प्रिलिम्स के लिए: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC), किफायती आवास साझेदारी (AHP), राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC), योजना, घटक, मंज़ूर मकान, शामिल नगर निकाय
मेन्स के लिए: शहरी आवास की कमी, PMAY-U 2.0 BLC, किफायती आवास साझेदारी, राज्य स्तरीय निगरानी समिति, भू-उपयोग परिवर्तन सुधार
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 BLC के मंज़ूर मकान: 1,01,483।
- यह मंज़ूरी उत्तर प्रदेश के 205 नगर निकायों को कवर करती है।
- उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत कुल स्वीकृत मकान: 5,90,007।
- PMAY (शहरी) के लिए SLSMC की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव करते हैं।
- बैठक में केंद्रीय कोष जारी करने के लिए 13 AHP परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी गई।
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC) घटक के तहत 205 नगर निकायों में 1,01,483 मकानों के निर्माण को मंज़ूरी दी है। यह राज्य के पात्र शहरी गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम है।
सारांश
- मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता वाली प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC) ने BLC घटक के तहत 1,01,483 व्यक्तिगत मकानों को मंज़ूरी दी।
- इस मंज़ूरी के बाद उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 के BLC घटक के तहत स्वीकृत मकानों की कुल संख्या बढ़कर 5,90,007 हो गई है।
- बैठक में 13 किफायती आवास साझेदारी (AHP) परियोजनाओं की अनुपालन आख्या (ATR) को भी मंज़ूरी दी गई, जिससे केंद्रीय सहायता की अगली किस्त जारी होने का रास्ता साफ होगा।
- राज्य सरकार ने उद्योगों और संस्थाओं से जुड़े लंबित भू-उपयोग परिवर्तन मामलों की भी समीक्षा की है, ताकि इन पर जल्द फैसले हो सकें।
मुख्य बातें
बड़े पैमाने पर आवास मंज़ूरी
उत्तर प्रदेश के 205 नगर निकायों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 1 लाख से अधिक मकान मंज़ूर।
राज्य स्तरीय समिति की कार्रवाई
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली SLSMC ने केंद्रीय कोष जारी करने के लिए 13 AHP परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी।
भू-उपयोग सुधार पर ज़ोर
राज्य सरकार उद्योगों और संस्थाओं से जुड़े लंबित भू-उपयोग परिवर्तन मामलों का निपटारा तेज़ कर रही है।
पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की शुरुआत 2015 में शहरी आवास की कमी दूर करने के लिए हुई थी। इसके दूसरे चरण PMAY-U 2.0 में लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत निर्माण (BLC) पर ज़ोर है, जिसमें लाभार्थियों को अपना मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता मिलती है। बड़ी शहरी आबादी वाला उत्तर प्रदेश इस योजना के प्रमुख क्रियान्वयन राज्यों में शामिल है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
1,01,483 मकानों की मंज़ूरी राज्य में शहरी आवास को बड़ा सहारा देती है। BLC के तहत कुल स्वीकृत मकान 5.9 लाख से अधिक होना लगातार प्रगति दिखाता है। केंद्रीय कोष जारी करने के लिए 13 AHP परियोजनाओं को मंज़ूरी से गुणवत्ता निगरानी और समय पर पूर्णता पर ध्यान का संकेत मिलता है। साथ ही भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों को सुलझाने के प्रयास से औद्योगिक और संस्थागत परियोजनाओं की एक बड़ी बाधा दूर होगी, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
आगे की राह
अब ध्यान स्वीकृत मकानों के समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर रहेगा। SLSMC की नियमित निगरानी और तृतीय-पक्ष गुणवत्ता रिपोर्टों का कड़ाई से पालन अहम होगा। लंबित भू-उपयोग मामलों के निपटारे के लिए विकास प्राधिकरणों और राज्य सरकार के बीच तालमेल ज़रूरी होगा, ताकि मंज़ूरी पारदर्शी और जल्द हो।
उत्तर प्रदेश से जुड़ाव
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पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)
- शहरी गरीबों को किफायती आवास देने के लिए 2015 में शुरू की गई एक प्रमुख केंद्रीय योजना, जिसे बाद में PMAY-U 2.0 के तहत आगे बढ़ाया गया। इसके चार घटक हैं: BLC, AHP, CLSS और ISSR। मूल लक्ष्य 2022 तक शहरी गरीबों को आवास देना था।
- लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC)
- PMAY-U का वह घटक जिसमें पात्र लाभार्थियों को अपनी ज़मीन पर व्यक्तिगत मकान बनाने के लिए सीधी वित्तीय सहायता दी जाती है।
- किफायती आवास साझेदारी (AHP)
- PMAY-U का वह घटक जिसमें सरकार निजी डेवलपर्स के साथ साझेदारी करके किफायती आवास परियोजनाएँ बनवाती है, और प्रति मकान केंद्रीय सहायता दी जाती है।
- राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC)
- राज्य स्तर का एक निकाय, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करते हैं और जो राज्य में PMAY-U परियोजनाओं को स्वीकृति देता और उनकी निगरानी करता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आँकड़ों पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत 205 नगर निकायों में 1,01,483 मकान मंज़ूर
- इन आँकड़ों पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत कुल स्वीकृत मकान अब 5,90,007 हैं
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश में PMAY (शहरी) के लिए राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC)
- इस अध्यक्ष पर ध्यान दें: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, एसपी गोयल
यह गलती न करें!
