टैग:अर्थव्यवस्थाSSC
प्रिलिम्स के लिए: असंगठित क्षेत्र, अंशदायी पेंशन योजना, केंद्रीय क्षेत्र की योजना, पूरा नाम, नोडल मंत्रालय, लक्षित लाभार्थी, प्रवेश की आयु, न्यूनतम मासिक योगदान
मेन्स के लिए: अनौपचारिक कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, अंशदायी पेंशन मॉडल, कल्याण योजनाओं की वित्तीय स्थिरता, श्रम कल्याण और लैंगिक न्याय (जीवनसाथी पेंशन)
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- PM-SYM असंगठित क्षेत्र के उन कामगारों के लिए पेंशन योजना है, जिनकी मासिक आय ₹15,000 तक है।
- 18 से 40 वर्ष के कामगार PM-SYM में शामिल हो सकते हैं।
- प्रवेश आयु 18 वर्ष पर न्यूनतम मासिक योगदान ₹55 है।
- 60 वर्ष की आयु के बाद लाभार्थी को आजीवन ₹3,000 प्रति माह पेंशन मिलती है।
- पेंशनधारी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को 50% (₹1,500 प्रति माह) पारिवारिक पेंशन मिलती है।
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना उन असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन देती है, जिनकी मासिक आय ₹15,000 तक है। सरकार कामगार के मासिक योगदान के बराबर राशि जमा करती है, जिससे यह भारत के विशाल अनौपचारिक कार्यबल के लिए कम लागत वाला सामाजिक सुरक्षा साधन बनती है।
सारांश
- PM-SYM 18 से 40 वर्ष के उन असंगठित कामगारों के लिए स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिनकी मासिक आय ₹15,000 तक है।
- सरकार कामगार के पेंशन खाते में उतनी ही राशि जमा करती है; न्यूनतम मासिक योगदान ₹55 है (18 वर्ष की आयु में प्रवेश पर)।
- 60 वर्ष के बाद लाभार्थी को आजीवन ₹3,000 प्रति माह मिलते हैं; लाभार्थी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को 50% (₹1,500 प्रति माह) पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है।
मुख्य बातें
कम प्रवेश लागत, अधिक लाभ
18 वर्ष के कामगार केवल ₹55 मासिक जमा करते हैं, जिस पर सरकार भी उतनी ही राशि जमा करती है, और इस तरह 60 के बाद आजीवन ₹3,000 मासिक पेंशन सुनिश्चित करते हैं।
अनौपचारिक कामगारों को ध्यान में रखकर बनाई गई
यह योजना असंगठित क्षेत्र के उन कामगारों के लिए है जिनकी मासिक आय ₹15,000 तक है; EPF, ESIC या NPS के तहत पहले से कवर लोग इसमें शामिल नहीं होते।
परिवार की सुरक्षा की विशेषता
पेंशनधारी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को आजीवन पेंशन का 50% (₹1,500 प्रति माह) पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है।
पृष्ठभूमि
भारत के असंगठित क्षेत्र में 90% से अधिक कार्यबल कार्यरत है, लेकिन उसे औपचारिक सामाजिक सुरक्षा बहुत कम मिलती है। इसी समूह को वृद्धावस्था में आय सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) 2019 में शुरू की गई। यह श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय के अधीन केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे सरकारी सह-योगदान के साथ अंशदायी पेंशन के रूप में बनाया गया है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
योजना की घटती-बढ़ती योगदान संरचना (18 वर्ष पर ₹55 से 40 वर्ष पर ₹200 तक) इसे कम आय वाले कामगारों की पहुंच में लाती है। सरकार का बराबर योगदान बचत को लगभग दोगुना कर देता है, जबकि गारंटीड ₹3,000 मासिक पेंशन आय का एक न्यूनतम आधार देती है। जीवनसाथी पेंशन (50%) परिवार को लगातार सहारा सुनिश्चित करती है। EPF, ESIC, NPS और आयकरदाताओं को बाहर रखने से लाभों के दोहराव से बचाव होता है।
आगे की राह
