राजव्यवस्था

CIC ने रेलवे को RTI जवाब में देरी और जिम्मेदारी टालने पर चेताया

5 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 94 / 124

प्रिलिम्स के लिए: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005, केंद्रीय सूचना आयोग (CIC), सूचना आयुक्त, नोडल निकाय, संबंधित अधिनियम, मौजूदा संदर्भ

मेन्स के लिए: पारदर्शिता, जवाबदेही, RTI अधिनियम 2005, लोक सूचना अधिकारी (PIO), प्रशासनिक समन्वय

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने भारतीय रेलवे को RTI आवेदनों का जवाब देने में देरी और विभागों के बीच प्रशासनिक जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति पर चेतावनी दी है।

सारांश

  • CIC ने RTI जवाबों में देरी और विभागों के बीच प्रशासनिक जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति पर रेलवे को चेताया।
  • यह चेतावनी सहकारी समितियों द्वारा रेलवे की ज़मीन पर कथित अनधिकृत कब्ज़े और दुरुपयोग की शिकायत पर दी गई।
  • सूचना आयुक्त स्वागता दास ने कहा कि आवेदन को बार-बार अलग-अलग विभागों में भेजा गया और यह सुनिश्चित नहीं किया गया कि जानकारी अपीलकर्ता को मिले।

मुख्य बातें

  • रेलवे को CIC की चेतावनी

    CIC ने RTI जवाबों में देरी और विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति पर रेलवे को चेतावनी दी।

  • RTI आवेदन का ब्योरा

    नवंबर 2019 में दायर RTI आवेदन में सहकारी समितियों द्वारा रेलवे की ज़मीन पर अनधिकृत कब्ज़े की शिकायत पर की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया था।

  • विभागीय समन्वय की समस्या

    यह आवेदन रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे, लेखा विभाग, इंजीनियरिंग डिवीजन और कार्मिक शाखा के बीच कई बार भेजा गया।

पृष्ठभूमि

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों से जानकारी मांगने का अधिकार देता है। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) इस अधिनियम के तहत सर्वोच्च अपीलीय निकाय है। RTI जवाबों में देरी और जिम्मेदारी टालना पारदर्शिता और जवाबदेही के उद्देश्य को कमज़ोर करता है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

CIC की चेतावनी रेलवे में सार्वजनिक सूचना संभालने की एक व्यवस्थागत समस्या को सामने लाती है। नवंबर 2019 में दायर इस RTI आवेदन को सात साल में कम से कम पांच विभागों के बीच घुमाया गया, पर उचित जवाब नहीं मिला। इससे रेलवे अधिकारियों के बीच खराब समन्वय और जवाबदेही की कमी दिखती है। आयोग का सख़्त रुख भविष्य की देरी पर रोक लगा सकता है और पारदर्शिता बढ़ा सकता है।

आगे की राह

रेलवे को RTI समन्वय के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करना चाहिए और एक ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करनी चाहिए, ताकि आवेदन अनिश्चित काल तक इधर-उधर न घूमें। CIC बार-बार होने वाली देरी पर RTI अधिनियम की धारा 20 के तहत दंड लगाने पर भी विचार कर सकता है। यह मामला सभी सार्वजनिक प्राधिकरणों के लिए याद दिलाता है कि RTI जवाब 30 दिन की समयसीमा में दें।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005
एक ऐतिहासिक कानून, जो भारतीय नागरिकों को किसी भी सार्वजनिक प्राधिकरण से जानकारी मांगने का अधिकार देता है और शासन में पारदर्शिता व जवाबदेही को बढ़ावा देता है।
केंद्रीय सूचना आयोग (CIC)
RTI अधिनियम, 2005 के तहत सर्वोच्च अपीलीय निकाय, जो सूचना अनुरोधों से जुड़ी शिकायतों पर अनुपालन सुनिश्चित करने और फैसले देने के लिए ज़िम्मेदार है।
सूचना आयुक्त
भारत के राष्ट्रपति द्वारा एक समिति की सिफारिश पर नियुक्त CIC का सदस्य, जो RTI अधिनियम के तहत अपीलों और शिकायतों की सुनवाई करता है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस तथ्य पर ध्यान दें: CIC ने 5 नवंबर 2026 को रेलवे को चेताया।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: केंद्रीय सूचना आयोग (CIC)
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005

यह गलती न करें!

परीक्षार्थी केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को राज्य सूचना आयोग (SIC) से भ्रमित कर सकते हैं। याद रखें: CIC केंद्रीय सरकार के विभागों (जैसे रेलवे) के लिए है, जबकि SIC राज्य सरकार के विभागों को देखते हैं। साथ ही, सूचना आयुक्त (स्वागता दास) को मुख्य सूचना आयुक्त के साथ न मिलाएँ।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • पारदर्शिता, जवाबदेही, RTI अधिनियम 2005, लोक सूचना अधिकारी (PIO), प्रशासनिक समन्वय

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

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  1. Q1आसान

    सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत कौन-सा निकाय सर्वोच्च अपीलीय प्राधिकरण है?

  2. Q2कठिन

    निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने RTI आवेदनों का जवाब देने में देरी के लिए भारतीय रेलवे को चेतावनी दी है।
    2. 2.समाचार में उल्लिखित RTI आवेदन वर्ष 2020 में दायर किया गया था।
    3. 3.CIC ने निर्देश दिया कि RTI आवेदनों का निपटारा अंतर-विभागीय समन्वय से तय समयसीमा में होना चाहिए।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    समाचार में उल्लिखित RTI आवेदन किस वर्ष दायर किया गया था?

  4. Q4मध्यम

    रेलवे को CIC की चेतावनी से उभरकर आने वाला RTI अधिनियम, 2005 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. केंद्रीय सूचना आयोग ने रेलवे को किस बात पर चेताया?

CIC ने रेलवे को RTI आवेदनों का जवाब देने में देरी और विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति पर चेताया।

2. मामले की सुनवाई करने वाले सूचना आयुक्त कौन हैं?

सूचना आयुक्त स्वागता दास ने मामले की सुनवाई की और रेलवे को चेतावनी जारी की।

3. RTI आवेदन किस विषय पर था?

नवंबर 2019 में दायर RTI आवेदन में सहकारी समितियों द्वारा रेलवे की ज़मीन पर अनधिकृत कब्ज़े की शिकायत पर की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया था।

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