राजव्यवस्था

उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 205 नगर निकायों में 1,01,483 मकान मंज़ूर

6 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 41 / 77

प्रिलिम्स के लिए: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC), किफायती आवास साझेदारी (AHP), राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC), योजना, घटक, मंज़ूर मकान, शामिल नगर निकाय

मेन्स के लिए: शहरी आवास की कमी, PMAY-U 2.0 BLC, किफायती आवास साझेदारी, राज्य स्तरीय निगरानी समिति, भू-उपयोग परिवर्तन सुधार

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC) घटक के तहत 205 नगर निकायों में 1,01,483 मकानों के निर्माण को मंज़ूरी दी है। यह राज्य के पात्र शहरी गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है।

सारांश

  • मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता वाली प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC) ने BLC घटक के तहत 1,01,483 व्यक्तिगत मकानों को मंज़ूरी दी।
  • इस मंज़ूरी के बाद उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 के BLC घटक के तहत स्वीकृत मकानों की कुल संख्या बढ़कर 5,90,007 हो गई है।
  • बैठक में 13 किफायती आवास साझेदारी (AHP) परियोजनाओं की अनुपालन आख्या (ATR) को भी मंज़ूरी दी गई, जिससे केंद्रीय सहायता की अगली किस्त जारी होने का रास्ता साफ होगा।
  • राज्य सरकार ने उद्योगों और संस्थाओं से जुड़े लंबित भू-उपयोग परिवर्तन मामलों की भी समीक्षा की है, ताकि इन पर जल्द फैसले हो सकें।

मुख्य बातें

  • बड़े पैमाने पर आवास मंज़ूरी

    उत्तर प्रदेश के 205 नगर निकायों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 1 लाख से अधिक मकान मंज़ूर।

  • राज्य स्तरीय समिति की कार्रवाई

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली SLSMC ने केंद्रीय कोष जारी करने के लिए 13 AHP परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी।

  • भू-उपयोग सुधार पर ज़ोर

    राज्य सरकार उद्योगों और संस्थाओं से जुड़े लंबित भू-उपयोग परिवर्तन मामलों का निपटारा तेज़ कर रही है।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत 2015 में शहरी आवास की कमी दूर करने के लिए हुई थी। इसके दूसरे चरण PMAY-U 2.0 में लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत निर्माण (BLC) पर ज़ोर है, जिसमें लाभार्थियों को अपना मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता मिलती है। बड़ी शहरी आबादी वाला उत्तर प्रदेश इस योजना के प्रमुख क्रियान्वयन राज्यों में शामिल है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

1,01,483 मकानों की मंज़ूरी राज्य में शहरी आवास को बड़ा सहारा देती है। BLC के तहत कुल स्वीकृत मकान 5.9 लाख से अधिक होना लगातार प्रगति दिखाता है। केंद्रीय कोष जारी करने के लिए 13 AHP परियोजनाओं को मंज़ूरी से गुणवत्ता निगरानी और समय पर पूर्णता पर ध्यान का संकेत मिलता है। साथ ही भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों को सुलझाने के प्रयास से औद्योगिक और संस्थागत परियोजनाओं की एक बड़ी बाधा दूर होगी, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

आगे की राह

अब ध्यान स्वीकृत मकानों के समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर रहेगा। SLSMC की नियमित निगरानी और तृतीय-पक्ष गुणवत्ता रिपोर्टों का कड़ाई से पालन अहम होगा। लंबित भू-उपयोग मामलों के निपटारे के लिए विकास प्राधिकरणों और राज्य सरकार के बीच तालमेल ज़रूरी होगा, ताकि मंज़ूरी पारदर्शी और जल्द हो।

उत्तर प्रदेश से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
शहरी गरीबों को किफायती आवास देने के लिए 2015 में शुरू की गई एक प्रमुख केंद्रीय योजना, जिसे बाद में PMAY-U 2.0 के तहत आगे बढ़ाया गया। इसके चार घटक हैं: BLC, AHP, CLSS और ISSR। मूल लक्ष्य 2022 तक शहरी गरीबों को आवास देना था।
लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC)
PMAY-U का वह घटक जिसमें पात्र लाभार्थियों को अपनी ज़मीन पर व्यक्तिगत मकान बनाने के लिए सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है।
किफायती आवास साझेदारी (AHP)
PMAY-U का वह घटक जिसमें सरकार निजी डेवलपर्स के साथ साझेदारी करके किफायती आवास परियोजनाएँ बनवाती है, और प्रति मकान केंद्रीय सहायता दी जाती है।
राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC)
राज्य स्तर का एक निकाय, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करते हैं और जो राज्य में PMAY-U परियोजनाओं को स्वीकृति देता और उनकी निगरानी करता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आँकड़ों पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत 205 नगर निकायों में 1,01,483 मकान मंज़ूर
  • इन आँकड़ों पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत कुल स्वीकृत मकान अब 5,90,007 हैं
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश में PMAY (शहरी) के लिए राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC)
  • इस अध्यक्ष पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, एसपी गोयल

यह गलती न करें!

परीक्षक PMAY-U 2.0 BLC घटक को PMAY के ग्रामीण घटक से भ्रमित कर सकते हैं, या मंज़ूर मकानों (1,01,483) को कुल स्वीकृत मकानों (5,90,007) से बदल सकते हैं। वे यह भी पूछ सकते हैं कि योजना केंद्रीय है, पर स्वीकृति देने वाला निकाय (SLSMC) राज्य स्तर का है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • शहरी आवास की कमी, PMAY-U 2.0 BLC, किफायती आवास साझेदारी, राज्य स्तरीय निगरानी समिति, भू-उपयोग परिवर्तन सुधार

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत परियोजनाओं को राज्य स्तर पर स्वीकृति देने और उनकी निगरानी करने की ज़िम्मेदारी किस समिति की है?

  2. Q2कठिन

    उत्तर प्रदेश में हाल की आवास मंज़ूरी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.PMAY (शहरी) के लिए SLSMC ने 205 नगर निकायों में BLC घटक के तहत 1,01,483 मकानों के निर्माण को मंज़ूरी दी।
    2. 2.उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत स्वीकृत मकानों की कुल संख्या अब 5,90,007 तक पहुंच गई है।
    3. 3.बैठक में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (CLSS) घटक के तहत 13 परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी गई।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के लिए हाल की SLSMC बैठक में कितने मकान मंज़ूर हुए?

  4. Q4मध्यम

    PMAY-U 2.0 के तहत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC) घटक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत कितने मकान मंज़ूर हुए?

SLSMC ने 205 नगर निकायों में BLC घटक के तहत 1,01,483 मकान मंज़ूर किए।

2. उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत कुल स्वीकृत मकानों की संख्या कितनी है?

इस मंज़ूरी के बाद उत्तर प्रदेश में इस घटक के तहत कुल स्वीकृत मकान बढ़कर 5,90,007 हो गए हैं।

3. इन मकानों को मंज़ूरी देने वाली SLSMC बैठक की अध्यक्षता किसने की?

बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, एसपी गोयल ने की।

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