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बुनियादी ढांचा

भारतीय रेलवे त्योहारी भीड़ के लिए 18,000 विशेष ट्रेनें चलाएगा, सात कॉरिडोर को चार लेन का किया जाएगा

7 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 48 / 79

प्रिलिम्स के लिए: स्वर्णिम चतुर्भुज, विशेष ट्रेनें, रेल कॉरिडोर का चार लेन होना, विशेष ट्रेनों की संख्या, कवर होने वाले त्योहार, चार लेन होने वाले कॉरिडोर, वर्तमान संदर्भ

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

भारतीय रेलवे त्योहारी सीज़न (दुर्गा पूजा, दीवाली, छठ) में लगभग 18,000 विशेष ट्रेनें चलाएगा और भीड़ व देरी घटाने के लिए सात प्रमुख रेल कॉरिडोर को चार लेन का बना रहा है। विशेष ट्रेनों का किराया नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों से ज़्यादा है और यात्रा का समय भी लंबा है, इसलिए यात्री अक्सर नियमित सेवाओं को चुनते हैं।

सारांश

  • दुर्गा पूजा, दीवाली और छठ की भीड़ के लिए भारतीय रेलवे लगभग 18,000 विशेष ट्रेनें चलाएगा।
  • भीड़ कम करने और ट्रेनों की देरी घटाने के लिए सात प्रमुख रेल कॉरिडोर को चार लेन का बनाया जा रहा है।
  • विशेष ट्रेनों का किराया ज़्यादा है (जैसे नई दिल्ली-पटना एसी 3-टियर ₹1,745 बनाम नियमित ₹1,390) और यात्रा का समय भी लंबा है, इसलिए यात्री अक्सर इनसे बचते हैं।

मुख्य बातें

  • त्योहारी सीज़न के लिए 18,000 विशेष ट्रेनें

    भारतीय रेलवे दुर्गा पूजा, दीवाली और छठ के दौरान यात्रियों की भीड़ संभालने के लिए लगभग 18,000 विशेष ट्रेनें चलाएगा।

  • सात कॉरिडोर चार लेन के होंगे

    स्वर्णिम चतुर्भुज के मार्गों और दिल्ली-गुवाहाटी सहित सात प्रमुख रेल कॉरिडोर को भीड़ और देरी घटाने के लिए चार लेन का बनाया जा रहा है।

  • विशेष ट्रेनों का ज़्यादा किराया

    विशेष ट्रेनों का किराया ज़्यादा है (जैसे नई दिल्ली-पटना एसी 3-टियर ₹1,745 बनाम नियमित ₹1,390) और यात्रा का समय भी लंबा है, जिससे ये यात्रियों में कम लोकप्रिय हैं।

पृष्ठभूमि

हर साल त्योहारी सीज़न (दुर्गा पूजा, दीवाली, छठ) में भारतीय रेलवे पर यात्रियों की भारी भीड़ आती है, खासकर दिल्ली-पटना, दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता जैसे अधिक घनत्व वाले मार्गों पर। भीड़ संभालने के लिए रेलवे विशेष ट्रेनें चलाता है, लेकिन इनका किराया और यात्रा समय नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों से अधिक होता है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

18,000 विशेष ट्रेनें चलाना एक बड़ी लॉजिस्टिक कवायद है, लेकिन ऊंचा किराया ढांचा (जैसे दिल्ली-पटना एसी 3-टियर के लिए ₹1,745 बनाम ₹1,390) और लंबा यात्रा समय इन्हें यात्रियों के लिए कम आकर्षक बनाता है। स्वर्णिम चतुर्भुज (दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुंबई) और दिल्ली-गुवाहाटी सहित सात प्रमुख कॉरिडोर का चार लेन होना नेटवर्क की भीड़ घटाने और देरी कम करने के उद्देश्य से किया जा रहा एक दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा सुधार है।

त्योहारी विशेष बनाम नियमित ट्रेन (दिल्ली-पटना एसी 3-टियर)

विशेषताफेस्टिवल स्पेशल (04096)नियमित संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस
किराया₹1,745₹1,390
यात्रा समयलंबाछोटा

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

स्वर्णिम चतुर्भुज
भारत के चार प्रमुख महानगरों दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को जोड़ने वाला सुनहरा चतुर्भुज। रेलवे के संदर्भ में यह इन्हीं शहरों को जोड़ने वाले अधिक घनत्व वाले रेल मार्गों को दर्शाता है।
विशेष ट्रेनें
त्योहारों और छुट्टियों जैसे चरम मौसम में भारतीय रेलवे द्वारा अतिरिक्त यात्री मांग संभालने के लिए चलाई जाने वाली ट्रेनें। नियमित ट्रेनों की तुलना में इनका किराया ढांचा और समय अलग होता है।
रेल कॉरिडोर का चार लेन होना
रेल लाइन को दो पटरियों से बढ़ाकर चार पटरियों का करना, ताकि एक ही दिशा में एक साथ अधिक ट्रेनें चल सकें और भीड़ व देरी घटे।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस डेटा पर ध्यान दें: त्योहारी सीज़न के लिए 18,000 विशेष ट्रेनें; 7 कॉरिडोर चार लेन के होंगे
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: रेल मंत्रालय / भारतीय रेलवे

यह गलती न करें!

परीक्षक कॉरिडोर की संख्या (7) और ट्रेनों की संख्या (18,000) की अदला-बदली कर सकते हैं, या स्वर्णिम चतुर्भुज मार्गों बनाम उल्लिखित कॉरिडोर (जैसे दिल्ली-गुवाहाटी) के बारे में पूछ सकते हैं। वे त्योहारी विशेष ट्रेनों को नियमित राजधानी/शताब्दी ट्रेनों से भी भ्रमित कर सकते हैं।

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारत में रेल कॉरिडोर को चार लेन बनाने के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी किस मंत्रालय की है?

  2. Q2कठिन

    भारतीय रेलवे की त्योहारी विशेष ट्रेनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.दुर्गा पूजा, दीवाली और छठ के दौरान लगभग 18,000 विशेष ट्रेनें चलेंगी।
    2. 2.विशेष ट्रेनों का किराया नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों से कम है।
    3. 3.सात प्रमुख रेल कॉरिडोर को चार लेन का बनाया जा रहा है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    घोषणा के अनुसार भारतीय रेलवे त्योहारी सीज़न में कितनी विशेष ट्रेनें चलाएगा?

  4. Q4मध्यम

    सात प्रमुख रेल कॉरिडोर को चार लेन बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. भारतीय रेलवे त्योहारी सीज़न के लिए कितनी विशेष ट्रेनें चलाएगा?

भारतीय रेलवे दुर्गा पूजा, दीवाली और छठ के दौरान लगभग 18,000 विशेष ट्रेनें चलाएगा।

2. किन रेल कॉरिडोर को चार लेन का बनाया जा रहा है?

स्वर्णिम चतुर्भुज (दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुंबई) और दिल्ली-गुवाहाटी सहित सात प्रमुख कॉरिडोर को चार लेन का बनाया जा रहा है।

3. यात्री त्योहारी विशेष ट्रेनों को क्यों पसंद नहीं करते?

नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में विशेष ट्रेनों का किराया ज़्यादा है और यात्रा का समय लंबा है, इसलिए ये कम लोकप्रिय हैं।

सभी स्रोत

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