विज्ञान एवं तकनीक

IMD AI, ML और बिग डेटा को सटीक मौसम पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी के लिए अपनाएगा

6 नवंबर 20264 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 66 / 102

प्रिलिम्स के लिए: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), डॉप्लर मौसम रडार, संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान (NWP), मौसम विज्ञान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नोडल मंत्रालय, प्रमुख तकनीकें, लक्षित क्षेत्र, कृषि सलाह का स्तर

मेन्स के लिए: AI एकीकरण, पूर्व चेतावनी प्रणाली, जलवायु लचीलापन, सटीक कृषि, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मौसम पूर्वानुमान की सटीकता और पूर्व चेतावनी प्रणाली सुधारने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और बिग डेटा एनालिटिक्स अपना रहा है। इस पहल में चक्रवात की ट्रैकिंग, कोहरे की निगरानी, बाढ़ की मैपिंग और पंचायत स्तर की कृषि सलाह जैसे 16 तकनीकी क्षेत्र शामिल हैं। इसका लक्ष्य आपदाओं का असर घटाना और किसानों की मदद करना है।

सारांश

  • IMD चक्रवात, आंधी-तूफान, कोहरे, बाढ़ और वायु प्रदूषण के लिए मौसम पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी को बेहतर बनाने हेतु AI, ML और बिग डेटा का उपयोग करेगा।
  • विभाग ने नवाचार समाधान विकसित करने के लिए 16 तकनीकी क्षेत्रों में निजी संगठनों, स्टार्टअप और विशेषज्ञों से प्रस्ताव मांगे हैं।
  • इस आधुनिकीकरण के तहत उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल एप और परिवहन नेटवर्क में जलभराव की एकीकृत मैपिंग प्रणाली भी विकसित करने की योजना है।

मुख्य बातें

  • AI आधारित पूर्वानुमान

    IMD मौसम पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी की सटीकता बढ़ाने के लिए AI, ML और बिग डेटा एनालिटिक्स को एकीकृत करेगा।

  • पंचायत स्तर पर कृषि सलाह

    एक नया ICT टूल पंचायत स्तर पर किसानों को मौसम और फसल की अवस्था के अनुसार सलाह देगा।

  • आंकड़ों के लिए ड्रोन और सेंसर

    मौसम आंकड़े जुटाने और वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए कम लागत वाले स्वायत्त सेंसर और विशेष ड्रोन विकसित किए जाएंगे।

पृष्ठभूमि

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) अब तक पारंपरिक अवलोकन नेटवर्क और संख्यात्मक मॉडलों पर निर्भर रहा है। लेकिन जलवायु परिवर्तन से अत्यधिक मौसम घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ रही है, जिससे अधिक सटीक, स्थानीय और समय पर पूर्वानुमानों की ज़रूरत है। यह पहल आधुनिक कंप्यूटेशनल तकनीकों के उपयोग की ओर एक बदलाव है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

AI, ML और बिग डेटा के एकीकरण से IMD उपग्रहों, डॉप्लर रडार और सतही अवलोकनों के विशाल आंकड़ों को वास्तविक समय में संसाधित कर सकेगा। इससे आंधी, बिजली और भारी बारिश के लिए नाउकास्टिंग (3-6 घंटे पहले की चेतावनी) काफी बेहतर हो सकती है। तेज़ी से तीव्र होने वाले चक्रवातों पर ध्यान एक अहम कमी को दूर करता है। कृषि के लिए पंचायत स्तर की सलाह से फसल नुकसान घट सकता है और इनपुट का बेहतर उपयोग हो सकता है, जिससे लाखों छोटे किसानों को फायदा मिलेगा। प्रस्ताव आमंत्रित करने से सार्वजनिक-निजी-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

आगे की राह

सफल क्रियान्वयन के लिए मज़बूत डेटा बुनियादी ढांचा, कुशल मानव संसाधन और नई प्रणालियों का मौजूदा व्यवस्था से सहज एकीकरण ज़रूरी होगा। देश भर में लागू करने से पहले चुने हुए क्षेत्रों में पायलट परियोजनाएं मॉडलों की जांच कर सकती हैं। उपयोगकर्ता-अनुकूल मोबाइल एप से चेतावनियों तक जनता की पहुंच बढ़ेगी। अंतिम उपयोगकर्ताओं, विशेषकर किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के फीडबैक से लगातार सुधार अहम होगा।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)
भारत की राष्ट्रीय मौसम सेवा, जिसकी स्थापना 1875 में हुई। यह मौसम अवलोकन, पूर्वानुमान और भूकंप विज्ञान के लिए ज़िम्मेदार है। मुख्यालय: नई दिल्ली। मूल मंत्रालय: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES)।
डॉप्लर मौसम रडार
ऐसा रडार जो डॉप्लर प्रभाव का उपयोग करके वर्षण कणों की गति और दिशा मापता है। चक्रवात और आंधी-तूफान जैसे गंभीर मौसम को ट्रैक करने में यह अहम है।
संख्यात्मक मौसम पूर्वानुमान (NWP)
मौसम पूर्वानुमान की ऐसी विधि जो वायुमंडल और महासागरों के गणितीय मॉडलों से वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर मौसम का अनुमान लगाती है।
मौसम विज्ञान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
मशीन लर्निंग एल्गोरिदम और न्यूरल नेटवर्क का उपयोग करके बड़े मौसम डेटासेट का विश्लेषण करना, पैटर्न पहचानना और पारंपरिक मॉडलों से आगे बढ़कर पूर्वानुमान की सटीकता सुधारना।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस डेटा पर ध्यान दें: 16 तकनीकी क्षेत्रों में IMD AI, ML और बिग डेटा का उपयोग करेगा
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES)

यह गलती न करें!

छात्र IMD के मूल मंत्रालय को लेकर भ्रमित हो सकते हैं: यह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) है, न कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) या विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • AI एकीकरण, पूर्व चेतावनी प्रणाली, जलवायु लचीलापन, सटीक कृषि, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सार्वजनिक-निजी भागीदारी

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का मूल मंत्रालय कौन-सा है?

  2. Q2कठिन

    IMD की नई तकनीकी पहल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.IMD मौसम पूर्वानुमान की सटीकता सुधारने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का उपयोग करेगा।
    2. 2.इस पहल में किसानों को ज़िला स्तर पर मौसम सलाह देने की प्रणाली विकसित करना शामिल है।
    3. 3.IMD मौसम गुब्बारों के टिकाऊ विकल्प के रूप में ड्रोन के उपयोग की योजना बना रहा है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    IMD की नई AI आधारित प्रणाली के तहत आंधी और बिजली की चेतावनी का लक्ष्य अग्रिम समय कितना है?

  4. Q4मध्यम

    IMD के AI, ML और बिग डेटा को अपने कार्यों में एकीकृत करने की पहल का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. भारत मौसम विज्ञान विभाग किन नई तकनीकों का उपयोग करेगा?

IMD अपनी मौसम पूर्वानुमान और पूर्व चेतावनी प्रणालियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और बिग डेटा एनालिटिक्स को शामिल करेगा।

2. IMD की नई पहल के तहत आंधी की चेतावनी का अग्रिम समय कितना है?

नई AI आधारित तकनीक का लक्ष्य आंधी, बिजली और भारी बारिश की चेतावनी 3 से 6 घंटे पहले देना है।

3. इस IMD योजना के तहत किसानों को मौसम सलाह किस स्तर पर मिलेगी?

IMD एक ICT आधारित टूल के माध्यम से पंचायत स्तर पर किसानों को फसल की अवस्था के अनुसार मौसम सलाह देने की योजना बना रहा है।

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