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पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय: स्क्रीनिंग टेस्ट में छूट से HPSC सहायक प्रोफेसर भर्ती में अनारक्षित सीट का दावा खारिज

8 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 32 / 39

प्रिलिम्स के लिए: भारत में आरक्षण, स्क्रीनिंग टेस्ट, क्षैतिज बनाम ऊर्ध्वाधर आरक्षण, न्यायालय, न्यायाधीश, भर्ती निकाय, पद, कुल रिक्तियां

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने फैसला दिया कि जो अभ्यर्थी अपने आरक्षित वर्ग के लिए तय शिथिल मानकों का इस्तेमाल करके स्क्रीनिंग टेस्ट पास करता है, वह बाद में अनारक्षित (जनरल) सीट का दावा नहीं कर सकता, भले ही उसके अंतिम अंक जनरल कट-ऑफ से ऊपर हों। इस फैसले से वह सिद्धांत पुष्ट हुआ है कि किसी एक चरण में मिला आरक्षण का लाभ बाद के चरणों में खुली सीटों के लिए होने वाली प्रतिस्पर्धा को सीमित कर देता है।

सारांश

  • पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने HPSC के नियम को सही ठहराया: जो अभ्यर्थी आरक्षित वर्ग की छूट से स्क्रीनिंग टेस्ट पास करते हैं, वे बाद के चरणों में जनरल सीट पर नहीं जा सकते।
  • अदालत ने एक EWS अभ्यर्थी की याचिका खारिज की, जिसके 51.84 अंक थे (जो जनरल के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के 51.06 से ज्यादा थे), पर उसने स्क्रीनिंग में EWS के शिथिल मानकों से योग्यता पाई थी।
  • केवल 18 आरक्षित वर्ग के ऐसे अभ्यर्थी जनरल सीट पर समायोजन के पात्र थे, जिन्होंने बिना किसी छूट के जनरल स्क्रीनिंग कट-ऑफ पार किया था।

मुख्य बातें

  • स्क्रीनिंग छूट से जनरल सीट का दावा खारिज

    जो अभ्यर्थी स्क्रीनिंग टेस्ट में आरक्षित वर्ग के शिथिल मानकों का उपयोग करता है, वह बाद में अधिक अंक होने पर भी जनरल सीट का दावा नहीं कर सकता।

  • भर्ती के मुख्य विवरण

    HPSC ने सहायक प्रोफेसर (इतिहास) के 123 पद विज्ञापित किए थे: 64 जनरल, 11 EWS; याचिकाकर्ता के 51.84 अंक थे, जबकि जनरल के अंतिम अभ्यर्थी के 51.06।

  • 18 अभ्यर्थियों वाला अपवाद

    केवल 18 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी, जिन्होंने बिना छूट के जनरल कट-ऑफ पर स्क्रीनिंग पास की थी, जनरल सीट समायोजन के पात्र थे।

पृष्ठभूमि

यह मामला HPSC की 123 पदों वाली सहायक प्रोफेसर (इतिहास) भर्ती से उठा। याचिकाकर्ता, जो EWS अभ्यर्थी थीं, ने EWS के शिथिल मानकों पर स्क्रीनिंग टेस्ट पास किया। अंतिम मेरिट सूची में उनके 51.84 अंक रहे, जो जनरल के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के 51.06 से थोड़े ज़्यादा थे। उनका तर्क था कि उन्होंने आयु, अनुभव या योग्यता की कोई छूट नहीं ली, इसलिए उन्हें जनरल सीट के मुकाबले समायोजित किया जाना चाहिए।

आगे की राह

यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र (पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़) में बाध्यकारी है और उस क्षेत्र की भर्ती परीक्षाओं और प्राधिकरणों का मार्गदर्शन करेगा; अन्य राज्यों या अन्य उच्च न्यायालयों पर यह बाध्यकारी नहीं है, हालांकि इसका प्रेरक मूल्य हो सकता है।

स्क्रीनिंग टेस्ट छूट बनाम जनरल सीट का दावा

अभ्यर्थी का प्रकारस्क्रीनिंग टेस्ट का आधारजनरल सीट के लिए पात्र?
छूट वाला आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थीवर्ग के लिए शिथिल कट-ऑफनहीं
बिना छूट वाला आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थीजनरल कट-ऑफहां
जनरल वर्गजनरल कट-ऑफहां

हरियाणा से जुड़ाव

हरियाणा की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:HPSC HCS 8/10HSSC 7/10

