राजव्यवस्था

बॉम्बे उच्च न्यायालय: पंजीकृत मतदाताओं को पता बदलने के लिए फॉर्म-6 भरने पर मजबूर नहीं किया जा सकता, केवल फॉर्म-8 वैध

7 नवंबर 20262 मिनट1 स्रोत4 प्रश्नखबर 13 / 23

प्रिलिम्स के लिए: फॉर्म-6, फॉर्म-8, धारा 31, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, मतदाता पंजीकरण नियम, 1960, न्यायालय, कानूनी प्रावधान, पता बदलने का फॉर्म, नए पंजीकरण का फॉर्म

मेन्स के लिए: मतदाता अधिकार, मतदाता सूची की शुद्धता, चुनाव प्रशासन पर न्यायिक निगरानी, प्रशासनिक सुविधा बनाम कानूनी प्रावधान

स्रोत:HindustanHindustan

चर्चा में क्यों?

बॉम्बे उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने फैसला दिया कि पंजीकृत मतदाता अगर आवास बदलता है, तो उसे फॉर्म-6 (नया पंजीकरण) या पहले से भरा हुआ एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। पते में बदलाव का कानूनी तरीका केवल फॉर्म-8 है। फॉर्म-6 भरवाने से मतदाता को झूठी घोषणा करनी पड़ती है, और इससे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत अभियोजन का खतरा पैदा होता है।

सारांश

  • बॉम्बे उच्च न्यायालय (गोवा पीठ) ने फैसला दिया कि पता बदलने वाले पंजीकृत मतदाता को फॉर्म-6 भरने के लिए नहीं कहा जा सकता; मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत केवल फॉर्म-8 ही कानूनी फॉर्म है।
  • पंजीकृत मतदाता से फॉर्म-6 भरवाना उससे यह झूठी घोषणा करवाने जैसा है कि उसका नाम पहले कभी किसी मतदाता सूची में नहीं था, और इससे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत अभियोजन का खतरा पैदा होता है।
  • सांताक्रूज विधानसभा क्षेत्र में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के बाद सालगांवकर परिवार के छह सदस्यों को उस क्षेत्र से हटा दिया गया था। कोर्ट ने उन्हें अंतिम मतदाता सूची में बहाल करने का आदेश दिया।

मुख्य बातें

  • पता अपडेट के लिए केवल फॉर्म-8

    बॉम्बे उच्च न्यायालय ने फैसला दिया कि मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत आवास बदलने वाले पंजीकृत मतदाता को फॉर्म-6 नहीं, फॉर्म-8 का इस्तेमाल करना होगा।

  • जबरन झूठी घोषणा नहीं

    पंजीकृत मतदाता से फॉर्म-6 जमा करवाना उससे यह झूठी घोषणा करवाता है कि उसका नाम पहले कभी किसी सूची में नहीं था, जिससे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत अभियोजन का खतरा हो सकता है।

  • नाम तुरंत बहाल

    कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को आदेश दिया कि सालगांवकर परिवार के छह सदस्यों को सांताक्रूज क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में तुरंत बहाल किया जाए।

पृष्ठभूमि

मामला तब शुरू हुआ जब गोवा के सांताक्रूज विधानसभा क्षेत्र में सालगांवकर परिवार के छह सदस्य एक पते से दूसरे पते पर चले गए। स्थानीय चुनाव अधिकारियों ने उनका फॉर्म-8 (पता बदलने का फॉर्म) स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उनसे फॉर्म-6 (नए मतदाता पंजीकरण का फॉर्म) या पुराने पते की पुष्टि करने वाला पहले से भरा एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने को कहा। परिवार बॉम्बे उच्च न्यायालय पहुंचा।

प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव

उच्च न्यायालय ने कहा कि मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत पंजीकृत मतदाता के आवासीय पते को अपडेट करने का एकमात्र कानूनी माध्यम फॉर्म-8 है। फॉर्म-6 भरवाने से मतदाता को यह घोषित करना पड़ता है कि उसका पंजीकरण पहले कभी नहीं हुआ था, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है। ऐसे झूठे लिखित बयान पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कारावास या जुर्माने का अभियोजन हो सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासनिक सुविधा या सॉफ्टवेयर की सीमाएं कानूनी प्रावधानों की जगह नहीं ले सकतीं।

