विज्ञान एवं तकनीक

पोटैशियम-समृद्ध नमक से भारत में हर साल 4 लाख मौतें टल सकती हैं: नेचर हेल्थ रिपोर्ट

5 नवंबर 20263 मिनट2 स्रोत4 प्रश्नखबर 24 / 133

प्रिलिम्स के लिए: सोडियम क्लोराइड (NaCl), पोटैशियम क्लोराइड (KCl), हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), नमक के सेवन पर WHO की सिफारिश, वैश्विक स्तर पर हर साल टलने वाली मौतें, भारत में हर साल टलने वाली मौतें, वैश्विक स्तर पर हर साल टलने वाले नए रोग-मामले, सिफारिश करने वाला संगठन

मेन्स के लिए: पोटैशियम-समृद्ध नमक, सोडियम की अधिकता और पोटैशियम की कमी का दोहरा बोझ, लागत-प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

नेचर हेल्थ में प्रकाशित एक वैश्विक अध्ययन के अनुसार, सामान्य नमक की जगह पोटैशियम-समृद्ध नमक अपनाने से भारत में हर साल लगभग 4 लाख मौतें टल सकती हैं, और दुनिया भर में 30 लाख मौतें। इस बदलाव से सोडियम का सेवन घटता है और पोटैशियम बढ़ता है। इस तरह यह हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और किडनी की बीमारी के दो बड़े कारणों पर एक साथ असर डालता है।

सारांश

  • सामान्य नमक (सोडियम क्लोराइड) की जगह पोटैशियम-समृद्ध नमक (पोटैशियम क्लोराइड) अपनाने से भारत में हर साल लगभग 4,00,000 मौतें टल सकती हैं।
  • दुनिया भर में यह बदलाव हर साल 30 लाख मौतें और दिल व किडनी की बीमारी के 1 करोड़ नए मामले टाल सकता है।
  • WHO हृदय रोगों का बोझ कम करने के लिए कम सोडियम वाले, पोटैशियम-समृद्ध नमक विकल्पों के इस्तेमाल की सिफारिश करता है।

मुख्य बातें

  • नमक बदलने से जान बचती है

    खाना पकाने में सोडियम क्लोराइड की जगह पोटैशियम क्लोराइड लगाने से भारत में हर साल 4 लाख और दुनिया भर में 30 लाख मौतें टल सकती हैं।

  • दिल और किडनी रोग में कमी

    यह बदलाव दुनिया भर में हर साल दिल और किडनी की बीमारी के 1 करोड़ नए मामले भी टाल सकता है।

  • WHO का समर्थन

    WHO हाई ब्लड प्रेशर से निपटने के लिए कम सोडियम वाले, पोटैशियम-समृद्ध नमक विकल्पों की सिफारिश करता है।

पृष्ठभूमि

दुनिया भर में हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारण भोजन में सोडियम की अधिकता और पोटैशियम की कमी हैं। सामान्य नमक (सोडियम क्लोराइड) ब्लड प्रेशर बढ़ाने में योगदान देता है, जिससे दिल की बीमारी और क्रॉनिक किडनी रोग का खतरा बढ़ता है। पोटैशियम-समृद्ध नमक के विकल्प में कुछ सोडियम की जगह पोटैशियम क्लोराइड होता है, जिससे सोडियम घटता है और पोटैशियम का सेवन बढ़ता है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

नेचर हेल्थ अध्ययन में 193 देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। भारत के लिए इसका संभावित असर बहुत बड़ा है: हर साल लगभग 4,00,000 मौतें टल सकती हैं। वैश्विक स्तर पर 30 लाख मौतें और दिल व किडनी की बीमारी के 1 करोड़ नए मामले टल सकते हैं। दो स्थितियों का आकलन किया गया: केवल घरेलू खाना पकाने का नमक बदलने से 18.5 लाख वैश्विक मौतें टल सकती हैं, और केवल पैकेटबंद व रेस्तरां भोजन का नमक बदलने से 15.6 लाख। सोडियम घटाने और पोटैशियम बढ़ाने का दोहरा असर इसे एक लागत-प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप बनाता है।

