प्रिलिम्स के लिए: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013, प्राथमिकता प्राप्त परिवार (PHH) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY), सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), ई-रिवर्स ऑक्शन, योजनाओं के नाम, नोडल निदेशालय, मासिक हकदारी, कुल लाभार्थी परिवार
मेन्स के लिए: पोषण सुरक्षा, PDS सुधार, राज्य-विशिष्ट खाद्य योजनाएं, ई-प्रोक्योरमेंट में पारदर्शिता
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- झारखंड 66.92 लाख परिवारों को हर महीने 1 किलो चना दाल बांटेगा।
- यह दाल NFSA और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत बांटी जाती है।
- यह निविदा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए है, जिसकी अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट ₹12.82 करोड़ है।
- NFSA में 61.05 लाख परिवार शामिल हैं (PHH: 51.88 लाख, AAY: 9.17 लाख)।
- JSFSS में 5.87 लाख हरा कार्ड वाले परिवार शामिल हैं।
चर्चा में क्यों?
झारखंड के खाद्य और उपभोक्ता मामलों के निदेशालय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में चना दाल की आपूर्ति के लिए ऑनलाइन निविदा मांगी है। यह दाल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के लगभग 66.92 लाख पात्र परिवारों को प्रति राशन कार्ड हर महीने 1 किलो के हिसाब से दी जाएगी।
सारांश
- झारखंड PDS के जरिए NFSA (PHH और AAY) और JSFSS (हरा कार्ड) के 66.92 लाख परिवारों को हर महीने 1 किलो चना दाल देगा।
- आपूर्तिकर्ताओं का चयन ई-निविदा और ई-रिवर्स ऑक्शन से होगा, और ₹12.82 करोड़ की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट जमा करनी होगी।
- इस योजना में NFSA के 61.05 लाख परिवार (PHH: 51.88 लाख, AAY: 9.17 लाख) और JSFSS के तहत 5.87 लाख हरा कार्ड वाले परिवार शामिल हैं।
मुख्य बातें
झारखंड में PDS का विस्तार
झारखंड NFSA और अपनी राज्य योजना JSFSS के तहत 66.92 लाख परिवारों के लिए चना दाल की खरीद कर रहा है।
पारदर्शिता के लिए ई-प्रोक्योरमेंट
आपूर्तिकर्ताओं का चयन राज्य के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर ई-निविदा और ई-रिवर्स ऑक्शन से होगा, जिसके लिए ₹12.82 करोड़ की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट देनी होगी।
लाभार्थियों की तीन श्रेणियां
लाभार्थियों में NFSA के तहत PHH (51.88 लाख परिवार) और AAY (9.17 लाख परिवार), तथा JSFSS के तहत हरा कार्ड (5.87 लाख परिवार) शामिल हैं।
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 पात्र परिवारों को रियायती अनाज उपलब्ध कराता है। NFSA में शामिल न होने वाले अतिरिक्त परिवारों को कवर करने के लिए झारखंड अपनी राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) चलाता है। चना दाल का वितरण मानक अनाज कोटे से अलग एक अतिरिक्त पोषण सहायता है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
चना दाल बांटने का कदम राज्य के आहार में, खासकर गरीब परिवारों में, प्रोटीन की कमी को दूर करने की दिशा में है। ई-निविदा और ई-रिवर्स ऑक्शन से सरकार प्रतिस्पर्धी कीमत और पारदर्शिता सुनिश्चित करना चाहती है। ₹12.82 करोड़ की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट से केवल गंभीर बोलीदाता ही भाग लेंगे। NFSA और JSFSS, दोनों के लाभार्थियों को शामिल करना खाद्य सुरक्षा के प्रति व्यापक दृष्टिकोण दिखाता है।
आगे की राह
इस योजना की सफलता समय पर आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और वितरण में पुराने बकाए के समाधान पर निर्भर है। जिला प्रशासनों को दाल बांटते समय पुराना बकाया समायोजित करने का निर्देश दिया गया है। PDS के तहत पोषण सुरक्षा बढ़ाने के लिए अन्य राज्य भी यह मॉडल अपना सकते हैं।
झारखंड से जुड़ाव
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013
- एक केंद्रीय अधिनियम, जो पात्र परिवारों को रियायती खाद्यान्न (गेहूं, चावल, मोटे अनाज) उपलब्ध कराता है। यह ग्रामीण आबादी के लगभग 75% और शहरी आबादी के 50% तक को कवर करता है।
- प्राथमिकता प्राप्त परिवार (PHH) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY)
- PHH वे परिवार हैं जिन्हें सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) में गरीब पहचाना गया है। AAY NFSA के तहत सबसे गरीब श्रेणी है, जिसे प्रति परिवार हर महीने 35 किलो खाद्यान्न मिलता है।
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)
- सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक प्रणाली, जो उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) के नेटवर्क के जरिए गरीबों को रियायती खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुएं बांटती है।
- ई-रिवर्स ऑक्शन
- एक ऑनलाइन खरीद पद्धति, जिसमें आपूर्तिकर्ता कीमत के घटते क्रम में बोली लगाते हैं और सबसे कम बोली जीतती है। इससे पारदर्शिता और लागत की कुशलता सुनिश्चित होती है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इन आंकड़ों पर ध्यान दें: 66.92 लाख परिवार, हर महीने 1 किलो चना दाल, ₹12.82 करोड़ की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: खाद्य और उपभोक्ता मामलों का निदेशालय, झारखंड सरकार।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013।
यह गलती न करें!