परीक्षक PMAY-U 2.0 BLC घटक को PMAY के ग्रामीण घटक से भ्रमित कर सकते हैं, या मंज़ूर मकानों (1,01,483) को कुल स्वीकृत मकानों (5,90,007) से बदल सकते हैं। वे यह भी पूछ सकते हैं कि योजना केंद्रीय है, पर स्वीकृति देने वाला निकाय (SLSMC) राज्य स्तर का है।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- शहरी आवास की कमी, PMAY-U 2.0 BLC, किफायती आवास साझेदारी, राज्य स्तरीय निगरानी समिति, भू-उपयोग परिवर्तन सुधार
कहीं अटके? एक टैप में समझें
उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरों और कस्बों के गरीब परिवारों के लिए एक लाख से अधिक नए मकान बनाने की हरी झंडी दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों को अपना पक्का मकान बनाने के लिए सरकार से पैसा मिलता है। इस मंज़ूरी से कई इंतज़ार कर रहे परिवार अब निर्माण शुरू कर सकेंगे।
- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 BLC के मंज़ूर मकान: 1,01,483।
- यह मंज़ूरी उत्तर प्रदेश के 205 नगर निकायों को कवर करती है।
- उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत कुल स्वीकृत मकान: 5,90,007।
- PMAY (शहरी) के लिए SLSMC की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव करते हैं।
- बैठक में केंद्रीय कोष जारी करने के लिए 13 AHP परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी गई।
- शासन: सामाजिक कल्याण के लिए सरकारी योजनाएँ और नीतियाँ
- राज्य_शासन: उत्तर प्रदेश: राज्य की योजनाएँ और प्रशासन
जुड़ी अवधारणाएँ: प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC), किफायती आवास साझेदारी (AHP), राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत परियोजनाओं को राज्य स्तर पर स्वीकृति देने और उनकी निगरानी करने की ज़िम्मेदारी किस समिति की है?
व्याख्या: मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली SLSMC PMAY-U परियोजनाओं की स्वीकृति और निगरानी के लिए नामित राज्य स्तरीय निकाय है। राज्य वित्त आयोग वित्तीय हस्तांतरण देखता है, राज्य योजना बोर्ड योजना बनाने का काम करता है, और राज्य आवास बोर्ड क्रियान्वयन करने वाली एजेंसी है, स्वीकृति देने वाली समिति नहीं।
- Q2कठिन
उत्तर प्रदेश में हाल की आवास मंज़ूरी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.PMAY (शहरी) के लिए SLSMC ने 205 नगर निकायों में BLC घटक के तहत 1,01,483 मकानों के निर्माण को मंज़ूरी दी।
- 2.उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत स्वीकृत मकानों की कुल संख्या अब 5,90,007 तक पहुंच गई है।
- 3.बैठक में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (CLSS) घटक के तहत 13 परियोजनाओं को भी मंज़ूरी दी गई।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: 205 नगर निकायों में 1,01,483 मकान मंज़ूर हुए। कथन 2 सही है: कुल संख्या अब 5,90,007 है। कथन 3 गलत है: 13 परियोजनाएँ किफायती आवास साझेदारी (AHP) घटक के तहत थीं, CLSS के तहत नहीं।
- Q3मध्यम
उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के लिए हाल की SLSMC बैठक में कितने मकान मंज़ूर हुए?
व्याख्या: बैठक में 1,01,483 मकान मंज़ूर हुए। 5,90,007 इस घटक के तहत राज्य में कुल संचयी स्वीकृत मकानों की संख्या है। 2,05,000 और 13,000 समाचार के सही आँकड़े नहीं हैं।
- Q4मध्यम
PMAY-U 2.0 के तहत लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण (BLC) घटक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: BLC योग्य लाभार्थियों को अपनी ज़मीन पर मकान बनाने के लिए सीधी वित्तीय सहायता देता है। AHP में निजी डेवलपर्स के साथ साझेदारी होती है, CLSS ऋण पर ब्याज सब्सिडी देता है, और किराये का आवास एक अलग योजना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत कितने मकान मंज़ूर हुए?
SLSMC ने 205 नगर निकायों में BLC घटक के तहत 1,01,483 मकान मंज़ूर किए।
2. उत्तर प्रदेश में PMAY-U 2.0 BLC के तहत कुल स्वीकृत मकानों की संख्या कितनी है?
इस मंज़ूरी के बाद उत्तर प्रदेश में इस घटक के तहत कुल स्वीकृत मकान बढ़कर 5,90,007 हो गए हैं।
3. इन मकानों को मंज़ूरी देने वाली SLSMC बैठक की अध्यक्षता किसने की?
बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, एसपी गोयल ने की।
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मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
