अर्थव्यवस्था

झारखंड में 111 बंद खनन पट्टों की नीलामी से पुनः शुरुआत: 62 कोयला, 49 अन्य खनिज

7 नवंबर 20263 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 3 / 23

प्रिलिम्स के लिए: खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR अधिनियम), प्रमुख बनाम लघु खनिज, नोडल विभाग, कुल बंद खनन पट्टे, हवाला दिया गया प्रमुख अधिनियम, लघु खनिजों के लिए राज्य नियम, वर्तमान संदर्भ

मेन्स के लिए: खनिज शासन, नीलामी आधारित आवंटन, सतत खनन, राज्य राजस्व, अवैध खनन

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नीलामी के जरिए 111 बंद खनन पट्टों (62 कोयला, 49 अन्य प्रमुख खनिज) को फिर से शुरू करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य रुकी हुई खनिज निकासी को फिर से चालू करना और अवैध खनन पर रोक लगाना है। 2015 से पहले के निष्क्रिय पट्टों को रद्द करने के लिए MMDR संशोधन अधिनियम 2015 का हवाला दिया गया है।

सारांश

  • झारखंड में कोयला खनन के 165 पट्टे हैं, जिनमें 103 चालू और 62 बंद हैं। बंद कोयला पट्टों में 58 BCCL, CCL और ECL को आवंटित हैं।
  • अन्य प्रमुख खनिजों (लौह अयस्क, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, ग्रेफाइट, कॉपर, यूरेनियम) के 85 पट्टों में से 36 चालू और 49 बंद हैं।
  • राज्य 444 श्रेणी-दो बालू घाटों में से शेष 144 घाटों की नीलामी करना चाहता है। अवैध बालू खनन रोकने के लिए CCTV निगरानी की व्यवस्था होगी।

मुख्य बातें

  • 111 खनन पट्टे फिर से शुरू होंगे

    झारखंड सरकार खनिज निकासी फिर से शुरू करने और राजस्व बढ़ाने के लिए 111 बंद खनन पट्टों (62 कोयला, 49 अन्य प्रमुख खनिज) की नीलामी करेगी।

  • MMDR अधिनियम का ढांचा

    यह कदम खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम 2015 के अनुरूप है, जिसके तहत 2015 से पहले के निष्क्रिय पट्टे रद्द कर उनकी फिर से नीलामी होगी।

  • बालू घाट और अवैध खनन

    444 श्रेणी-दो बालू घाटों में से 300 की नीलामी हो चुकी है। शेष 144 घाटों की नीलामी जल्द होगी, और अवैध बालू उठाव रोकने के लिए CCTV और चेकनाका लगाए जाएंगे।

पृष्ठभूमि

कोयला और अन्य खनिजों से समृद्ध झारखंड में कोयला खनन के 165 पट्टे हैं, जिनमें से 62 बंद हैं। इसके अलावा लौह अयस्क, बॉक्साइट, लाइमस्टोन, ग्रेफाइट, कॉपर और यूरेनियम जैसे प्रमुख खनिजों के 85 में से 49 पट्टे गैर-चालू हैं। कई पट्टे भूमि अधिग्रहण की समस्या या पर्यावरण और वन स्वीकृति न मिलने के कारण रुके हुए थे।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

निर्देश का उद्देश्य निष्क्रिय पट्टों को रद्द कर उनकी नीलामी से खनन फिर से शुरू करना है। इसमें वैज्ञानिक और सतत खनन पर ज़ोर है, गोल्ड ब्लॉकों सहित अन्वेषण और नीलामी में तेज़ी लाने की बात है, और CCTV, चेकनाका तथा जिला स्तरीय टास्क फोर्स के ज़रिए अवैध बालू खनन रोकने का प्रावधान है।

