विज्ञान एवं तकनीक

IIT गुवाहाटी ने भारतीय सड़कों पर जाम का अनुमान लगाने के लिए ड्रोन और AI आधारित 8 मॉडल विकसित किए

5 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 98 / 124

प्रिलिम्स के लिए: मशीन लर्निंग (ML), ड्रोन (मानवरहित हवाई वाहन - UAV), ट्रैफिक जाम, कुल विकसित मॉडल, अध्ययन किए गए वाहन, विश्लेषित वाहन आवाजाही, डेटा संग्रह की विधि, नोडल निकाय

मेन्स के लिए: ड्रोन आधारित ट्रैफिक निगरानी, शहरी शासन के लिए AI, भारत में मिश्रित ट्रैफिक स्थितियां

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

IIT गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने ड्रोन फुटेज और AI की मदद से भारतीय सड़कों पर जाम का अनुमान लगाने वाले आठ मॉडल विकसित किए हैं: छह गणितीय और दो मशीन लर्निंग। ये मॉडल दिल्ली के एक हाईवे के 36,000 से अधिक वाहनों और 90 लाख आवाजाही आंकड़ों पर प्रशिक्षित किए गए हैं। इन्हें भारत की मिश्रित ट्रैफिक स्थितियों के लिए बनाया गया है, और ये जाम का पूर्वानुमान लगाने, ट्रैफिक पुलिस की मदद करने और सड़क डिज़ाइन सुधारने में काम आ सकते हैं।

सारांश

  • IIT गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने दिल्ली के एक हाईवे के ड्रोन वीडियो डेटा की मदद से आठ ट्रैफिक पूर्वानुमान मॉडल विकसित किए: छह गणितीय और दो मशीन लर्निंग/AI।
  • अध्ययन में भारत की मिश्रित ट्रैफिक व्यवस्था को समझने के लिए 36,000 से अधिक वाहनों और 90 लाख (9 मिलियन) वाहन-आवाजाही का विश्लेषण किया गया।
  • ये मॉडल यह अनुमान लगा सकते हैं कि जाम कहां और कब बन सकता है, जिससे ट्रैफिक पुलिस, सड़क डिज़ाइन और आपातकालीन वाहनों के मार्ग तय करने में मदद मिलती है।

मुख्य बातें

  • ड्रोन से डेटा संग्रह

    शोधकर्ताओं ने दिल्ली के एक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रिकॉर्ड करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया और 36,000 से अधिक वाहनों तथा 9 मिलियन आवाजाही बिंदुओं का डेटा जुटाया।

  • AI और गणितीय मॉडल

    भारतीय सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार और जाम के पैटर्न का अनुमान लगाने के लिए छह गणितीय और दो मशीन लर्निंग मॉडल बनाए गए।

  • भारत-विशिष्ट ट्रैफिक मॉडल

    दूसरे देशों के मॉडलों से अलग, ये मॉडल भारत की मिश्रित ट्रैफिक स्थितियों के लिए बने हैं, जहां एक ही सड़क पर बाइक, स्कूटर, ऑटो, कार और बस जैसे अलग-अलग वाहन चलते हैं।

पृष्ठभूमि

भारत में ट्रैफिक जाम एक बड़ी शहरी चुनौती है, जिससे आर्थिक नुकसान, ईंधन की बर्बादी और प्रदूषण बढ़ता है। मौजूदा ट्रैफिक मॉडल अक्सर उन विकसित देशों की सड़कों पर आधारित होते हैं जहां वाहन अधिक एकरूप ढंग से चलते हैं। भारत की सड़कों पर अलग-अलग प्रकार के वाहन, रफ्तार और ड्राइविंग व्यवहार एक साथ होते हैं, इसलिए पूर्वानुमान लगाना कठिन होता है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

IIT गुवाहाटी के मॉडल ड्रोन से जुटाए गए भारत के वास्तविक ट्रैफिक डेटा पर आधारित हैं, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों में ये अधिक सटीक हो सकते हैं। AI मॉडल पुराने आंकड़ों से सीखकर जाम का पूर्वानुमान लगा सकते हैं, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन पहले से सक्रिय हो सकता है। इससे ट्रैफिक पुलिस संसाधनों की तैनाती, सिग्नल के समय का बेहतर इस्तेमाल और आपातकालीन वाहनों की पहुंच सुधारने में मदद मिल सकती है, और यात्रा का समय व ईंधन की खपत घट सकती है।

