प्रिलिम्स के लिए: ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR), फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) / फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI), भूमि अधिग्रहण, TDR का पूर्ण रूप, नोडल निकाय, प्रमुख बदलाव, अतिरिक्त निर्माण अधिकार, छूट प्राप्त क्षेत्र
मेन्स के लिए: शहरी भूमि प्रबंधन, नीति साधन के रूप में TDR, हेरिटेज संरक्षण बनाम शहरी विकास, बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक-निजी भागीदारी
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- राजस्थान 2026 में अपनी ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR) नीति में बदलाव कर रहा है।
- सार्वजनिक कार्यों के लिए ली गई ज़मीन के बदले भू-स्वामियों को नकद की जगह TDR प्रमाण-पत्र मिलेंगे।
- भू-स्वामी समर्पित क्षेत्र के दोगुने तक अतिरिक्त निर्माण अधिकार पा सकते हैं।
- नीति जयपुर के परकोटे/चारदीवारी जैसे हेरिटेज क्षेत्रों को अपने दायरे से बाहर रखती है।
- पिछली TDR नीति का मसौदा 2012 में अशोक गहलोत सरकार के समय बना था।
चर्चा में क्यों?
राजस्थान सरकार शहरों में भूमि अधिग्रहण के लिए अपनी ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR) नीति में बदलाव कर रही है। बाज़ार दर पर नकद मुआवजे की जगह प्रभावित भू-स्वामियों को समर्पित क्षेत्र के दोगुने तक के TDR प्रमाण-पत्र मिलेंगे, जिनसे वे अतिरिक्त निर्माण कर सकेंगे। नीति जयपुर के परकोटे और चारदीवारी जैसे हेरिटेज शहरी क्षेत्रों को छूट देती है।
सारांश
- राजस्थान की नई TDR नीति के मसौदे में सड़क और पार्क जैसे सार्वजनिक कार्यों के लिए ली गई ज़मीन के बदले नकद मुआवजे की जगह ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR) प्रमाण-पत्र दिए जाने का प्रावधान है।
- भू-स्वामियों को समर्पित क्षेत्र के दोगुने तक का अतिरिक्त निर्माण अधिकार मिलेगा, जिसे वे बिल्डरों या निजी व्यक्तियों को बेच सकेंगे।
- यह नीति हेरिटेज शहरी क्षेत्रों और जयपुर के परकोटे/चारदीवारी जैसी घनी आबादी वाली पुरानी बस्तियों पर लागू नहीं होगी।
- पिछली TDR नीति का मसौदा 2012 में अशोक गहलोत सरकार के समय बना था; नया मसौदा 14 साल बाद संशोधित किया जा रहा है।
- नगरीय विकास विभाग ने जनता से पूछा है कि क्या 1000 वर्गगज ज़मीन के बदले 2000 वर्गगज तक निर्माण अधिकार स्वीकार होंगे।
मुख्य बातें
नकद की जगह TDR प्रमाण-पत्र
सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए ली गई ज़मीन के बदले भू-स्वामियों को नकद मुआवजे की जगह ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR) प्रमाण-पत्र मिलेंगे।
दोगुने निर्माण अधिकार
समर्पित हर एक वर्गगज ज़मीन के बदले भू-स्वामियों को दो वर्गगज तक का अतिरिक्त निर्माण अधिकार मिलेगा, जिसे वे बेच सकेंगे।
हेरिटेज क्षेत्र को छूट
हेरिटेज स्वरूप बचाने के लिए जयपुर के परकोटे/चारदीवारी जैसे हेरिटेज शहरी क्षेत्रों पर नई TDR नीति लागू नहीं होगी।
पृष्ठभूमि
राजस्थान की मौजूदा TDR नीति 2012 में तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार के समय बनी थी। पिछले 14 वर्षों में सरकार को शहरों में सरकारी खाली ज़मीन न होने के कारण सड़क और पार्क जैसी सार्वजनिक सुविधाओं के लिए निजी ज़मीन लेने में कठिनाई हो रही है। पुरानी नीति के प्रावधान अप्रभावी साबित हुए, इसलिए व्यापक संशोधन किया जा रहा है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
नकद मुआवजे से TDR प्रमाण-पत्र की ओर बदलाव एक बड़ा नीतिगत कदम है। इसका उद्देश्य सरकार पर तत्काल वित्तीय बोझ घटाना और भू-स्वामियों को एक हस्तांतरणीय परिसंपत्ति (निर्माण अधिकार) देना है, जिसका मूल्य बढ़ सकता है। हालांकि जनता का एक वर्ग नकद या ज़मीन के बदले ज़मीन मुआवजे को पसंद करता है, इसलिए विरोध भी है। जयपुर के परकोटे/चारदीवारी जैसे हेरिटेज क्षेत्रों को छूट शहरी संरक्षण के लिहाज़ से महत्वपूर्ण है, पर इससे घनी पुरानी बस्तियों में नीति का दायरा सीमित होता है।
