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प्रिलिम्स के लिए: ब्लैक स्पॉट (सड़क सुरक्षा), ई-DAR (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), ई-DAR का पूरा नाम, नोडल मंत्रालय, लक्षित कॉरिडोर, लक्षित ब्लैक स्पॉट्स, पायलट में सफलता (मौतों में कमी)
मेन्स के लिए: डेटा-संचालित शासन, सड़क सुरक्षा, लोक प्रशासन में AI, रोकथाम-उन्मुख बुनियादी ढांचा
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- ई-DAR का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट।
- इस पहल में 1,500 हाई-रिस्क कॉरिडोर और 30,000 ब्लैक स्पॉट्स लक्षित हैं।
- पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 30 से 60% की कमी दिखी।
- पायलट स्थान मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48 थे।
- नोडल मंत्रालय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय है।
चर्चा में क्यों?
केंद्र सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), GPS मैपिंग और ई-DAR (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट) पोर्टल की मदद से पूरे देश के 1,500 हाई-रिस्क कॉरिडोर और 30,000 से अधिक ब्लैक स्पॉट्स को मिशन मोड में सुरक्षित करने का अभियान शुरू किया है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48 पर हुए पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 30 से 60% की कमी दर्ज हुई, जिससे इस मॉडल की प्रभावशीलता साबित हुई।
सारांश
- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय AI और ई-DAR पोर्टल पर आधारित डेटा-संचालित मॉडल लागू कर रहा है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं का डेटा तुरंत जुटाया और विश्लेषित किया जा सके।
- यह पहल देशभर के 1,500 हाई-रिस्क कॉरिडोर और 30,000 ब्लैक स्पॉट्स को मिशन मोड में सुरक्षित करने का लक्ष्य रखती है।
- मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48 पर हुए पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 30 से 60% की कमी दर्ज की गई।
मुख्य बातें
AI-संचालित सड़क सुरक्षा
सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और GPS मैपिंग की मदद से दुर्घटना-प्रवण ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर उन्हें तुरंत ठीक कर रही है।
रियल-टाइम डेटा के लिए ई-DAR पोर्टल
इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (ई-DAR) पोर्टल कागज़ आधारित रिपोर्ट की जगह लेता है और दुर्घटना का स्थान, कारण और वाहन का प्रकार तुरंत डिजिटल रूप में दर्ज करता है।
पायलट में सिद्ध सफलता
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48 के पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 30 से 60% की कमी आई, जिसके बाद इसे देशभर में लागू करने का फैसला हुआ।
पृष्ठभूमि
भारत में सड़क दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। पहले दुर्घटना की रिपोर्ट कागज़ पर बनने वाली पुलिस रिपोर्ट और गवाहों के बयानों पर निर्भर थी, जिसे पूरा होने में हफ्तों या महीनों लगते थे। इस देरी से सड़क का डिज़ाइन बदलने या संकेतक सुधारने जैसे सुधारात्मक कदमों में बाधा आती थी। ई-DAR पोर्टल और AI आधारित विश्लेषण का लक्ष्य पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाकर तेज़ करना है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
यह पहल सड़क सुरक्षा को पहले से रोकथाम पर केंद्रित और डेटा के आधार पर चलने वाला बनाती है। GPS लोकेशन, सड़क की ढलान, समय और वाहन के प्रकार का रियल-टाइम डेटा अधिकारियों को इंजीनियरिंग दोषों और ऊंचे जोखिम वाले हिस्सों की सटीक पहचान करने में मदद करता है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48 के पायलट में मौतों में 30 से 60% की कमी इस मॉडल की संभावना दिखाती है। 1,500 कॉरिडोर और 30,000 ब्लैक स्पॉट्स तक इसका विस्तार भारत में सालाना सड़क मौतों को काफी घटा सकता है।
आगे की राह
देशभर में सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य पुलिस विभागों और राजमार्ग प्राधिकरणों के बीच मज़बूत डेटा एकीकरण ज़रूरी होगा। AI मॉडल का नियमित अद्यतन और ई-DAR की जानकारी के आधार पर बुनियादी ढांचे का नया डिज़ाइन अहम होगा। मौतों को और घटाने के लिए इस मॉडल को राज्य राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों तक बढ़ाया जा सकता है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- ब्लैक स्पॉट (सड़क सुरक्षा)
- सड़क का वह स्थान जहां औसत से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हों, जो अक्सर खराब सड़क डिज़ाइन, संकेतक या रोशनी के कारण होता है।
- ई-DAR (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट)
- दुर्घटना का डेटा, जिसमें GPS लोकेशन, वाहन का विवरण और कारण शामिल हैं, रियल-टाइम में दर्ज करने वाला डिजिटल पोर्टल, जो कागज़ आधारित रिपोर्ट की जगह लेता है।
- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)
- भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव तथा सड़क परिवहन नीति के लिए ज़िम्मेदार केंद्रीय मंत्रालय।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस डेटा पर ध्यान दें: 1,500 हाई-रिस्क कॉरिडोर और 30,000 से अधिक ब्लैक स्पॉट्स लक्षित
- इस डेटा पर ध्यान दें: पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 30 से 60% की कमी
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय
- इस पोर्टल पर ध्यान दें: ई-DAR (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट) पोर्टल
यह गलती न करें!