परीक्षक NFSA (केंद्रीय कानून) और JSFSS (राज्य योजना) को आपस में उलझा सकते हैं, या मासिक हकदारी (1 किलो दाल बनाम मानक 5 किलो अनाज) को बदल सकते हैं। वे यह भी पूछ सकते हैं कि दाल किसे मिलेगी: केवल NFSA के लाभार्थियों को या NFSA और JSFSS, दोनों के लाभार्थियों को।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- पोषण सुरक्षा, PDS सुधार, राज्य-विशिष्ट खाद्य योजनाएं, ई-प्रोक्योरमेंट में पारदर्शिता
कहीं अटके? एक टैप में समझें
झारखंड सरकार राशन दुकानों के ज़रिए गरीब परिवारों को देने के लिए चना दाल खरीद रही है। हर परिवार को हर महीने 1 किलो दाल मुफ्त या बहुत कम कीमत पर मिलेगी। यह दाल केंद्रीय NFSA कानून या राज्य की अपनी खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन कार्ड रखने वाले लगभग 66.92 लाख परिवारों तक पहुंचेगी।
- झारखंड 66.92 लाख परिवारों को हर महीने 1 किलो चना दाल बांटेगा।
- यह दाल NFSA और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत बांटी जाती है।
- यह निविदा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए है, जिसकी अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट ₹12.82 करोड़ है।
- NFSA में 61.05 लाख परिवार शामिल हैं (PHH: 51.88 लाख, AAY: 9.17 लाख)।
- JSFSS में 5.87 लाख हरा कार्ड वाले परिवार शामिल हैं।
- शासन: सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा
- राज्य_शासन: झारखंड की योजनाएं और नीतियां
जुड़ी अवधारणाएँ: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013, प्राथमिकता प्राप्त परिवार (PHH) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY), सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), ई-रिवर्स ऑक्शन
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चना दाल की खरीद और वितरण के लिए झारखंड सरकार का कौन-सा निदेशालय ज़िम्मेदार है?
व्याख्या: खाद्य और उपभोक्ता मामलों के निदेशालय ने चना दाल की आपूर्ति के लिए निविदा मांगी है। कृषि, ग्रामीण विकास और समाज कल्याण अलग विभाग हैं, जो PDS की खरीद में शामिल नहीं हैं।
- Q2कठिन
झारखंड में चना दाल वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह दाल NFSA और JSFSS, दोनों के तहत राशन कार्ड धारक सभी परिवारों को दी जाएगी।
- 2.मासिक हकदारी प्रति परिवार 1 किलो चना दाल है।
- 3.आपूर्तिकर्ताओं का चयन केवल ई-निविदा से होता है, उसमें कोई रिवर्स ऑक्शन नहीं होता।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है, क्योंकि दाल NFSA और JSFSS के लाभार्थियों के लिए है। कथन 2 सही है: प्रावधान प्रति राशन कार्ड हर महीने 1 किलो का है। कथन 3 गलत है, क्योंकि चयन प्रक्रिया में ई-निविदा और ई-रिवर्स ऑक्शन, दोनों शामिल हैं।
- Q3मध्यम
निविदा के अनुसार झारखंड में NFSA के तहत प्राथमिकता प्राप्त परिवार (PHH) श्रेणी में कितने परिवार शामिल हैं?
व्याख्या: PHH कार्डधारी परिवार 51,88,089 (51.88 लाख) हैं। 61.05 लाख NFSA के कुल परिवार हैं, 9.17 लाख AAY के परिवार हैं और 5.87 लाख JSFSS के तहत हरा कार्ड वाले परिवार हैं।
- Q4मध्यम
झारखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से चना दाल बांटने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: चना दाल प्रोटीन का स्रोत है, और PDS में इसे बांटना गरीबों में प्रोटीन की कमी दूर करता है। यह न तो वित्तीय बोझ घटाता है, न मुख्य रूप से दलहन को बढ़ावा देने के लिए है। यह अनाज वितरण की जगह नहीं लेता, बल्कि उसकी पूर्ति करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. नई निविदा के तहत झारखंड में कितने परिवारों को चना दाल मिलेगी?
NFSA और JSFSS श्रेणियों के लगभग 66.92 लाख परिवारों को हर महीने 1 किलो चना दाल मिलेगी।
2. प्रति परिवार चना दाल की मासिक हकदारी कितनी है?
हर पात्र परिवार को प्रति राशन कार्ड हर महीने 1 किलो चना दाल मिलती है।
3. झारखंड में चना दाल वितरण किन दो योजनाओं के तहत होता है?
यह वितरण राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSS) के तहत होता है।
4. चना दाल निविदा के लिए कितनी अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट ज़रूरी है?
बोलीदाताओं को झारखंड ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के जरिए ₹12.82 करोड़ की अर्नेस्ट मनी जमा करनी होगी।
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मूल खबर8 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