आगे की राह

इसे व्यापक रूप से अपनाने के लिए नियामकीय समर्थन, जन-जागरूकता अभियान और खाद्य उद्योग द्वारा पैकेटबंद खाद्य पदार्थों के फॉर्मूले में बदलाव की ज़रूरत होगी। कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम व नियंत्रण के राष्ट्रीय कार्यक्रम (NPCDCS) के तहत चल रहे नमक कम करने के प्रयासों में पोटैशियम-समृद्ध नमक को एक प्रमुख रणनीति के रूप में शामिल किया जा सकता है।

सोडियम क्लोराइड बनाम पोटैशियम क्लोराइड

विशेषतासोडियम क्लोराइडपोटैशियम क्लोराइड
सामान्य नामटेबल सॉल्टनमक का विकल्प
ब्लड प्रेशर पर असरब्लड प्रेशर बढ़ाता हैब्लड प्रेशर घटाने में मदद करता है
अधिक सेवन का स्वास्थ्य पर असरहाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारीसामान्यतः सुरक्षित; अधिक मात्रा में किडनी पर असर डाल सकता है

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

सोडियम क्लोराइड (NaCl)
सामान्य खाने का नमक। अधिक सेवन हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और स्ट्रोक से जुड़ा है।
पोटैशियम क्लोराइड (KCl)
एक नमक विकल्प जिसका स्वाद NaCl जैसा होता है, पर इसमें सोडियम की जगह पोटैशियम होता है। यह ब्लड प्रेशर घटाने में मदद करता है।
हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप)
हृदय रोगों, किडनी फेल होने और स्ट्रोक का एक बड़ा जोखिम कारक।
नमक के सेवन पर WHO की सिफारिश
WHO सिफारिश करता है कि वयस्क रोज़ 5 ग्राम से कम नमक खाएँ (लगभग 2 ग्राम सोडियम) और पोटैशियम-समृद्ध नमक के विकल्प अपनाएँ।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इन आंकड़ों पर ध्यान दें: भारत में टलने योग्य 4 लाख मौतें; दुनिया भर में 30 लाख मौतें; दुनिया भर में 1 करोड़ नए रोग-मामले
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)

यह गलती न करें!

जाल: भारत में टलने वाली मौतों (4 लाख) को वैश्विक आंकड़े (30 लाख) के साथ भ्रमित करना। साथ ही पोटैशियम-समृद्ध नमक को 'कम सोडियम वाले नमक' या 'आयोडीन युक्त नमक' से बदल देना, जबकि मुख्य बात पोटैशियम का संवर्धन है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • पोटैशियम-समृद्ध नमक, सोडियम की अधिकता और पोटैशियम की कमी का दोहरा बोझ, लागत-प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    कौन-सा अंतरराष्ट्रीय संगठन कम सोडियम वाले, पोटैशियम-समृद्ध नमक विकल्पों के इस्तेमाल की सिफारिश करता है?

  2. Q2कठिन

    सामान्य नमक की जगह पोटैशियम-समृद्ध नमक अपनाने के संभावित स्वास्थ्य प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.इससे भारत में हर साल लगभग 4 लाख मौतें टल सकती हैं।
    2. 2.वैश्विक स्तर पर इससे हर साल दिल और किडनी की बीमारी के 30 लाख नए मामले टल सकते हैं।
    3. 3.यह अध्ययन नेचर हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित हुआ था।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    नेचर हेल्थ अध्ययन के अनुसार, पोटैशियम-समृद्ध नमक अपनाकर दुनिया भर में हर साल कितनी मौतें टल सकती हैं?

  4. Q4मध्यम

    नमक में सोडियम क्लोराइड की जगह पोटैशियम क्लोराइड लगाने का मुख्य स्वास्थ्य लाभ क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. पोटैशियम-समृद्ध नमक क्या है?

यह एक नमक विकल्प है जिसमें कुछ सोडियम क्लोराइड की जगह पोटैशियम क्लोराइड होता है, जिससे सोडियम का सेवन घटता है और पोटैशियम बढ़ता है।

2. पोटैशियम-समृद्ध नमक भारत में हर साल कितनी मौतें टाल सकता है?

नेचर हेल्थ के एक अध्ययन के अनुसार भारत में हर साल लगभग 4 लाख मौतें टल सकती हैं।

3. कौन-सा संगठन पोटैशियम-समृद्ध नमक के इस्तेमाल की सिफारिश करता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कम सोडियम वाले, पोटैशियम-समृद्ध नमक विकल्पों के इस्तेमाल की सिफारिश करता है।

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