प्रिलिम्स के लिए: राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), मौत पर नया मुआवजा, लागू अवधि, नोडल निकाय, बड़े पशुओं की मौत पर सहायता, सिंचित फसल नुकसान पर सहायता
मेन्स के लिए: आपदा प्रबंधन, SDRF/NDRF, किसानों की परेशानी, DBT से पारदर्शिता, राज्य स्तरीय राहत नीति
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- उत्तर प्रदेश ने आपदा में मौत पर मुआवजा ₹4 लाख से दोगुना करके ₹8 लाख किया।
- नई मुआवजा दरें वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू हैं।
- सिंचित क्षेत्रों में फसल नुकसान की सहायता बढ़कर ₹22,000 प्रति हेक्टेयर हो गई।
- बड़े पशुओं की मौत पर मुआवजा बढ़कर ₹50,000 हो गया।
- राहत राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।
चर्चा में क्यों?
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदा में होने वाली मौतों पर मुआवजा ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख कर दिया है। यह वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगा। राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के मानकों के तहत फसल नुकसान, पशुधन की मौत और क्षतिग्रस्त मकानों पर सहायता भी बढ़ाई गई है।
सारांश
- उत्तर प्रदेश सरकार ने SDRF और NDRF के तहत प्राकृतिक आपदा में मौत पर मुआवजा ₹4 लाख से दोगुना करके ₹8 लाख कर दिया है।
- फसल नुकसान पर सहायता बढ़ी: सिंचित क्षेत्रों में ₹22,000 प्रति हेक्टेयर (पहले ₹17,000), वर्षा आधारित क्षेत्रों में ₹11,000 प्रति हेक्टेयर (पहले ₹8,500)।
- नई मुआवजा दरें वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू होंगी।
मुख्य बातें
मौत पर मुआवजा दोगुना
उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदा में मौत पर मुआवजा ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख किया गया।
फसल नुकसान सहायता बढ़ी
सिंचित क्षेत्रों में फसल नुकसान की सहायता ₹22,000 प्रति हेक्टेयर और वर्षा आधारित क्षेत्रों में ₹11,000 प्रति हेक्टेयर की गई।
पशुधन मुआवजा बढ़ाया गया
बड़े पशुओं की मौत पर मुआवजा ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000 और बकरी/भेड़ पर ₹4,000 से बढ़ाकर ₹5,500 किया गया।
पृष्ठभूमि
उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और कृषि आधार के कारण यह बाढ़, सूखे और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से अक्सर प्रभावित होता है। राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देती हैं। राज्य सरकार ने पीड़ितों को अधिक राहत देने के लिए मुआवजे के मानक संशोधित किए हैं।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
मौत पर मुआवजा ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख करने से मृतक के परिवारों को बड़ा आर्थिक सहारा मिलता है। सिंचित (₹22,000/हेक्टेयर) और वर्षा आधारित (₹11,000/हेक्टेयर) क्षेत्रों में फसल सहायता बढ़ने से किसानों की परेशानी कम होगी। पशुधन मुआवजा बढ़ने से ग्रामीण आजीविका को सहारा मिलेगा। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से राशि सीधे खातों में भेजने का फैसला पारदर्शिता और तेज़ भुगतान सुनिश्चित करता है।
आगे की राह
वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहने वाले संशोधित मानक राहत आयुक्त कार्यालय के माध्यम से लागू होंगे। सरकार को नुकसान का समय पर आकलन और राशि का समय से वितरण सुनिश्चित करना होगा। यह नीति अन्य राज्यों के लिए अपनी आपदा राहत दरें अद्यतन करने का आदर्श बन सकती है।
उत्तर प्रदेश से जुड़ाव
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पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF)
- आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत एक केंद्रीय निधि, जिसका उपयोग गंभीर प्रकृति की आपदाओं में आपातकालीन प्रतिक्रिया, राहत और पुनर्वास के लिए होता है। राज्य के संसाधन अपर्याप्त होने पर यह SDRF की पूरक का काम करती है।
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
- ऐसी व्यवस्था जो सब्सिडी और आर्थिक लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजती है, जिससे रिसाव घटता है और पारदर्शिता बढ़ती है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: मौत पर ₹8 लाख मुआवजा (₹4 लाख से दोगुना), वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: राहत आयुक्त, उत्तर प्रदेश।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (SDRF और NDRF)।
यह गलती न करें!