आगे की राह
नगरीय विकास विभाग अभी मसौदे पर जनता के सुझाव ले रहा है। सुझावों को शामिल करने के बाद अंतिम नीति अधिसूचित की जाएगी। नीति की सफलता TDR प्रमाण-पत्रों की बाज़ार में स्वीकार्यता और सरकार की नए नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की क्षमता पर निर्भर करेगी, खासकर भू-स्वामियों के लिए एक वर्ष की समर्पण समय-सीमा पर।
राजस्थान से जुड़ाव
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पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR)
- एक योजना साधन, जो भू-स्वामियों को एक भूखंड की विकास क्षमता (फ्लोर एरिया अनुपात) दूसरे भूखंड में हस्तांतरित करने देता है। सार्वजनिक उद्देश्य के लिए ली गई ज़मीन के बदले नकद के बिना मुआवजा देने में इसका उपयोग होता है।
- फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) / फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI)
- किसी इमारत के कुल फ्लोर क्षेत्र और जिस भूखंड पर वह बनी है उसके आकार का अनुपात, जो शहरी क्षेत्रों में निर्माण के घनत्व को नियंत्रित करता है।
- भूमि अधिग्रहण
- वह प्रक्रिया जिसमें सरकार सार्वजनिक उद्देश्य के लिए निजी ज़मीन लेती है। इसे भूमि अधिग्रहण में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 नियंत्रित करता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: TDR नीति का मसौदा 2012 में बना और 14 वर्ष बाद 2026 में संशोधित हो रहा है
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: नगरीय विकास विभाग, राजस्थान सरकार
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR) का प्रावधान
यह गलती न करें!
परीक्षक 'ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स' की जगह 'फ्लोर एरिया रेशियो' या 'फ्लोर स्पेस इंडेक्स' (FSI) लिखकर भ्रम पैदा कर सकते हैं। TDR विकास क्षमता हस्तांतरित करने का अधिकार है, जबकि FAR/FSI स्वयं अनुपात है। साथ ही छूट 'हेरिटेज शहरी क्षेत्रों' के लिए है, पूरे जयपुर के लिए नहीं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- शहरी भूमि प्रबंधन, नीति साधन के रूप में TDR, हेरिटेज संरक्षण बनाम शहरी विकास, बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक-निजी भागीदारी
कहीं अटके? एक टैप में समझें
जब राजस्थान सरकार सड़क या पार्क बनाने के लिए निजी ज़मीन लेती है, तो नकद देने की जगह भू-स्वामी को ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स नाम का प्रमाण-पत्र देगी। इस प्रमाण-पत्र से मालिक अपनी किसी दूसरी संपत्ति पर समर्पित क्षेत्र के दोगुने तक अतिरिक्त निर्माण कर सकता है। यह प्रमाण-पत्र बिल्डर को बेचा भी जा सकता है। यह नीति जयपुर के पुराने परकोटे जैसे हेरिटेज क्षेत्रों में लागू नहीं होती।
- राजस्थान 2026 में अपनी ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR) नीति में बदलाव कर रहा है।
- सार्वजनिक कार्यों के लिए ली गई ज़मीन के बदले भू-स्वामियों को नकद की जगह TDR प्रमाण-पत्र मिलेंगे।
- भू-स्वामी समर्पित क्षेत्र के दोगुने तक अतिरिक्त निर्माण अधिकार पा सकते हैं।
- नीति जयपुर के परकोटे/चारदीवारी जैसे हेरिटेज क्षेत्रों को अपने दायरे से बाहर रखती है।
- पिछली TDR नीति का मसौदा 2012 में अशोक गहलोत सरकार के समय बना था।
- शासन-प्रशासन: शहरी विकास और भूमि प्रबंधन
- अर्थव्यवस्था: बुनियादी ढांचा और सार्वजनिक नीति
जुड़ी अवधारणाएँ: ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR), फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) / फ्लोर स्पेस इंडेक्स (FSI), भूमि अधिग्रहण
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
नई ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR) नीति के लिए राजस्थान सरकार का कौन-सा विभाग ज़िम्मेदार है?
