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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक वरिष्ठता सूची: पदोन्नति के लिए 1981 के नियमों के तहत नियुक्ति तिथि बनाम कार्यभार ग्रहण तिथि का आधार

8 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 29 / 39

प्रिलिम्स के लिए: वरिष्ठता सूची, मूल नियुक्ति की तिथि, सेवा नियमावली, लागू नियम, वरिष्ठता का सही आधार, कुछ जिलों में इस्तेमाल हो रहा गलत आधार, वेतन रोकने की नोटिस झेल रहे शिक्षक, संवेदीकरण वीडियो के लिए ऐप

मेन्स के लिए: सेवा न्यायशास्त्र, वरिष्ठता का सिद्धांत, लोक प्रशासन में विधि का शासन, शिक्षक कल्याण, राज्य शिक्षा शासन

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

उत्तर प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूचियां बनाई जा रही हैं। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में कहा गया है कि वरिष्ठता मूल नियुक्ति की तिथि के आधार पर तय होनी चाहिए, लेकिन कुछ जिले इसके बजाय स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे विवाद और संभावित मुकदमेबाज़ी की स्थिति बन रही है।

सारांश

  • उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की पदोन्नति के लिए वरिष्ठता उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 से तय होती है, जिसमें मूल नियुक्ति तिथि को आधार बनाया गया है।
  • कौशाम्बी जैसे कुछ जिले नियमों के विरुद्ध स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि को आधार बना रहे हैं, जिससे विवाद पैदा हो रहा है।
  • प्रयागराज में उच्च प्राथमिक प्रधानाध्यापक पदोन्नति की वरिष्ठता सूची में 2016 के पदोन्नत और अंतर जनपदीय तबादले से आए शिक्षकों को 2015 में सीधी भर्ती से नियुक्त शिक्षकों से ऊपर रखा गया है।

मुख्य बातें

  • वरिष्ठता सूची विवाद

    उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की पदोन्नति के लिए बनाई जा रही वरिष्ठता सूचियां विवादों में हैं, क्योंकि कुछ जिले 1981 के सेवा नियमों के अनुसार नियुक्ति तिथि के बजाय कार्यभार ग्रहण तिथि का इस्तेमाल कर रहे हैं।

  • सेवा नियमों का उल्लंघन

    उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 वरिष्ठता के लिए मूल नियुक्ति तिथि अनिवार्य करती है। कार्यभार ग्रहण तिथि का इस्तेमाल इन नियमों का उल्लंघन है और इससे मुकदमेबाज़ी हो सकती है।

  • प्रशस्त 2.0 का पालन

    प्रयागराज के 429 शिक्षकों को प्रशस्त 2.0 ऐप पर अनिवार्य संवेदीकरण वीडियो न देखने पर वेतन रोके जाने की चेतावनी दी गई है।

पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों का बड़ा कैडर है। प्रधानाध्यापक जैसे ऊंचे पदों पर पदोन्नति वरिष्ठता सूची पर निर्भर करती है। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 वरिष्ठता तय करने का ढांचा देती है, जिसमें मूल नियुक्ति तिथि मुख्य मानदंड है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

कुछ जिलों द्वारा कार्यभार ग्रहण तिथि के इस्तेमाल से मनमाना अंतर पैदा होता है: एक ही दिन नियुक्त दो शिक्षकों की वरिष्ठता अलग हो सकती है, अगर एक देर से स्कूल जॉइन करे। इससे एक ही तिथि के नियुक्त शिक्षकों के समान व्यवहार का सिद्धांत टूटता है। प्रयागराज में उच्च प्राथमिक प्रधानाध्यापकों की सूची में 2016 के पदोन्नत शिक्षकों को सीधी भर्ती के 2015 के शिक्षकों से ऊपर रखा गया है, जो प्राथमिक शिक्षक पद पर पहली नियुक्ति तिथि के नियम के भी खिलाफ है। ऐसी गड़बड़ियों से सेवा विवाद, मुकदमे और प्रशासनिक देरी हो सकती है।