परीक्षक पुरानी मुआवजा राशि (₹4 लाख) को गलत विकल्प के रूप में रख सकते हैं, या फसल नुकसान की नई दरें बदल सकते हैं (जैसे सिंचित के लिए ₹22,000 की जगह ₹17,000 लिखना)। वे SDRF और NDRF में भ्रम पैदा कर सकते हैं या लागू अवधि के बारे में पूछ सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- आपदा प्रबंधन, SDRF/NDRF, किसानों की परेशानी, DBT से पारदर्शिता, राज्य स्तरीय राहत नीति
कहीं अटके? एक टैप में समझें
उत्तर प्रदेश सरकार ने बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की आर्थिक मदद बढ़ाई है। आपदा में किसी की मौत होने पर उसके परिवार को अब ₹4 लाख की जगह ₹8 लाख मिलेंगे। फसल बर्बाद होने पर किसानों को अधिक राशि मिलेगी और पशुओं की मौत पर पशुपालकों को अधिक मुआवजा मिलेगा। यह पैसा सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा।
- उत्तर प्रदेश ने आपदा में मौत पर मुआवजा ₹4 लाख से दोगुना करके ₹8 लाख किया।
- नई मुआवजा दरें वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू हैं।
- सिंचित क्षेत्रों में फसल नुकसान की सहायता बढ़कर ₹22,000 प्रति हेक्टेयर हो गई।
- बड़े पशुओं की मौत पर मुआवजा बढ़कर ₹50,000 हो गया।
- राहत राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दी जाएगी।
- शासन: आपदा प्रबंधन
- राज्य_शासन: उत्तर प्रदेश की योजनाएं और नीतियां
जुड़ी अवधारणाएँ: राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
उत्तर प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदा में मौत पर मुआवजा देने के लिए मुख्य रूप से किस निधि का उपयोग करती है?
व्याख्या: समाचार में स्पष्ट लिखा है कि मुआवजा राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत दिया जाता है। SDRF राज्य स्तर पर आपदा राहत के लिए मुख्य निधि है और NDRF उसकी पूरक के रूप में काम करती है।
- Q2कठिन
उत्तर प्रदेश सरकार के संशोधित आपदा मुआवजा मानकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.प्राकृतिक आपदा में मौत पर मुआवजा ₹4 लाख से दोगुना करके ₹8 लाख किया गया है।
- 2.नई मुआवजा दरें केवल वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लागू हैं।
- 3.सिंचित क्षेत्रों में फसल नुकसान की सहायता ₹22,000 प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाई गई है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: मौत पर मुआवजा ₹4 लाख से दोगुना होकर ₹8 लाख हुआ। कथन 2 गलत है: नई दरें वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू हैं, केवल एक वर्ष के लिए नहीं। कथन 3 सही है: सिंचित फसल नुकसान की सहायता अब ₹22,000 प्रति हेक्टेयर है। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से बड़े पशु (जैसे गाय, भैंस) की मौत पर नया मुआवजा कितना है?
व्याख्या: गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं का मुआवजा ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000 किया गया है। ₹25,400 भार ढोने वाले पशुओं का नया मुआवजा है।
- Q4मध्यम
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से राहत देने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: सरकार ने पारदर्शिता के लिए राहत राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT से भेजने का फैसला किया है। मुआवजा राशि बढ़ाना और ऋण देना अलग उद्देश्य हैं। DBT स्वयं कोई निधि नहीं, बल्कि राशि भेजने की एक व्यवस्था है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदा में मौत पर नया मुआवजा कितना है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदा में होने वाली मौतों पर मुआवजा ₹4 लाख से दोगुना करके ₹8 लाख कर दिया है।
2. उत्तर प्रदेश में आपदा मुआवजे के लिए कौन-सी निधियां उपयोग होती हैं?
मुआवजा राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत दिया जाता है।
3. उत्तर प्रदेश में नई मुआवजा दरें कितने समय तक लागू रहेंगी?
नई दरें वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू हैं।
