प्रिलिम्स के लिए: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), UDMA का पूर्ण रूप, नोडल मंत्रालय, उद्देश्य, अध्यक्ष
मेन्स के लिए: विकेंद्रीकरण, शहरी आपदा जोखिम में कमी, स्थानीय स्वशासन, तैयारी
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- UDMA का अर्थ है शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण।
- UDMA मध्य प्रदेश के 16 नगर निगमों में स्थापित किया जाएगा।
- UDMA के अध्यक्ष नगर निगम आयुक्त हैं।
- UDMA का कानूनी आधार आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 है।
- UDMA राहत कार्यों के लिए निजी वाहन और संपत्ति अधिग्रहित कर सकता है।
चर्चा में क्यों?
मध्य प्रदेश ने बाढ़, आगजनी और गैस रिसाव जैसी शहर-विशेष आपात स्थितियों से निपटने के लिए 16 नगर निगमों में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UDMA) गठित किया है। हर UDMA का अलग सचिवालय और 24x7 नगर आपातकालीन संचालन केंद्र होगा। इसके अध्यक्ष नगर निगम आयुक्त और उपाध्यक्ष जिला कलेक्टर होंगे। प्राधिकरण राहत कार्यों के लिए निजी वाहन और संपत्ति अधिग्रहित कर सकेगा तथा असुरक्षित निर्माणों की जांच कर सकेगा।
सारांश
- मध्य प्रदेश के 16 नगर निगमों में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत UDMA स्थापित किया गया है।
- नगर निगम आयुक्त अध्यक्ष हैं, जिला कलेक्टर उपाध्यक्ष हैं; पुलिस आयुक्त या IG सदस्य हैं।
- प्राधिकरण राहत के लिए निजी वाहन, परिसर और संसाधन अधिग्रहित कर सकता है तथा असुरक्षित ढांचों के ध्वस्तीकरण के निर्देश दे सकता है।
- शहर की आपदा प्रबंधन योजना हर दो साल में अपडेट होगी; मॉक ड्रिल अनिवार्य होंगी और उनकी रिपोर्ट SDMA को भेजी जाएगी।
मुख्य बातें
नया शहरी आपदा निकाय
मध्य प्रदेश ने शहर स्तर पर आपदा प्रतिक्रिया के लिए 16 नगर निगमों में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UDMA) गठित किया है।
नगर आपातकालीन संचालन केंद्र
हर UDMA के पास 24x7 नगर आपातकालीन संचालन केंद्र होगा, जो जिला, राज्य, पुलिस, IMD, रेलवे और एयरपोर्ट के नियंत्रण कक्षों से जुड़ा होगा।
अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण के अधिकार
UDMA राहत के लिए निजी वाहन और संपत्ति अधिग्रहित कर सकता है तथा आपदा मानकों का उल्लंघन करने वाले असुरक्षित निर्माणों के ध्वस्तीकरण के आदेश दे सकता है।
पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश के शहरों में तेज़ शहरीकरण, घनी आबादी और बहुमंजिला इमारतों के कारण बाढ़, आगजनी, गैस रिसाव और अन्य हादसों का खतरा बढ़ा है। पहले आपदा प्रबंधन DDMA के जरिए जिला स्तर पर केंद्रित था, जिससे बड़े शहरों में प्रतिक्रिया में देरी हो सकती थी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के दिशानिर्देश शहर स्तर पर स्वतंत्र तंत्र की सिफारिश करते हैं।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
UDMA आपदा प्रतिक्रिया को जिला स्तर से शहर स्तर तक ले जाता है। नगर निगम आयुक्त को अध्यक्ष बनाने से स्थानीय जवाबदेही तय होती है। पुलिस, IMD, रेलवे और एयरपोर्ट से जुड़ा 24x7 केंद्र वास्तविक समय में समन्वय संभव बनाता है। निजी वाहन और संसाधन अधिग्रहित करने तथा असुरक्षित ढांचों के ध्वस्तीकरण के आदेश देने का अधिकार प्रवर्तन को मजबूत करता है। अनिवार्य मॉक ड्रिल और हर दो साल में योजना अपडेट तैयारी बढ़ाते हैं।
आगे की राह
सचिवालय और केंद्र स्थापित करने की 30 दिन की समय-सीमा से तय होगा कि क्रियान्वयन कितनी तेज़ी से होता है। नियमित मॉक ड्रिल और योजना अपडेट से प्रभावशीलता परखी जाएगी। यह मॉडल अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है। बड़ी घटनाओं के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDERF) के साथ समन्वय अहम होगा।
मध्य प्रदेश से जुड़ाव
मध्य प्रदेश की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:MPPSC 8/10MPESB 7/10
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005
- यह अधिनियम भारत में आपदा प्रबंधन के लिए कानूनी ढांचा देता है। इसके तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) स्थापित किए गए।
- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA)
- भारत में आपदा प्रबंधन का सर्वोच्च निकाय, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। यह आपदा प्रबंधन की नीतियां, योजनाएं और दिशानिर्देश तय करता है।
- राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA)
- राज्य स्तर का निकाय, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करते हैं और जो राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार है।
- जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA)
- जिला स्तर का निकाय, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करते हैं और जो जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: मध्य प्रदेश के 16 नगर निगम
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: गृह विभाग, मध्य प्रदेश सरकार
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005
यह गलती न करें!
