प्रिलिम्स के लिए: अनुदान, कृषि यंत्रीकरण, गन्ना (सैकरम ऑफिसिनारम), पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समिति), एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन), योजना का नाम, कार्यान्वयन विभाग, सामान्य श्रेणी के लिए अनुदान
मेन्स के लिए: कृषि यंत्रीकरण, विभेदक अनुदान, सामूहिक खेती मॉडल (मशीनरी बैंक), लाभार्थी चयन में पारदर्शिता
स्रोत:Dainik Bhaskar
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- बिहार की गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 कृषि यंत्रों पर 40-50% अनुदान प्रदान करती है।
- सामान्य श्रेणी के किसानों को 40% अनुदान; SC/ST और पिछड़ा वर्ग को 50% अनुदान मिलता है।
- मशीनरी बैंकों को 80% तक अनुदान, अधिकतम ₹8 लाख।
- रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से 2,562 किसानों का चयन किया गया है।
- आवेदन की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 है, sugarcanemech.bihar.gov.in पर।
चर्चा में क्यों?
बिहार के गन्ना विभाग ने गन्ने की खेती को आधुनिक बनाने के लिए गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 शुरू की है। यह श्रम, समय और लागत को कम करने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों पर 40-50% अनुदान प्रदान करती है। अब तक रैंडमाइजेशन के माध्यम से 2,562 किसानों का चयन किया गया है।
सारांश
- बिहार की गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 का उद्देश्य आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान देकर गन्ने की खेती का आधुनिकीकरण करना है।
- सामान्य श्रेणी के किसानों को 40% तक और SC/ST तथा पिछड़ा वर्ग के किसानों को 50% तक अनुदान मिलता है।
- पैक्स, जीविका समूह, एफपीओ, पंजीकृत एग्रीटेक कंपनियां और लाइसेंसधारी गुड़ उद्यमी मशीनरी बैंक स्थापित कर सकते हैं, जिस पर 80% तक (अधिकतम ₹8 लाख) अनुदान मिलेगा।
- एक किसान योजना के तहत प्रति वित्तीय वर्ष अधिकतम 3 मशीनों पर अनुदान का दावा कर सकता है।
मुख्य बातें
कृषि यंत्रों पर अनुदान
बिहार की गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 गन्ना किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों पर 40-50% अनुदान प्रदान करती है।
किसानों का रैंडम चयन
रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से 2,562 किसानों का चयन किया गया है और उन्हें मशीनरी खरीदने के लिए परमिट जारी किए गए हैं।
समूहों के लिए मशीनरी बैंक
किसान समूह, पैक्स और एफपीओ 80% तक (अधिकतम ₹8 लाख) अनुदान के साथ मशीनरी बैंक स्थापित कर सकते हैं।
पृष्ठभूमि
गन्ना बिहार की एक प्रमुख नकदी फसल है, लेकिन पारंपरिक खेती के तरीकों से श्रम लागत अधिक और उत्पादकता कम होती है। राज्य सरकार दक्षता और किसानों की आय में सुधार के लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दे रही है। गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 इसी प्रयास की निरंतरता है, जो वित्तीय वर्ष 2026-27 को लक्षित करती है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
यह योजना मशीनरी पर अनुदान देकर खेती की उच्च लागत को सीधे संबोधित करती है। विभेदक अनुदान (सामान्य के लिए 40%, SC/ST/पिछड़ा वर्ग के लिए 50%) का उद्देश्य सीमांत किसानों को अधिक लाभ पहुंचाना है। मशीनरी बैंकों का प्रावधान सामूहिक स्वामित्व की अनुमति देता है, जिससे व्यक्तिगत पूंजी का बोझ कम होता है। रैंडमाइजेशन प्रक्रिया लाभार्थी चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।
आगे की राह
योजना की सफलता 28 नवंबर 2026 की समय सीमा तक किसानों द्वारा समय पर खरीद और मशीनरी के उपयोग की प्रभावी निगरानी पर निर्भर करती है। यदि पायलट सफल होता है तो राज्य बाद के वर्षों में अधिक किसानों को कवर करने के लिए योजना का विस्तार कर सकता है। मशीनरी बैंक मॉडल को अन्य फसलों के लिए भी दोहराया जा सकता है।
बिहार से जुड़ाव
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- अनुदान
- वस्तुओं या सेवाओं की लागत को कम करने के लिए सरकार द्वारा दिया गया वित्तीय योगदान, जिसका उद्देश्य किसी विशिष्ट गतिविधि को बढ़ावा देना या किसी लक्षित समूह का समर्थन करना है।
- कृषि यंत्रीकरण
- कृषि कार्यों को करने के लिए आधुनिक मशीनरी और उपकरणों का उपयोग, उत्पादकता बढ़ाने के लिए पारंपरिक मैनुअल और पशु-आधारित तरीकों की जगह लेना।
- गन्ना (सैकरम ऑफिसिनारम)
- उच्च चीनी सामग्री के लिए खेती की जाने वाली एक उष्णकटिबंधीय घास। यह भारत में एक प्रमुख नकदी फसल है, जिसका उपयोग चीनी, गुड़ और इथेनॉल के उत्पादन के लिए किया जाता है।
- पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समिति)
- गांव स्तर पर एक बुनियादी सहकारी ऋण संस्था जो किसानों को अल्पकालिक ऋण और अन्य सेवाएं प्रदान करती है।
- एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन)
- किसानों का एक समूह जो अपनी सौदेबाजी की शक्ति में सुधार, बाजारों तक पहुंच और एकत्रीकरण के माध्यम से इनपुट लागत को कम करने के लिए बनाया गया है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।
परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- डेटा: सामान्य के लिए 40% अनुदान, SC/ST/पिछड़ा वर्ग के लिए 50%; मशीनरी बैंकों के लिए 80% अनुदान (अधिकतम ₹8 लाख); 2,562 किसानों का चयन
- नोडल निकाय: गन्ना विभाग, बिहार
यह गलती न करें!
