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झारखंड: ₹25 करोड़ की मशीन से रांची सदर अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी शुरू होगी

8 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 38 / 39

प्रिलिम्स के लिए: रोबोटिक सर्जरी, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, कैबिनेट मंज़ूरी, अस्पताल, मशीन की लागत, शुरू होने का लक्ष्य समय, घोषणा किसने की, वर्तमान स्थिति

मेन्स के लिए: रोबोटिक सर्जरी, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा, राज्य सरकार की पहल, गरीबों के लिए खर्च में राहत

स्रोत:Dainik BhaskarDainik Bhaskar

चर्चा में क्यों?

झारखंड के रांची सदर अस्पताल में ₹25 करोड़ की मशीन से रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलेगी। प्रस्ताव अभी वित्त विभाग के पास है और कैबिनेट की मंज़ूरी बाकी है। लक्ष्य है कि छह महीने में सेवा शुरू हो, ताकि मरीजों को निजी अस्पतालों या राज्य से बाहर जाने की ज़रूरत कम पड़े।

सारांश

  • रांची सदर अस्पताल ₹25 करोड़ की मशीन से रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की योजना बना रहा है। लक्ष्य है कि कैबिनेट की मंज़ूरी मिलने के छह महीने के भीतर इसकी शुरुआत हो।
  • इस सुविधा का उद्देश्य जटिल सर्जरी के लिए मरीजों की महंगे निजी अस्पतालों और राज्य से बाहर के बड़े चिकित्सा केंद्रों पर निर्भरता कम करना है।
  • झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव में राज्य के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की घोषणा की थी।

मुख्य बातें

  • नई रोबोटिक सर्जरी सुविधा

    रांची सदर अस्पताल को ₹25 करोड़ की रोबोटिक सर्जरी मशीन मिलेगी, जिसके संचालन की शुरुआत कैबिनेट मंज़ूरी के बाद छह महीने के भीतर लक्ष्य है।

  • मरीजों के लिए खर्च में राहत

    इस सरकारी सुविधा से गरीब मरीजों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ घटने की उम्मीद है, जो अभी रोबोटिक सर्जरी के लिए महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर हैं।

  • राज्य के स्वास्थ्य ढांचे का उन्नयन

    यह झारखंड की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जानी है, और इसकी शुरुआत रांची से होगी।

पृष्ठभूमि

रांची सदर अस्पताल में अभी सामान्य, लेप्रोस्कोपिक, गायनेकोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के ऑपरेशन होते हैं, जिनमें ब्रेन ट्यूमर जैसी जटिल सर्जरी भी शामिल है। लेकिन रोबोटिक सर्जरी, जिसमें अधिक सटीकता, छोटे चीरे और तेज़ रिकवरी मिलती है, झारखंड के किसी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। ऐसी सर्जरी की ज़रूरत वाले मरीजों को अक्सर भारी खर्च उठाकर निजी अस्पतालों या राज्य से बाहर के चिकित्सा केंद्रों में जाना पड़ता है।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

किसी सरकारी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी शुरू होना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों तक उन्नत स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसमें सर्जन कंसोल के ज़रिए रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करता है, जिससे सूक्ष्म गतिविधियां और सटीकता संभव होती है। इसके फायदों में छोटे चीरे, कम दर्द और खून बहना, अस्पताल में कम समय तक रुकना और सामान्य दिनचर्या में जल्दी लौटना शामिल हैं। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने की राज्य सरकार की प्राथमिकता से मेल खाता है।

आगे की राह

प्रस्ताव को पहले कैबिनेट की मंज़ूरी मिलनी होगी। उसके बाद मशीन खरीदी और स्थापित की जाएगी, और चिकित्सा कर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। सिविल सर्जन ने संचालन शुरू करने के लिए छह महीने का लक्ष्य रखा है। रांची में सफलता मिलने पर झारखंड के अन्य ज़िला अस्पतालों तक इसका विस्तार हो सकता है, जैसा स्वास्थ्य मंत्री की व्यापक घोषणा से संकेत मिलता है।

झारखंड से जुड़ाव

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पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

रोबोटिक सर्जरी
न्यूनतम आक्रामक सर्जरी का एक प्रकार, जिसमें सर्जन कंसोल से रोबोटिक भुजाओं को नियंत्रित करता है, जिन पर सर्जिकल उपकरण लगे होते हैं। इससे पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक सटीकता और नियंत्रण मिलता है।
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
न्यूनतम आक्रामक सर्जिकल तकनीक, जिसमें कैमरे (लेप्रोस्कोप) और लंबे, पतले उपकरणों की मदद से छोटे चीरों के ज़रिए ऑपरेशन किया जाता है। इसे अक्सर की-होल सर्जरी भी कहते हैं।
कैबिनेट मंज़ूरी
राज्य सरकार में एक तय सीमा से ऊपर के बड़े वित्तीय फैसलों के लिए राज्य कैबिनेट की मंज़ूरी ज़रूरी होती है। कैबिनेट मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रियों का समूह है।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस तथ्य पर ध्यान दें: रांची सदर अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी मशीन की लागत ₹25 करोड़ है।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: झारखंड स्वास्थ्य विभाग / झारखंड का स्वास्थ्य मंत्रालय।

यह गलती न करें!

प्रश्न में मशीन की 'लागत' या शुरू होने का 'लक्ष्य समय' पूछा जा सकता है। लागत ₹25 करोड़ है, ₹25 लाख या ₹2.5 करोड़ नहीं। लक्ष्य 'कैबिनेट मंज़ूरी के 6 महीने के भीतर' है, 'समाचार की तारीख से 6 महीने' नहीं।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • रोबोटिक सर्जरी, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच, सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा, राज्य सरकार की पहल, गरीबों के लिए खर्च में राहत

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    झारखंड का कौन-सा अस्पताल ₹25 करोड़ की मशीन से रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की योजना बना रहा है?

  2. Q2कठिन

    रांची सदर अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.रोबोटिक सर्जरी मशीन की लागत ₹25 करोड़ है।
    2. 2.प्रस्ताव को कैबिनेट की मंज़ूरी मिल चुकी है।
    3. 3.इस सुविधा का उद्देश्य मरीजों को निजी अस्पतालों या राज्य से बाहर जाने से बचाना है।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    रांची सदर अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी सुविधा कब तक शुरू करने का लक्ष्य है?

  4. Q4मध्यम

    झारखंड के सरकारी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी शुरू होने से मुख्य रूप से क्या लाभ अपेक्षित है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. झारखंड के किस अस्पताल को रोबोटिक सर्जरी मशीन मिलने वाली है?

रांची सदर अस्पताल को ₹25 करोड़ की रोबोटिक सर्जरी मशीन मिलने वाली है।

2. रांची सदर अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी सुविधा कब तक शुरू होने की उम्मीद है?

लक्ष्य है कि कैबिनेट मंज़ूरी मिलने के छह महीने के भीतर सुविधा शुरू हो।

3. झारखंड के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की योजना की घोषणा किसने की?

झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने डिजिटल हेल्थ कॉन्क्लेव में यह योजना घोषित की।

सभी स्रोत

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