आगे की राह

इन मॉडलों को भारत के अलग-अलग शहरों की और सड़कों पर परखना होगा और मौजूदा ट्रैफिक प्रबंधन प्रणालियों से जोड़ना होगा। ट्रैफिक कैमरों और सेंसरों से रियल-टाइम डेटा जुड़ने पर इसे राष्ट्रीय ट्रैफिक पूर्वानुमान प्रणाली का रूप दिया जा सकता है। आगे के शोध में सड़क के प्रकार, मौसम और त्योहारों के मौसम के लिए मॉडलों को और बेहतर बनाया जा सकता है।

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

मशीन लर्निंग (ML)
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की एक शाखा, जिसमें एल्गोरिद्म डेटा से पैटर्न सीखते हैं और बिना स्पष्ट प्रोग्रामिंग के पूर्वानुमान या निर्णय ले सकते हैं।
ड्रोन (मानवरहित हवाई वाहन - UAV)
बिना मानव पायलट के उड़ने वाला विमान, जिसे दूर से या स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जाता है और जिसका इस्तेमाल निगरानी, डेटा संग्रह और डिलीवरी में होता है।
ट्रैफिक जाम
सड़क नेटवर्क की वह स्थिति जब वाहनों की संख्या क्षमता से अधिक हो जाती है, जिससे रफ्तार घटती है, यात्रा में अधिक समय लगता है और कतारें लगती हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस डेटा पर ध्यान दें: IIT गुवाहाटी ने 8 मॉडल (6 गणितीय + 2 ML) विकसित किए; 36,000+ वाहनों और 90 लाख आवाजाही का अध्ययन किया गया।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी (IIT Guwahati)।

यह गलती न करें!

परीक्षक विकसित मॉडलों की कुल संख्या (8) पूछ सकते हैं और 6+2 के विभाजन को गलत बता सकते हैं, या 36,000 वाहनों की संख्या को 90 लाख आवाजाही से बदल सकते हैं। वे यह भी कह सकते हैं कि मॉडल IIT गुवाहाटी की जगह IIT दिल्ली या IIT कानपुर ने बनाए, ताकि विकल्प भ्रमित करें।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • ड्रोन आधारित ट्रैफिक निगरानी, शहरी शासन के लिए AI, भारत में मिश्रित ट्रैफिक स्थितियां

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    किस भारतीय संस्थान ने ड्रोन और AI की मदद से नए ट्रैफिक पूर्वानुमान मॉडल विकसित किए?

  2. Q2कठिन

    IIT गुवाहाटी द्वारा विकसित ट्रैफिक पूर्वानुमान मॉडलों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.ये मॉडल दिल्ली के पास एक हाईवे पर उड़ाए गए ड्रोन से जुटाए गए डेटा पर आधारित हैं।
    2. 2.कुल आठ मॉडल विकसित किए गए, जिनमें छह मशीन लर्निंग मॉडल थे।
    3. 3.ये मॉडल विशेष रूप से भारत की मिश्रित ट्रैफिक स्थितियों के लिए बनाए गए हैं।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    IIT गुवाहाटी के शोधकर्ताओं ने ट्रैफिक पूर्वानुमान मॉडल विकसित करने के लिए कितनी वाहन आवाजाही का विश्लेषण किया?

  4. Q4मध्यम

    IIT गुवाहाटी द्वारा विकसित ट्रैफिक पूर्वानुमान मॉडलों का मौजूदा मॉडलों की तुलना में मुख्य लाभ क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ड्रोन और AI की मदद से नए ट्रैफिक पूर्वानुमान मॉडल किसने विकसित किए?

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी (IIT Guwahati) के शोधकर्ताओं ने ये मॉडल विकसित किए।

2. कितने मॉडल विकसित किए गए और वे किस पर आधारित हैं?

आठ मॉडल विकसित किए गए: छह गणितीय और दो मशीन लर्निंग (AI) मॉडल, जो दिल्ली के पास एक हाईवे के ड्रोन वीडियो फुटेज पर आधारित हैं।

3. इन मॉडलों को प्रशिक्षित करने के लिए कितना डेटा इस्तेमाल किया गया?

अध्ययन में 36,000 से अधिक वाहनों और लगभग 90 लाख (9 मिलियन) वाहन आवाजाही का विश्लेषण किया गया।

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