क्या है?

यह झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा विभिन्न राज्य सरकारी पदों की भर्ती के लिए आयोजित राज्य सिविल सेवा परीक्षा का 14वाँ संस्करण है।

2. CID जांच में OMR शीट के बारे में क्या पाया गया?

CID को छह उम्मीदवार मिले, जिनकी OMR शीट में CCTV में दिखे प्रयास से कहीं ज़्यादा उत्तर दर्ज थे, जो परीक्षा के बाद हेराफेरी का संकेत है।

3. JPSC OMR हेराफेरी मामले का मुख्य आरोपी कौन है?

बुद्धेश्वर भगत मुख्य आरोपी हैं, और उनके लैपटॉप में चयनित उम्मीदवारों की सूची मिली, जो छेड़छाड़ वाली OMR शीट से मेल खाती है।

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