राजव्यवस्था

झारखंड उच्च न्यायालय ने दारोगा की वरीयता सूची रद्द की, सीधी भर्ती से नियुक्त दारोगा LDCE वालों से ऊपर होंगे

7 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 21 / 23

प्रिलिम्स के लिए: सरकारी सेवा में वरिष्ठता, सीधी भर्ती बनाम LDCE, रिट याचिका, न्यायालय, न्यायाधीश, रद्द की गई वरीयता सूची की तारीख, नई सूची की समय-सीमा, वरीयता का आधार

मेन्स के लिए: सेवा न्यायशास्त्र, वरीयता का सिद्धांत, सेवा मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप, झारखंड पुलिस

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

झारखंड उच्च न्यायालय ने पुलिस दारोगाओं की 9 सितंबर 2024 को जारी अंतिम वरीयता सूची रद्द कर दी है। अदालत ने कहा कि सीधी भर्ती से नियुक्त दारोगा, सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा (LDCE) से नियुक्त दारोगाओं से वरिष्ठ होंगे। अदालत ने राज्य सरकार को वास्तविक नियुक्ति और सेवा की पुष्टि की तारीख के आधार पर 10 सप्ताह के भीतर नई सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।

सारांश

  • झारखंड उच्च न्यायालय (न्यायमूर्ति दीपक रोशन) ने पुलिस दारोगाओं की 9 सितंबर 2024 की अंतिम वरीयता सूची रद्द कर दी।
  • सीधी भर्ती से नियुक्त दारोगा, LDCE (सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा) से नियुक्त दारोगाओं से वरिष्ठ माने जाएंगे।
  • वरीयता वास्तविक नियुक्ति और सेवा की पुष्टि की तारीख से तय होगी, न कि पहले चयन या प्रशिक्षण से पहले की अस्थायी पोस्टिंग से।

मुख्य बातें

  • वरीयता विवाद का निपटारा

    झारखंड उच्च न्यायालय ने कहा कि सीधी भर्ती वाले दारोगा LDCE से नियुक्त दारोगाओं से वरिष्ठ हैं और 2024 की वरीयता सूची रद्द की।

  • मुख्य कानूनी सिद्धांत

    वरीयता वास्तविक नियुक्ति और सेवा की पुष्टि की तारीख से तय होगी, पहले चयन या अस्थायी पोस्टिंग से नहीं।

  • नई सूची का आदेश

    राज्य सरकार को 10 सप्ताह के भीतर (जनवरी 2027 तक) नई अंतिम वरीयता सूची प्रकाशित करनी होगी।

पृष्ठभूमि

झारखंड पुलिस विभाग ने 9 सितंबर 2024 को दारोगाओं की अंतिम वरीयता सूची जारी की थी। इसमें सिपाही से पदोन्नत होकर बने LDCE दारोगाओं को सीधी भर्ती वाले दारोगाओं से ऊपर रखा गया, जिसके बाद कानूनी चुनौती दी गई। सीधी भर्ती से दारोगा बने उत्तम तिवारी सहित तीन रिट याचिकाएं दायर हुईं।

फैसले से पहले और बाद में वरीयता का आधार

पहलूफैसले से पहलेफैसले के बाद
वरीयता सूची की तारीख9 सितंबर 202410 सप्ताह के भीतर नई सूची
वरिष्ठ समूहLDCE से नियुक्त दारोगासीधी भर्ती वाले दारोगा
वरीयता का आधारचयन / अस्थायी पोस्टिंगनियुक्ति और पुष्टि की तारीख

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झारखंड की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:JPSC 8/10JSSC 7/10

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

सरकारी सेवा में वरिष्ठता
नियुक्ति, पुष्टि और निरंतर सेवा की तारीख के आधार पर सरकारी कर्मचारियों का सापेक्ष क्रम। पदोन्नति, पोस्टिंग और अन्य सेवा लाभों की पात्रता इसी से तय होती है।
सीधी भर्ती बनाम LDCE
सीधी भर्ती में प्रतियोगी परीक्षा के ज़रिए सभी पात्र उम्मीदवार शामिल हो सकते हैं। सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा (LDCE) विभाग के मौजूदा कर्मचारियों को उच्च पद पर पदोन्नत करने के लिए होती है।
रिट याचिका
किसी न्यायालय, आमतौर पर उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय, को दिया गया लिखित आवेदन, जिसमें मौलिक या कानूनी अधिकारों के उल्लंघन पर कानूनी उपाय मांगा जाता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • ध्यान दें: रद्द की गई सूची की तारीख 9 सितंबर 2024; नई सूची की समय-सीमा 10 सप्ताह (जनवरी 2027 तक)
  • ध्यान दें: झारखंड पुलिस मुख्यालय / झारखंड गृह विभाग
  • ध्यान दें: सेवा कानून के तहत वरीयता के सिद्धांत (नियुक्ति और पुष्टि की तारीख)

यह गलती न करें!

परीक्षक रद्द की गई सूची की तारीख (9 सितंबर 2024) या समय-सीमा (10 सप्ताह) के बारे में पूछ सकते हैं। वे 'सीधी भर्ती' और 'LDCE' को आपस में बदलकर पूछ सकते हैं कि कौन वरिष्ठ है। याद रखें: सीधी भर्ती वाले वरिष्ठ हैं, LDCE वाले नहीं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • सेवा न्यायशास्त्र, वरीयता का सिद्धांत, सेवा मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप, झारखंड पुलिस

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    किस उच्च न्यायालय ने पुलिस दारोगाओं की वरीयता सूची रद्द करने का फैसला सुनाया?

  2. Q2कठिन

    झारखंड उच्च न्यायालय के दारोगा वरीयता फैसले के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.अदालत ने 9 सितंबर 2024 को जारी अंतिम वरीयता सूची रद्द की।
    2. 2.अदालत ने कहा कि LDCE से नियुक्त दारोगा सीधी भर्ती वाले दारोगाओं से वरिष्ठ हैं।
    3. 3.अदालत ने राज्य सरकार को 10 सप्ताह के भीतर नई सूची तैयार करने का निर्देश दिया।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार झारखंड सरकार को नई अंतिम वरीयता सूची कब तक तैयार करनी होगी?

  4. Q4मध्यम

    इस फैसले में झारखंड उच्च न्यायालय ने वरीयता तय करने का प्रमुख आधार क्या माना है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. झारखंड पुलिस दारोगा वरीयता सूची किस न्यायालय ने रद्द की?

न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अध्यक्षता वाले झारखंड उच्च न्यायालय ने सूची रद्द की।

2. रद्द की गई वरीयता सूची कब जारी हुई थी?

रद्द की गई अंतिम वरीयता सूची 9 सितंबर 2024 को जारी हुई थी।

3. झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार कौन वरिष्ठ माना गया है?

सीधी भर्ती से नियुक्त दारोगा, सीमित विभागीय प्रतियोगिता परीक्षा (LDCE) से नियुक्त दारोगाओं से वरिष्ठ माने जाते हैं।

4. नई वरीयता सूची के लिए समय-सीमा क्या है?

राज्य सरकार को 10 सप्ताह के भीतर, यानी जनवरी 2027 तक, नई सूची तैयार और प्रकाशित करनी होगी।

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