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

भारत में आरक्षण
संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 15(4) सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों तथा SC/ST के लिए शैक्षणिक संस्थाओं में विशेष प्रावधान की अनुमति देता है; अनुच्छेद 15(6) (103वां संशोधन, 2019) शैक्षणिक संस्थाओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए आरक्षण की अनुमति देता है; अनुच्छेद 16(4) उन पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण की अनुमति देता है जिनका पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है; अनुच्छेद 16(4A) SC/ST के लिए परिणामी वरिष्ठता के साथ पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान करता है; अनुच्छेद 16(6) (103वां संशोधन, 2019) सरकारी नौकरियों में EWS के लिए आरक्षण की अनुमति देता है।
स्क्रीनिंग टेस्ट
बहु-चरणीय भर्ती प्रक्रिया में एक प्रारंभिक परीक्षा, जिसका उद्देश्य अगले चरण (विषय ज्ञान परीक्षा/साक्षात्कार) के लिए अभ्यर्थियों का चयन करना है। इसमें अक्सर वर्ग-वार कट-ऑफ होते हैं।
क्षैतिज बनाम ऊर्ध्वाधर आरक्षण
ऊर्ध्वाधर आरक्षण सामाजिक वर्गों (SC, ST, OBC, EWS) के लिए होता है। क्षैतिज आरक्षण हर ऊर्ध्वाधर वर्ग के भीतर विशेष समूहों (महिलाएं, दिव्यांगजन) पर लागू होता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 123 सहायक प्रोफेसर पद, 64 जनरल, 11 EWS; याचिकाकर्ता का स्कोर 51.84 बनाम जनरल के अंतिम चयनित का 51.06।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC)।
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: स्क्रीनिंग टेस्ट की छूट बाद में जनरल (अनारक्षित) सीट का दावा रोकती है।

यह गलती न करें!

भ्रम यह है कि जिस अभ्यर्थी के अंतिम अंक ज़्यादा हों, वह जनरल सीट का दावा कर सकता है। मुख्य बात यह है कि छूट स्क्रीनिंग चरण में ली गई थी, जिससे अभ्यर्थी बाद के चरणों में खुली प्रतिस्पर्धा से बाहर हो जाता है। अभ्यर्थी 'आयु/अनुभव की छूट न लेने' को 'स्क्रीनिंग की छूट न लेने' के साथ भ्रमित कर सकते हैं।

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1मध्यम

    कौन-सा संवैधानिक अनुच्छेद मुख्य रूप से राज्य को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण करने का अधिकार देता है?

  2. Q2कठिन

    पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के स्क्रीनिंग टेस्ट छूट संबंधी फैसले के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.जो अभ्यर्थी स्क्रीनिंग टेस्ट में आरक्षित वर्ग के शिथिल मानकों का उपयोग करता है, वह बाद में अंतिम अंक जनरल कट-ऑफ से अधिक होने पर भी जनरल सीट का दावा नहीं कर सकता।
    2. 2.यह फैसला केवल सहायक प्रोफेसर भर्ती पर लागू होता है, HPSC की अन्य परीक्षाओं पर नहीं।
    3. 3.न्यायालय ने कहा कि केवल वे अभ्यर्थी जनरल सीट पर समायोजित हो सकते हैं जिन्होंने बिना छूट जनरल कट-ऑफ पर स्क्रीनिंग पास की हो।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3आसान

    इस भर्ती में HPSC ने सहायक प्रोफेसर (इतिहास) पद के लिए कुल कितनी रिक्तियां विज्ञापित की थीं?

  4. Q4मध्यम

    इस फैसले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखे गए नियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने स्क्रीनिंग टेस्ट की छूट पर क्या फैसला दिया?

न्यायालय ने फैसला दिया कि जो अभ्यर्थी स्क्रीनिंग टेस्ट में आरक्षित वर्ग के शिथिल मानकों का उपयोग करता है, वह बाद में जनरल (अनारक्षित) सीट का दावा नहीं कर सकता, भले ही उसके अंतिम अंक जनरल कट-ऑफ से अधिक हों।

2. इस मामले में याचिकाकर्ता कौन थीं और उनके कितने अंक थे?

याचिकाकर्ता आरती थीं, जो हरियाणा में सहायक प्रोफेसर (इतिहास) के लिए EWS श्रेणी की अभ्यर्थी थीं। उन्होंने 100 में से 51.84 अंक पाए, जबकि जनरल के अंतिम चयनित अभ्यर्थी के 51.06 अंक थे।

3. आरक्षित वर्गों में से कितने अभ्यर्थी जनरल सीट समायोजन के पात्र थे?

केवल 18 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी, जिन्होंने बिना किसी छूट के जनरल कट-ऑफ पर स्क्रीनिंग टेस्ट पास किया था, जनरल सीट समायोजन के पात्र थे।

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