बुनियादी ढांचा

मोकामा में नया डबल-ट्रैक राजेंद्र सेतु चालू: ट्रेन की गति दोगुनी होकर 110 किमी/घंटा, 2027 तक अमृत भारत ट्रेन की योजना

6 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 12 / 77

प्रिलिम्स के लिए: डबल-ट्रैक रेल लाइन, अमृत भारत ट्रेन, राजेंद्र सेतु, नए पुल का नाम, स्थान, पुराने पुल पर गति, नए पुल पर गति, प्रस्तावित नई ट्रेन

मेन्स के लिए: रेल बुनियादी ढांचा, डबल-ट्रैकिंग, गंगा नदी के पुल, बिहार की कनेक्टिविटी, अमृत भारत ट्रेन

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

मोकामा में गंगा नदी पर पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर बने नए डबल-ट्रैक रेल ब्रिज का परिचालन शुरू हो गया है। इससे ट्रेन की गति 50 से बढ़कर 110 किमी/घंटा हो गई है और आउटर सिग्नल पर घंटों रुकने की मजबूरी खत्म हुई है। रेलवे की योजना है कि 2027 तक पटना होते हुए मिथिलांचल और दिल्ली के बीच अमृत भारत ट्रेन चलाई जाए, और अगले 2-3 वर्षों में 3-4 अतिरिक्त एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें शुरू की जाएं।

सारांश

  • मोकामा (बिहार) में गंगा नदी पर पुराने सिंगल-ट्रैक पुल के समानांतर बना नया डबल-ट्रैक राजेंद्र सेतु अब चालू है। नया पुल आवाजाही आसान बनाता है और क्षमता बढ़ाता है, जबकि पुराना पुल अलग संरचना के रूप में बना हुआ है।
  • पुराने पुल पर ट्रेन की गति 50 किमी/घंटा थी, जो नए पुल पर बढ़कर 100-110 किमी/घंटा हो गई है। इससे यात्रा का समय काफी घटा है।
  • अगले 2-3 वर्षों में इस रूट पर वंदे भारत समेत 3-4 अतिरिक्त एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की योजना है।
  • नया पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क बेहतर करता है, और पटना, दिल्ली तथा सिमरिया धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान बनाता है।

मुख्य बातें

  • नया डबल-ट्रैक पुल

    मोकामा में गंगा नदी पर पुराने राजेंद्र सेतु के समानांतर बना नया डबल-ट्रैक रेल ब्रिज अब चालू है।

  • गति और क्षमता दोगुनी

    ट्रेन की गति 50 किमी/घंटा से बढ़कर 100-110 किमी/घंटा हुई है, जिससे आउटर सिग्नल पर इंतज़ार खत्म हुआ है और यात्रा का समय घटा है।

  • नए ट्रेन रूट की योजना

    2027 तक पटना होते हुए मिथिलांचल और दिल्ली के बीच अमृत भारत ट्रेन; अगले 2-3 वर्षों में 3-4 अतिरिक्त एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें।

पृष्ठभूमि

मोकामा का पुराना राजेंद्र सेतु गंगा नदी पर बना सिंगल-ट्रैक रेल ब्रिज था। उसकी सिंगल-ट्रैक बनावट और सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की अधिकतम गति 50 किमी/घंटा तक सीमित थी। क्रॉसिंग के लिए ट्रेनों को अक्सर आउटर सिग्नल पर घंटों इंतज़ार करना पड़ता था, जिससे व्यस्त उत्तर-दक्षिण बिहार रूट पर देरी और भीड़ बढ़ती थी।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

नया डबल-ट्रैक पुल ट्रेन की गति 100-110 किमी/घंटा तक ले जाता है और दोनों दिशाओं में बिना रुके आवाजाही संभव बनाता है। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यात्रा का समय घटेगा, पटना और दिल्ली से संपर्क सुधरेगा, और अमृत भारत तथा वंदे भारत जैसी नई ट्रेनों की शुरुआत का रास्ता खुलेगा। इस परियोजना से रोज़ाना सफ़र करने वाले यात्रियों और सिमरिया धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को भी फायदा होगा।

आगे की राह

रेलवे की योजना है कि 2027 तक पटना होते हुए मिथिलांचल और दिल्ली के बीच अमृत भारत ट्रेन चलाई जाए। अगले 2-3 वर्षों में इस रूट पर वंदे भारत समेत 3-4 अतिरिक्त एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के शुरू होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र का संपर्क और मजबूत होगा।