आगे की राह

यह फैसला मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संचालन के लिए देशभर में एक कानूनी मिसाल होगा। चुनाव अधिकारियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि पंजीकृत मतदाताओं से पता बदलने के लिए फॉर्म-6 न मांगा जाए। इस फैसले से यह सिद्धांत पुष्ट होता है कि प्रशासनिक सुविधा के लिए नागरिकों को झूठी घोषणा करने पर मजबूर नहीं किया जा सकता।

मतदाता फॉर्म: उद्देश्य और उपयोग

फॉर्मउद्देश्यउपयोगकर्ता
फॉर्म-6पहली बार मतदाता पंजीकरणनया मतदाता
फॉर्म-8पता बदलना / सुधारपंजीकृत मतदाता

पृष्ठभूमि GK

इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं

फॉर्म-6
मतदाता सूची में किसी व्यक्ति का नाम पहली बार दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल होने वाला फॉर्म।
फॉर्म-8
पंजीकृत मतदाता द्वारा मतदाता सूची में अपना आवासीय पता अपडेट या सुधारने के लिए इस्तेमाल होने वाला फॉर्म।
धारा 31, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950
मतदाता सूची से जुड़े मामलों में जानबूझकर झूठा बयान या घोषणा करने वाले व्यक्ति को कारावास या जुर्माने की सज़ा देने का प्रावधान।
मतदाता पंजीकरण नियम, 1960
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत बने नियम, जो मतदाता सूची तैयार करने और उसके पुनरीक्षण के लिए फॉर्म और प्रक्रिया तय करते हैं।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य

पहले स्वयं उत्तर सोचें, फिर उत्तर देखने के लिए कार्ड पर क्लिक करें।

परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा

  • इस तथ्य पर ध्यान दें: फॉर्म-8 पंजीकृत मतदाता के पता बदलने का कानूनी फॉर्म है; फॉर्म-6 नए पंजीकरण के लिए है।
  • इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: धारा 31, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (मतदाता सूची के मामलों में झूठी घोषणा पर दंड)।
  • इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: भारत निर्वाचन आयोग (ECI)।

यह गलती न करें!

परीक्षक फॉर्म-6 और फॉर्म-8 का उद्देश्य आपस में बदलकर पूछ सकता है कि पता बदलने के लिए कौन-सा फॉर्म है। याद रखें: फॉर्म-8 पता अपडेट के लिए है; फॉर्म-6 नए पंजीकरण के लिए।

मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु

  • मतदाता अधिकार, मतदाता सूची की शुद्धता, चुनाव प्रशासन पर न्यायिक निगरानी, प्रशासनिक सुविधा बनाम कानूनी प्रावधान

कहीं अटके? एक टैप में समझें

अभ्यास प्रश्न

उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।

  1. Q1आसान

    भारत में चुनाव संचालन और मतदाता सूची तैयार करने के लिए मुख्य रूप से कौन-सा निकाय ज़िम्मेदार है?

  2. Q2कठिन

    बॉम्बे उच्च न्यायालय के मतदाता फॉर्मों से जुड़े फैसले के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

    1. 1.पता बदलने वाले पंजीकृत मतदाता को पता अपडेट करने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल करना होगा।
    2. 2.पंजीकृत मतदाता से फॉर्म-6 भरवाने पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत अभियोजन हो सकता है।
    3. 3.मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 पंजीकृत मतदाता द्वारा पता बदलने के लिए फॉर्म-8 निर्धारित करते हैं।

    ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  3. Q3मध्यम

    बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार, पंजीकृत मतदाता को मतदाता सूची में अपना आवासीय पता अपडेट करने के लिए कौन-सा फॉर्म इस्तेमाल करना होगा?

  4. Q4मध्यम

    इस फैसले में बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित मुख्य कानूनी सिद्धांत क्या है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बॉम्बे उच्च न्यायालय ने फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के बारे में क्या फैसला दिया?

कोर्ट ने फैसला दिया कि पता बदलने वाले पंजीकृत मतदाता को फॉर्म-8 का इस्तेमाल करना होगा, फॉर्म-6 का नहीं। फॉर्म-6 भरवाने से झूठी घोषणा होती है और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत अभियोजन का खतरा रहता है।

2. इस फैसले का मामला किस परिवार से जुड़ा था?

गोवा के सालगांवकर परिवार ने याचिका दायर की, जिसके छह सदस्यों के नाम क्षेत्र के भीतर स्थानांतरण के बाद सांताक्रूज विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची से हटा दिए गए थे।

3. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत क्या दंड है?

धारा 31 मतदाता सूची के मामलों से जुड़ा झूठा लिखित बयान या घोषणा देने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए कारावास या जुर्माने का प्रावधान करती है।

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