जागरूकता और नामांकन अब भी बड़ी चुनौती हैं। योजना की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि विशाल अनौपचारिक कार्यबल, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बने। डिजिटल ऑनबोर्डिंग और ई-श्रम पोर्टल से जोड़ने से कवरेज बढ़ाया जा सकता है। 10 वर्ष बाद ब्याज सहित वापसी की व्यवस्था लचीलापन देती है, लेकिन इससे दीर्घकालिक पेंशन संचय कम हो सकता है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- असंगठित क्षेत्र
- वे कामगार जो औपचारिक नियोक्ता-कर्मचारी व्यवस्था या सामाजिक सुरक्षा के दायरे में नहीं आते; इसमें दिहाड़ी और अस्थायी मज़दूर, घरेलू कामगार, फेरीवाले, घर से काम करने वाले और स्वरोज़गार कर्मी तथा छोटे या अपंजीकृत उद्यमों के कामगार शामिल हैं।
- अंशदायी पेंशन योजना
- ऐसी सेवानिवृत्ति बचत योजना जिसमें कामगार और सरकार (या नियोक्ता) दोनों नियमित योगदान करते हैं। जमा हुई राशि से सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन दी जाती है।
- केंद्रीय क्षेत्र की योजना
- ऐसी योजना जिसका पूरा वित्तपोषण केंद्र सरकार करती है (राज्यों के साथ साझा नहीं होती)। PM-SYM केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, यानी इसका पूरा बजट केंद्रीय बजट से आता है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन; प्रवेश आयु 18 वर्ष पर न्यूनतम योगदान ₹55 प्रति माह।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: कोई विशेष वैधानिक प्रावधान नहीं है; यह योजना एक कार्यकारी नीति है।
यह गलती न करें!
परीक्षक 'PM-SYM' की जगह 'प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)' या 'राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS)' रख सकते हैं। PM-SYM असंगठित (गैर-कृषि) कामगारों के लिए है, PM-KMY छोटे किसानों के लिए है, और NPS सरकारी कर्मचारियों सहित सभी नागरिकों के लिए है। साथ ही आय सीमा (₹15,000 प्रति माह) और आयु सीमा (18-40 वर्ष) की जांच करें।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- अनौपचारिक कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, अंशदायी पेंशन मॉडल, कल्याण योजनाओं की वित्तीय स्थिरता, श्रम कल्याण और लैंगिक न्याय (जीवनसाथी पेंशन)
कहीं अटके? एक टैप में समझें
PM-SYM उन कामगारों के लिए सरकारी पेंशन योजना है, जिनकी कोई औपचारिक नौकरी नहीं है। 18 से 40 वर्ष के वे कामगार, जिनकी मासिक आय ₹15,000 से कम है, इसमें शामिल हो सकते हैं। वे हर महीने थोड़ी राशि जमा करते हैं (₹55 जितनी कम), और सरकार उतनी ही राशि जमा करती है। 60 वर्ष के होने पर उन्हें जीवनभर हर महीने ₹3,000 मिलते हैं। उनकी मृत्यु होने पर जीवनसाथी को हर महीने ₹1,500 मिलते हैं।
- PM-SYM असंगठित क्षेत्र के उन कामगारों के लिए पेंशन योजना है, जिनकी मासिक आय ₹15,000 तक है।
- 18 से 40 वर्ष के कामगार PM-SYM में शामिल हो सकते हैं।
- प्रवेश आयु 18 वर्ष पर न्यूनतम मासिक योगदान ₹55 है।
- 60 वर्ष की आयु के बाद लाभार्थी को आजीवन ₹3,000 प्रति माह पेंशन मिलती है।
- पेंशनधारी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को 50% (₹1,500 प्रति माह) पारिवारिक पेंशन मिलती है।
- अर्थव्यवस्था: सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाएँ
- शासन: वंचित वर्गों के लिए सरकारी योजनाएँ
जुड़ी अवधारणाएँ: असंगठित क्षेत्र, अंशदायी पेंशन योजना, केंद्रीय क्षेत्र की योजना
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना के क्रियान्वयन की मुख्य ज़िम्मेदारी किस मंत्रालय की है?