वे अनुदान प्रतिशत को बदल सकते हैं (उदाहरण के लिए, सामान्य के लिए 50% और SC/ST के लिए 40% का दावा) या प्रति किसान मशीनों की अधिकतम संख्या (प्रति वित्तीय वर्ष 3) को भ्रमित कर सकते हैं। वे आवेदन की अंतिम तिथि (25 नवंबर) को खरीद की अंतिम तिथि (28 नवंबर) के साथ भी भ्रमित कर सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- कृषि यंत्रीकरण, विभेदक अनुदान, सामूहिक खेती मॉडल (मशीनरी बैंक), लाभार्थी चयन में पारदर्शिता
कहीं अटके? एक टैप में समझें
बिहार सरकार के पास गन्ना किसानों को ट्रैक्टर और हार्वेस्टर जैसी आधुनिक मशीनें खरीदने में मदद करने की एक योजना है। किसानों को मशीन की कीमत पर 40% से 50% की छूट मिलती है। किसानों के समूह मशीनरी बैंक शुरू कर सकते हैं और 80% तक, अधिकतम ₹8 लाख की छूट प्राप्त कर सकते हैं। किसान 25 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- बिहार की गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 कृषि यंत्रों पर 40-50% अनुदान प्रदान करती है।
- सामान्य श्रेणी के किसानों को 40% अनुदान; SC/ST और पिछड़ा वर्ग को 50% अनुदान मिलता है।
- मशीनरी बैंकों को 80% तक अनुदान, अधिकतम ₹8 लाख।
- रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से 2,562 किसानों का चयन किया गया है।
- आवेदन की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 है, sugarcanemech.bihar.gov.in पर।
- कृषि: कृषि यंत्रीकरण और अनुदान
- अर्थव्यवस्था: कृषि के लिए सरकारी योजनाएं
जुड़ी अवधारणाएँ: अनुदान, कृषि यंत्रीकरण, गन्ना (सैकरम ऑफिसिनारम), पैक्स (प्राथमिक कृषि ऋण समिति)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
बिहार सरकार का कौन सा विभाग गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 लागू कर रहा है?
व्याख्या: गन्ना विभाग ने यह योजना शुरू की है। कृषि विभाग व्यापक कृषि नीतियों को संभालता है, जबकि गन्ना विभाग गन्ना से संबंधित पहलों में विशेषज्ञता रखता है।
- Q2कठिन
गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.यह योजना किसानों की सभी श्रेणियों को कृषि यंत्रों पर एक समान 50% अनुदान प्रदान करती है।
- 2.किसान इस योजना के तहत प्रति वित्तीय वर्ष अधिकतम तीन मशीनों पर अनुदान का दावा कर सकते हैं।
- 3.पैक्स और एफपीओ 80% तक अनुदान के साथ मशीनरी बैंक स्थापित कर सकते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है क्योंकि अनुदान एक समान नहीं है: सामान्य श्रेणी को 40% जबकि SC/ST और पिछड़ा वर्ग को 50% मिलता है। कथन 2 सही है: एक किसान प्रति वित्तीय वर्ष अधिकतम तीन मशीनों पर अनुदान का दावा कर सकता है। कथन 3 सही है: पैक्स, एफपीओ और अन्य समूह 80% तक अनुदान के साथ मशीनरी बैंक स्थापित कर सकते हैं।
- Q3मध्यम
गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
व्याख्या: इच्छुक किसान 25 नवंबर 2026 तक विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। 28 नवंबर की समय सीमा परमिट प्राप्त करने के बाद मशीनरी खरीदने के लिए है, आवेदन करने के लिए नहीं।
- Q4मध्यम
गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 के तहत मशीनरी बैंक शुरू करने का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: मशीनरी बैंक पैक्स, एफपीओ और किसान समूहों जैसे समूहों को उच्च अनुदान (80%) के साथ महंगी मशीनरी सामूहिक रूप से खरीदने और उसके उपयोग को साझा करने की अनुमति देते हैं। इससे व्यक्तिगत किसानों पर वित्तीय बोझ कम होता है। रोजगार सृजन एक दुष्प्रभाव है, प्राथमिक उद्देश्य नहीं। निर्यात प्रोत्साहन और राजस्व सृजन इस अनुदान योजना के लक्ष्य नहीं हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. बिहार में गन्ना यंत्रीकरण योजना 2026-27 क्या है?
यह बिहार गन्ना विभाग की एक योजना है जो गन्ना किसानों को आधुनिक कृषि मशीनरी पर 40-50% अनुदान प्रदान करती है।
2. योजना के तहत कितना अनुदान उपलब्ध है?
सामान्य श्रेणी के किसानों को 40% तक अनुदान मिलता है, जबकि SC/ST और पिछड़ा वर्ग के किसानों को 50% तक अनुदान मिलता है। मशीनरी बैंकों को 80% तक अनुदान मिलता है।
3. अब तक कितने किसानों का चयन किया गया है?
रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से 2,562 किसानों का चयन किया गया है और उन्हें परमिट जारी किए गए हैं।
4. योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है?
किसान 25 नवंबर 2026 तक sugarcanemech.bihar.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
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मूल खबर7 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