आगे की राह

राज्य का शिक्षा विभाग सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी करे कि 1981 के नियमों का सख्ती से पालन हो और वरिष्ठता के लिए केवल मूल नियुक्ति तिथि का इस्तेमाल हो। वरिष्ठता सूचियों की नियमित जांच और शिक्षकों के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था विवादों को रोक सकती है। प्रशस्त 2.0 जैसे डिजिटल मंचों के पालन के लिए केवल दंडात्मक धमकियों के बजाय उचित प्रशिक्षण भी सुनिश्चित करना होगा।

उत्तर प्रदेश में शिक्षक वरिष्ठता का सही बनाम गलत आधार

पहलूसही आधार (1981 के नियमों के अनुसार)गलत आधार (कुछ जिलों में इस्तेमाल)
मानदंडमूल नियुक्ति की तिथिस्कूल में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि
उदाहरण1 मई को जारी नियुक्ति आदेश5 मई को कार्यभार ग्रहण
परिणाम1 मई से वरिष्ठता5 मई से वरिष्ठता

उत्तर प्रदेश से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

वरिष्ठता सूची
किसी संगठन के कर्मचारियों की सेवा अवधि के क्रम में बनी सूची, जिसका उपयोग पदोन्नति, तबादले और अन्य लाभों की पात्रता तय करने में होता है।
मूल नियुक्ति की तिथि
वह आधिकारिक तिथि जिस दिन कर्मचारी का नियुक्ति आदेश जारी होता है और जो वरिष्ठता के लिए सेवा की शुरुआत मानी जाती है।
सेवा नियमावली
सरकारी सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्तों को नियंत्रित करने वाले सरकारी नियम, जिनमें भर्ती, पदोन्नति, वरिष्ठता और अनुशासन शामिल हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस डेटा पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग (या बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश)
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 के तहत नियम

यह गलती न करें!

प्रश्न पूछे जा सकते हैं कि वरिष्ठता किस तिथि से तय होगी: 'नियुक्ति तिथि' (सही) या 'कार्यभार ग्रहण तिथि' (गलत)। एक और आम भूल: 1981 के नियमों को किसी दूसरे राज्य के शिक्षा सेवा नियमों से मिला देना।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • सेवा न्यायशास्त्र, वरिष्ठता का सिद्धांत, लोक प्रशासन में विधि का शासन, शिक्षक कल्याण, राज्य शिक्षा शासन

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की वरिष्ठता किस नियमावली से तय होती है?

  2. Q2कठिन

    उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की वरिष्ठता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 में वरिष्ठता मूल नियुक्ति तिथि के आधार पर तय करने का प्रावधान है।
    2. 2.स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि का इस्तेमाल वरिष्ठता तय करने का सही तरीका है।
    3. 3.वरिष्ठता सूचियों पर विवाद मुकदमेबाज़ी और प्रशासनिक देरी का कारण बन सकते हैं।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    प्रशस्त 2.0 ऐप पर संवेदीकरण वीडियो न देखने पर प्रयागराज जिले के कितने शिक्षकों को वेतन रोके जाने की चेतावनी दी गई?

  4. Q4मध्यम

    उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की वरिष्ठता के लिए नियुक्ति तिथि के बजाय कार्यभार ग्रहण तिथि का इस्तेमाल करने का प्राथमिक परिणाम क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूल शिक्षकों की वरिष्ठता का सही आधार क्या है?

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली, 1981 के अनुसार वरिष्ठता मूल नियुक्ति तिथि के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि कार्यभार ग्रहण तिथि के आधार पर।

2. उत्तर प्रदेश में शिक्षक वरिष्ठता सूचियों पर विवाद क्यों है?

कौशाम्बी जैसे कुछ जिले नियुक्ति तिथि के बजाय स्कूल में कार्यभार ग्रहण तिथि का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो 1981 के सेवा नियमों का उल्लंघन है और विवाद पैदा करता है।

3. प्रशस्त 2.0 ऐप किसके लिए इस्तेमाल होता है?

प्रशस्त 2.0 बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के लिए अनिवार्य संवेदीकरण वीडियो देखने हेतु इस्तेमाल किया जाने वाला ऐप है।

सभी स्रोत

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