पुराना बनाम नया राजेंद्र सेतु

विशेषतापुराना पुलनया पुल
ट्रैक का प्रकारसिंगल-ट्रैकडबल-ट्रैक
अधिकतम गति50 किमी/घंटा100-110 किमी/घंटा
ट्रेन का इंतज़ारआउटर सिग्नल पर घंटोंइंतज़ार की ज़रूरत नहीं
परिचालन स्थितिअब भी उपयोग मेंअब चालू

बिहार से जुड़ाव

बिहार की इन परीक्षाओं के लिए ज़रूरी:BPSC 9/10BSSC 8/10

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

डबल-ट्रैक रेल लाइन
ऐसी रेल लाइन जिसमें दो समानांतर पटरियाँ होती हैं, जिससे ट्रेनें क्रॉसिंग के लिए रुके बिना एक साथ दोनों दिशाओं में चल सकती हैं। इससे क्षमता और गति दोनों बढ़ती हैं।
अमृत भारत ट्रेन
भारतीय रेलवे द्वारा शुरू की गई सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों की एक श्रेणी, जो आधुनिक सुविधाओं और अधिक गति के साथ लंबी दूरी की यात्रा के लिए बनाई गई है।
राजेंद्र सेतु
बिहार के मोकामा में गंगा नदी पर बना रेल पुल, जो उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ता है। पुराना पुल सिंगल-ट्रैक था; उसके समानांतर नया डबल-ट्रैक पुल बना है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस डेटा पर ध्यान दें: नया राजेंद्र सेतु बिहार के मोकामा में गंगा पर डबल-ट्रैक रेल ब्रिज है; ट्रेन की गति 50 किमी/घंटा से बढ़कर 100-110 किमी/घंटा हुई है।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: रेल मंत्रालय

यह गलती न करें!

परीक्षा में नए डबल-ट्रैक राजेंद्र सेतु को पुराने सिंगल-ट्रैक पुल से मिलाया जा सकता है, या गति की सीमाएँ (50 बनाम 110 किमी/घंटा) आपस में बदली जा सकती हैं। अमृत भारत ट्रेन को वंदे भारत एक्सप्रेस से भी भ्रमित किया जा सकता है।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • रेल बुनियादी ढांचा, डबल-ट्रैकिंग, गंगा नदी के पुल, बिहार की कनेक्टिविटी, अमृत भारत ट्रेन

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    नए राजेंद्र सेतु रेल पुल के निर्माण और संचालन की मुख्य ज़िम्मेदारी किस मंत्रालय की है?

  2. Q2कठिन

    निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.नया राजेंद्र सेतु बिहार के मोकामा में गंगा नदी पर डबल-ट्रैक रेल ब्रिज है।
    2. 2.पुराने राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों की गति 100 किमी/घंटा तक अनुमत थी।
    3. 3.रेलवे की योजना है कि 2027 तक पटना होते हुए मिथिलांचल और दिल्ली के बीच अमृत भारत ट्रेन चलाई जाए।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    नए डबल-ट्रैक राजेंद्र सेतु पर ट्रेन की अधिकतम अनुमत गति कितनी है?

  4. Q4मध्यम

    ट्रेन संचालन के लिए नए डबल-ट्रैक राजेंद्र सेतु का मुख्य लाभ क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. नया राजेंद्र सेतु क्या है?

नया राजेंद्र सेतु बिहार के मोकामा में गंगा नदी पर पुराने सिंगल-ट्रैक राजेंद्र सेतु के समानांतर बना डबल-ट्रैक रेल ब्रिज है, जो अब चालू है।

2. नए पुल पर गति सीमा कितनी है?

नए डबल-ट्रैक पुल पर ट्रेनें 100-110 किमी/घंटा चल सकती हैं, जबकि पुराने सिंगल-ट्रैक पुल पर गति 50 किमी/घंटा थी।

3. इस रूट पर कौन-सी नई ट्रेन प्रस्तावित है?

रेलवे की योजना है कि 2027 तक पटना होते हुए मिथिलांचल और दिल्ली के बीच अमृत भारत ट्रेन चलाई जाए।

4. इस रूट पर कितनी अतिरिक्त ट्रेनें प्रस्तावित हैं?

अगले 2-3 वर्षों में वंदे भारत समेत 3-4 अतिरिक्त एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों की योजना है।

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