व्याख्या: PM-SYM असंगठित कामगारों के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय लागू करता है। वित्त मंत्रालय बजट आवंटन संभालता है, लेकिन योजना को लागू नहीं करता। ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण आजीविका मिशन देखता है, और सामाजिक न्याय मंत्रालय विशेष वंचित समूहों के कल्याण का काम करता है, सामान्य असंगठित कार्यबल का नहीं।
- Q2कठिन
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के तहत कवर कामगार PM-SYM में शामिल होने के पात्र हैं।
- 2.योजना में शामिल होने की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।
- 3.लाभार्थी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को पेंशन का 50% पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है: EPF, ESIC या NPS के तहत कवर कामगार स्पष्ट रूप से PM-SYM से बाहर रखे गए हैं। कथन 2 सही है: प्रवेश की आयु 18 से 40 वर्ष है। कथन 3 सही है: पेंशनधारी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को पेंशन का 50% (₹1,500 प्रति माह) पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है। अतः केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
- Q3मध्यम
PM-SYM योजना के लिए कामगार की अधिकतम मासिक आय सीमा कितनी है?
व्याख्या: यह योजना उन असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है जिनकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम है। ₹18,000 बताई गई पात्रता सीमा से अधिक है।
- Q4मध्यम
PM-SYM योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: PM-SYM एक पेंशन योजना है, जो 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन (₹3,000) देकर वृद्धावस्था में आय सुरक्षा सुनिश्चित करती है। स्वास्थ्य बीमा आयुष्मान भारत या ESIC के तहत आता है। कौशल प्रशिक्षण कौशल भारत मिशन के अंतर्गत है। आवास ऋण PM आवास योजना या ऐसी ही योजनाओं के अंतर्गत आते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) योजना क्या है?
PM-SYM असंगठित क्षेत्र के उन कामगारों के लिए केंद्रीय क्षेत्र की पेंशन योजना है, जिनकी मासिक आय ₹15,000 तक है। 18 से 40 वर्ष के कामगार न्यूनतम ₹55 मासिक योगदान कर सकते हैं, जिस पर सरकार भी बराबर राशि जमा करती है, और 60 वर्ष के बाद आजीवन ₹3,000 मासिक पेंशन पा सकते हैं।
2. PM-SYM योजना के लिए कौन पात्र है?
18 से 40 वर्ष की आयु के असंगठित क्षेत्र के वे कामगार पात्र हैं, जिनकी मासिक आय ₹15,000 या उससे कम है। जो कामगार पहले से EPF, ESIC या NPS के तहत कवर हैं, और आयकरदाता इसमें शामिल नहीं हो सकते।
3. लाभार्थी की मृत्यु के बाद पेंशन का क्या होता है?
पेंशनधारी की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को आजीवन पेंशन का 50% (₹1,500 प्रति माह) पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है। यह सुविधा केवल जीवित जीवनसाथी को मिलती है।
4. क्या कोई कामगार 60 वर्ष की आयु से पहले PM-SYM योजना छोड़ सकता है?
हाँ। यदि कामगार 10 वर्ष पूरे होने से पहले बाहर निकलता है, तो सरकार उसका योगदान बचत बैंक ब्याज सहित लौटा देती है। 10 वर्ष बाद लेकिन 60 से पहले बाहर निकलने पर कामगार का योगदान और उस पर ब्याज लौटाया जाता है।
सभी स्रोत
मूल खबर6 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