आगे की राह

खनन शुरू करने से पहले पट्टाधारियों को भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण और वन स्वीकृति लेनी होगी। राज्य गोल्ड ब्लॉकों के अन्वेषण और नीलामी को गति देगा। शेष 144 बालू घाटों की नीलामी जिला स्तर पर होगी और जल्द LOI जारी होंगे। अवैध खनन पर नज़र रखने के लिए जिला टास्क फोर्स की नियमित बैठकें होंगी।

झारखंड से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (MMDR अधिनियम)
भारत में खनन क्षेत्र को नियंत्रित करने वाला केंद्रीय कानून। यह खनिजों की खोज और उत्पादन को विनियमित करता है और 2015 के संशोधन से खनिज रियायतें देने का एकमात्र तरीका नीलामी बनाया गया।
प्रमुख बनाम लघु खनिज
प्रमुख खनिजों में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, लाइमस्टोन आदि आते हैं, जिन पर केंद्र सरकार का नियंत्रण है। लघु खनिजों (बालू, बजरी, पत्थर) को राज्य सरकारें अपने नियमों के तहत नियंत्रित करती हैं, जैसे झारखंड लघु खनिज समानुदान नियमावली 2004।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस आंकड़े पर ध्यान दें: झारखंड में 111 बंद खनन पट्टे (62 कोयला + 49 अन्य प्रमुख खनिज)
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: झारखंड सरकार का खान एवं भूतत्व विभाग
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: MMDR संशोधन अधिनियम 2015 (2015 से पहले के निष्क्रिय पट्टों को रद्द करने के लिए)

यह गलती न करें!

'प्रमुख खनिज' (कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट) और 'लघु खनिज' (बालू, पत्थर) को आपस में न मिलाएँ। प्रमुख खनिजों पर MMDR अधिनियम 1957 लागू होता है, जबकि लघु खनिजों पर राज्य के नियम लागू होते हैं। साथ ही 111 कुल बंद पट्टे हैं, चालू पट्टों की संख्या नहीं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • खनिज शासन, नीलामी आधारित आवंटन, सतत खनन, राज्य राजस्व, अवैध खनन

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    बंद खनन पट्टों को फिर से शुरू करने के निर्देश को लागू करने की मुख्य ज़िम्मेदारी झारखंड सरकार के किस विभाग की है?

  2. Q2कठिन

    झारखंड में खनन पट्टों की पुनः शुरुआत के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.कुल 111 बंद खनन पट्टे फिर से शुरू होने हैं, जिनमें 62 कोयला पट्टे और 49 अन्य प्रमुख खनिजों के पट्टे शामिल हैं।
    2. 2.MMDR संशोधन अधिनियम 2015 का उपयोग 2015 से पहले दिए गए निष्क्रिय पट्टों को रद्द कर उनकी फिर से नीलामी के लिए किया जाता है।
    3. 3.झारखंड के सभी 444 श्रेणी-दो बालू घाटों की नीलामी पहले ही हो चुकी है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    समाचार के अनुसार झारखंड में इस समय कितने कोयला खनन पट्टे चालू हैं?

  4. Q4मध्यम

    बंद खनन पट्टों की पुनः नीलामी के संबंध में झारखंड सरकार के निर्देश का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. झारखंड में कितने बंद खनन पट्टे फिर से शुरू किए जाएंगे?

111 बंद खनन पट्टे फिर से शुरू होंगे, जिनमें 62 कोयला पट्टे और 49 अन्य प्रमुख खनिजों के पट्टे शामिल हैं।

2. झारखंड में खनन पट्टों की पुनः शुरुआत किस विभाग द्वारा लागू की जा रही है?

झारखंड सरकार का खान एवं भूतत्व विभाग यह निर्देश लागू कर रहा है।

3. इस निर्णय में MMDR संशोधन अधिनियम 2015 की क्या भूमिका है?

MMDR संशोधन अधिनियम 2015 का उपयोग 2015 से पहले दिए गए निष्क्रिय पट्टों को रद्द कर उनकी फिर से नीलामी के लिए किया जाता है।

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