प्रश्न UDMA के अध्यक्ष के बारे में पूछे जा सकते हैं: नगर निगम आयुक्त, न कि जिला कलेक्टर (जो उपाध्यक्ष हैं)। UDMA को DDMA या SDMA से भ्रमित भी किया जा सकता है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- विकेंद्रीकरण, शहरी आपदा जोखिम में कमी, स्थानीय स्वशासन, तैयारी
कहीं अटके? एक टैप में समझें
मध्य प्रदेश सरकार ने 16 बड़े शहरों में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UDMA) नाम से नया शहर-स्तरीय आपदा निकाय बनाया है। हर शहर के नगर निगम आयुक्त इसका नेतृत्व करेंगे। बाढ़, आगजनी या गैस रिसाव के समय प्राधिकरण राहत कार्यों के लिए निजी वाहन और भवन अधिग्रहित कर सकेगा। यह असुरक्षित भवनों की जांच भी करेगा और उन्हें गिराने का आदेश दे सकेगा। 24 घंटे चलने वाला आपातकालीन केंद्र पुलिस, मौसम विभाग और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय करेगा।
- UDMA का अर्थ है शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण।
- UDMA मध्य प्रदेश के 16 नगर निगमों में स्थापित किया जाएगा।
- UDMA के अध्यक्ष नगर निगम आयुक्त हैं।
- UDMA का कानूनी आधार आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 है।
- UDMA राहत कार्यों के लिए निजी वाहन और संपत्ति अधिग्रहित कर सकता है।
- राजव्यवस्था: आपदा प्रबंधन
- शासन: राज्य सरकार और शहरी स्थानीय निकाय
जुड़ी अवधारणाएँ: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA), जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
मध्य प्रदेश में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UDMA) किस अधिनियम के तहत गठित किया गया है?
व्याख्या: UDMA आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित किया गया है, जो भारत में आपदा प्रबंधन का कानूनी ढांचा देता है। मध्य प्रदेश नगरपालिका निगम अधिनियम नगरपालिका शासन से जुड़ा है, जबकि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम का आपदा प्रबंधन ढांचे से संबंध नहीं है।
- Q2कठिन
मध्य प्रदेश में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UDMA) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.संबंधित शहर के नगर निगम आयुक्त UDMA के अध्यक्ष हैं।
- 2.जिला कलेक्टर UDMA के अध्यक्ष हैं।
- 3.UDMA आपातकाल में राहत कार्यों के लिए निजी वाहन और संपत्ति अधिग्रहित कर सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: नगर निगम आयुक्त अध्यक्ष हैं। कथन 2 गलत है: जिला कलेक्टर उपाध्यक्ष हैं, अध्यक्ष नहीं। कथन 3 सही है: प्राधिकरण राहत कार्यों के लिए निजी वाहन, परिसर और संसाधन अधिग्रहित कर सकता है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
मध्य प्रदेश के कितने नगर निगमों में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UDMA) स्थापित किया जाएगा?
व्याख्या: UDMA मध्य प्रदेश के 16 नगर निगमों में स्थापित होगा। सूची में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम, रीवा, कटनी, सतना, सिंगरौली, बुरहानपुर, खंडवा, सागर, देवास, मुरैना और छिंदवाड़ा शामिल हैं।
- Q4मध्यम
मध्य प्रदेश में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UDMA) स्थापित करने का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: UDMA शहर-विशेष आपात स्थितियों जैसे बाढ़, आगजनी और गैस रिसाव से तेज़ प्रतिक्रिया और स्थानीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए बनाया गया है। यह DDMA की जगह नहीं लेता, बल्कि उसका पूरक है। असुरक्षित निर्माणों की जांच इसका एक अधिकार है, प्राथमिक उद्देश्य नहीं। बजट प्रबंधन इसकी भूमिका नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मध्य प्रदेश में शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UDMA) क्या है?
UDMA मध्य प्रदेश के 16 नगर निगमों में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत स्थापित शहर-स्तरीय आपदा प्रबंधन निकाय है, जो बाढ़, आगजनी और गैस रिसाव जैसी शहरी आपात स्थितियों से निपटता है।
2. शहरी आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का अध्यक्ष कौन है?
संबंधित शहर के नगर निगम आयुक्त UDMA के अध्यक्ष हैं, और जिला कलेक्टर उपाध्यक्ष हैं।
3. आपात स्थिति में UDMA के पास कौन-से अधिकार हैं?
UDMA राहत कार्यों के लिए निजी वाहन, परिसर और संसाधन अधिग्रहित कर सकता है, प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही नियंत्रित कर सकता है, राहत शिविर लगा सकता है और असुरक्षित निर्माणों के ध्वस्तीकरण का आदेश दे सकता है।
4. शहर की आपदा प्रबंधन योजना कितने समय में अपडेट होगी?
शहर की आपदा प्रबंधन योजना हर दो साल में अपडेट होगी, और समय-समय पर मॉक ड्रिल होंगी, जिनकी रिपोर्ट राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) को भेजी जाएगी।
सभी स्रोत
मूल खबर8 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