व्याख्या: TDR नीति का संशोधन नगरीय विकास विभाग कर रहा है। राजस्व विभाग भूमि अभिलेख संभालता है, ग्रामीण विकास विभाग गांवों पर केंद्रित है, और आवास और शहरी कार्य विभाग एक केंद्रीय मंत्रालय है, राज्य विभाग नहीं।
- Q2कठिन
राजस्थान की नई TDR नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.नई नीति में सार्वजनिक कार्यों के लिए ली गई ज़मीन पर बाज़ार दर पर नकद मुआवजा दिया जाता है।
- 2.भू-स्वामियों को ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स प्रमाण-पत्र मिलेंगे, जिन्हें बिल्डरों या निजी व्यक्तियों को बेचा जा सकता है।
- 3.यह नीति जयपुर के परकोटे/चारदीवारी जैसे हेरिटेज शहरी क्षेत्रों पर लागू नहीं होगी।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है: नई नीति नकद मुआवजे की जगह TDR प्रमाण-पत्र देती है, नकद नहीं। कथन 2 सही है: TDR प्रमाण-पत्र बेचे जा सकते हैं। कथन 3 सही है: परकोटे/चारदीवारी जैसे हेरिटेज क्षेत्र नीति से छूट में हैं। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
नए TDR नीति मसौदे के अनुसार, 1000 वर्गगज ज़मीन समर्पित करने पर भू-स्वामी को अधिकतम कितना अतिरिक्त निर्माण अधिकार मिल सकता है?
व्याख्या: मसौदे में कहा गया है कि भू-स्वामियों को समर्पित क्षेत्र के दोगुने तक अतिरिक्त निर्माण अधिकार मिलेंगे, यानी 1000 वर्गगज के बदले 2000 वर्गगज तक। 1500 वर्गगज का उल्लेख जनता से सुझाव मांगते समय एक संभावित विकल्प के रूप में हुआ था।
- Q4मध्यम
भूमि अधिग्रहण में नकद मुआवजे से TDR प्रमाण-पत्र की ओर राजस्थान के बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: इस बदलाव का उद्देश्य सरकार का तत्काल नकद खर्च घटाना और भू-स्वामियों को एक मूल्यवान, हस्तांतरणीय परिसंपत्ति (निर्माण अधिकार) देना है। तत्काल नकद राहत उद्देश्य नहीं है, क्योंकि यह नकद की जगह देता है। FAR बढ़ाना एक उप-प्रभाव है, मुख्य लक्ष्य नहीं। यह नीति भूमि अधिग्रहण रोकती नहीं, उसे सुगम बनाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. राजस्थान की नई TDR नीति क्या है?
नई ट्रांसफरेबल डवलपमेंट राइट्स (TDR) नीति सार्वजनिक कार्यों के लिए ली गई ज़मीन के बदले नकद मुआवजे की जगह TDR प्रमाण-पत्र देती है, जिससे भू-स्वामियों को समर्पित क्षेत्र के दोगुने तक अतिरिक्त निर्माण अधिकार मिलते हैं।
2. नई TDR नीति से जयपुर में कौन-से क्षेत्र छूट में हैं?
जयपुर के परकोटे/चारदीवारी (वॉल्ड सिटी) जैसे हेरिटेज शहरी क्षेत्र और घनी आबादी वाली पुरानी बस्तियां नई TDR नीति से छूट में हैं।
3. राजस्थान की पिछली TDR नीति का मसौदा कब बना था?
पिछली TDR नीति का मसौदा 2012 में अशोक गहलोत सरकार के समय बना था, और नया मसौदा 14 साल बाद संशोधित किया जा रहा है।
4. राजस्थान की नई TDR नीति के लिए कौन ज़िम्मेदार है?
राजस्थान सरकार का नगरीय विकास विभाग नई TDR नीति का मसौदा तैयार करने और उसे लागू करने के लिए ज़िम्मेदार है।
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मूल खबर8 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