छात्र ई-DAR को e-SHRAM या e-NAM जैसे अन्य डिजिटल पोर्टलों के साथ भ्रमित कर सकते हैं। याद रखें: ई-DAR विशेष रूप से सड़क दुर्घटना रिपोर्टिंग के लिए है। साथ ही, पायलट स्थान (मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48) अक्सर अलग से पूछे जाते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- डेटा-संचालित शासन, सड़क सुरक्षा, लोक प्रशासन में AI, रोकथाम-उन्मुख बुनियादी ढांचा
कहीं अटके? एक टैप में समझें
सरकार सड़क दुर्घटनाएं कम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ई-DAR नामक डिजिटल पोर्टल का इस्तेमाल कर रही है। दुर्घटना होने पर पुलिस अधिकारी GPS से स्थान और कारण जैसे विवरण सीधे पोर्टल पर दर्ज करते हैं। इस डेटा से खतरनाक सड़क हिस्सों की पहचान होती है, जिन्हें भविष्य की दुर्घटनाएं रोकने के लिए नए सिरे से डिज़ाइन किया जा सकता है। दो राजमार्गों के पायलट में मौतों में 30 से 60% की कमी आई।
- ई-DAR का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट।
- इस पहल में 1,500 हाई-रिस्क कॉरिडोर और 30,000 ब्लैक स्पॉट्स लक्षित हैं।
- पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 30 से 60% की कमी दिखी।
- पायलट स्थान मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48 थे।
- नोडल मंत्रालय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय है।
- शासन: ई-गवर्नेंस और डिजिटल इंडिया
- बुनियादी ढांचा: सड़क परिवहन और सुरक्षा
जुड़ी अवधारणाएँ: ब्लैक स्पॉट (सड़क सुरक्षा), ई-DAR (इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
ई-DAR पोर्टल और AI आधारित सड़क सुरक्षा पहल को लागू करने के लिए मुख्य रूप से कौन-सा मंत्रालय ज़िम्मेदार है?
व्याख्या: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़क सुरक्षा का नोडल मंत्रालय है। ई-DAR पोर्टल और AI आधारित ब्लैक स्पॉट पहचान इसी के दायरे में आते हैं। गृह मंत्रालय आंतरिक सुरक्षा देखता है, जबकि इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय क्रमशः IT और शोध से जुड़े हैं।
- Q2कठिन
ई-DAR पोर्टल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.ई-DAR का पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट है।
- 2.पोर्टल ब्लैक स्पॉट्स की पहचान रियल टाइम में करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करता है।
- 3.मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48 के पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 10 से 20% की कमी दर्ज हुई।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: ई-DAR का विस्तार इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट है। कथन 2 सही है: पोर्टल रियल टाइम में ब्लैक स्पॉट की पहचान के लिए AI और GPS डेटा का उपयोग करता है। कथन 3 गलत है: पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 30 से 60% की कमी दर्ज हुई, 10 से 20% की नहीं। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
सरकार की AI और ई-DAR आधारित सड़क सुरक्षा पहल में कितने हाई-रिस्क कॉरिडोर लक्षित हैं?
व्याख्या: इस पहल में भारत भर के 1,500 हाई-रिस्क कॉरिडोर और 30,000 से अधिक ब्लैक स्पॉट्स लक्षित हैं।
- Q4मध्यम
सड़क सुरक्षा के लिए AI और ई-DAR पोर्टल के उपयोग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: मुख्य लक्ष्य रियल-टाइम GPS और AI डेटा से दुर्घटना के कारणों की पहचान करना और खतरनाक हिस्सों का नया डिज़ाइन तैयार करना है, ताकि भविष्य की दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। डिजिटलीकरण इसका एक हिस्सा है, पर अंतिम लक्ष्य मौतों में कमी लाना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सड़क सुरक्षा में ई-DAR क्या है?
ई-DAR का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट, एक डिजिटल पोर्टल जो GPS लोकेशन, वाहन के प्रकार और कारण सहित सड़क दुर्घटना का डेटा रियल-टाइम में दर्ज करता है।
2. नई पहल में कितने हाई-रिस्क कॉरिडोर और ब्लैक स्पॉट्स लक्षित हैं?
यह पहल मिशन मोड में भारत भर के 1,500 हाई-रिस्क कॉरिडोर और 30,000 से अधिक ब्लैक स्पॉट्स को लक्षित करती है।
3. पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में कितनी कमी आई?
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर NH-48 के पायलट प्रोजेक्ट में सड़क मौतों में 30 से 60% की कमी दर्ज हुई।
4. AI और ई-DAR आधारित सड़क सुरक्षा कार्यक्रम को कौन-सा मंत्रालय लागू कर रहा है?
कार्यक्रम को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय लागू कर रहा है।
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मूल खबर7 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
