प्रिलिम्स के लिए: कोयला गैसीकरण, सिनगैस (कृत्रिम गैस), आयात विकल्प, संभावित विदेशी मुद्रा बचत, प्रतिबद्ध वित्तीय प्रोत्साहन, तकनीक, नोडल मंत्रालय, वर्तमान संदर्भ
मेन्स के लिए: आयात विकल्प, ऊर्जा सुरक्षा, कोयला गैसीकरण, औद्योगिक विविधीकरण, विदेशी मुद्रा बचत
स्रोत:
Hindustan
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- कोयला गैसीकरण में कोयले को कृत्रिम गैस (सिनगैस) में बदला जाता है।
- कोयला गैसीकरण से 5-7 वर्षों में भारत ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।
- सरकार ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए ₹46,000 करोड़ के प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता जताई।
- कोयला मंत्रालय कोयला गैसीकरण के लिए नोडल मंत्रालय है।
- कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन में यह घोषणा की।
चर्चा में क्यों?
भारत का कोयला गैसीकरण अभियान आयातित उत्पादों की जगह देश में बनी सिनगैस से उत्पादन का लक्ष्य रखता है, जिससे 5-7 वर्षों में ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत संभव है। इन परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने दो योजनाओं के तहत ₹46,000 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता जताई है। इस तरह कोयला गैसीकरण को औद्योगिक विविधीकरण और आयात विकल्प के साधन के रूप में देखा जा रहा है।
सारांश
- कोयला गैसीकरण में कोयले को सिनगैस (कृत्रिम गैस) में बदला जाता है, जिससे ऐसे कई उत्पाद बनाए जा सकते हैं जिन्हें भारत फिलहाल बड़ी मात्रा में आयात करता है।
- कोयला मंत्रालय ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दो योजनाओं के तहत ₹46,000 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता जताई है।
- इन परियोजनाओं का बड़े पैमाने पर सफल विकास हुआ, तो अगले 5-7 वर्षों में भारत को लगभग ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत हो सकती है।
मुख्य बातें
विदेशी मुद्रा बचत की संभावना
देश में बनी सिनगैस से आयात की जगह लेकर भारत 5-7 वर्षों में ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।
सरकारी प्रोत्साहन
कोयला मंत्रालय ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए दो अलग-अलग योजनाओं के तहत ₹46,000 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता जताई है।
आयात विकल्प की रणनीति
कोयला गैसीकरण से बनी सिनगैस से ऐसे कई उत्पाद बनाए जा सकते हैं जिन्हें भारत अभी बड़ी मात्रा में आयात करता है, जिससे आयात पर निर्भरता घटती है।
पृष्ठभूमि
कोयला गैसीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोयले को कृत्रिम गैस (सिनगैस) में बदला जाता है, जिसमें मुख्य रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन होते हैं। इस सिनगैस को उर्वरक, रसायन, तरल ईंधन और बिजली जैसे कई उत्पादों के लिए कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत के पास कोयले का बड़ा भंडार है, फिर भी इनमें से कई अंतिम उत्पादों के लिए वह भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है, जिससे विदेशी मुद्रा का बड़ा बहिर्वाह होता है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
₹1.5 लाख करोड़ की संभावित विदेशी मुद्रा बचत भारत के चालू खाते के संतुलन के लिए अहम है। ₹46,000 करोड़ के प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता से कोयला गैसीकरण के लिए मज़बूत नीतिगत जोर का संकेत मिलता है, जो आयात विकल्प और ऊर्जा सुरक्षा के बड़े लक्ष्य से मेल खाता है। लेकिन इन परियोजनाओं की सफलता बड़े पैमाने पर विकास पर निर्भर है, जिसके लिए भारी निवेश, तकनीक के हस्तांतरण और राज्य स्तर की सहायक नीतियों की ज़रूरत होगी। कोयला सचिव की कोयला उत्पादक राज्यों से अनुकूल नीतियां बनाने की अपील एक समन्वित संघीय दृष्टिकोण की ज़रूरत को सामने लाती है।
आगे की राह
कोयला गैसीकरण अपनी संभावना तक पहुंचे, इसके लिए कोयला उत्पादक राज्यों को निवेशक-अनुकूल नीतियां और बुनियादी ढांचा देना होगा। निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए केंद्र की प्रोत्साहन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। कोयला-आधारित प्रक्रियाओं से होने वाले कार्बन उत्सर्जन पर भी ध्यान देना होगा, जिसके लिए कार्बन कैप्चर या स्वच्छ गैसीकरण तकनीकों का सहारा लेना पड़ सकता है। विदेशी मुद्रा बचत के लिए 5-7 वर्ष की समय-सीमा संकेत देती है कि ये परियोजनाएं बड़े पैमाने पर चालू होने में मध्यम अवधि लेंगी।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- कोयला गैसीकरण
- वह प्रक्रिया जिसमें उच्च तापमान और दबाव पर कोयले को नियंत्रित मात्रा में ऑक्सीजन और भाप के साथ अभिक्रिया कराकर उसे कृत्रिम गैस (सिनगैस) में बदला जाता है। यह कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन का मिश्रण होती है।
- सिनगैस (कृत्रिम गैस)
- एक ईंधन गैस मिश्रण, जिसमें मुख्य रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन होते हैं। यह कोयला, बायोमास या प्राकृतिक गैस से बनाई जाती है। इससे कई तरह के रसायन, उर्वरक और तरल ईंधन बनाए जा सकते हैं।
- आयात विकल्प
- एक व्यापार और आर्थिक नीति, जो विदेशी आयात की जगह घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने की वकालत करती है, ताकि विदेशी निर्भरता घटे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मज़बूत हो।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: 5-7 वर्षों में ₹1.5 लाख करोड़ की संभावित विदेशी मुद्रा बचत
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: सरकार द्वारा प्रतिबद्ध ₹46,000 करोड़ का वित्तीय प्रोत्साहन
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: कोयला मंत्रालय
यह गलती न करें!
₹1.5 लाख करोड़ का आंकड़ा 5-7 वर्षों में *संभावित* बचत है, तत्काल लाभ नहीं। जाल-प्रश्न इसे 'हासिल की गई बचत' या 'बजट आवंटन' बताकर पेश कर सकते हैं। ₹46,000 करोड़ दो योजनाओं के तहत *प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता* है, किसी एक योजना का व्यय नहीं। साथ ही, कोयला गैसीकरण से सिनगैस बनती है, प्राकृतिक गैस नहीं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- आयात विकल्प, ऊर्जा सुरक्षा, कोयला गैसीकरण, औद्योगिक विविधीकरण, विदेशी मुद्रा बचत
कहीं अटके? एक टैप में समझें
कोयला गैसीकरण एक तकनीक है जो कोयले को सिनगैस नाम की गैस में बदलती है। इस सिनगैस से ऐसे कई उत्पाद बनाए जा सकते हैं जिन्हें भारत अभी दूसरे देशों से खरीदता है। इन उत्पादों को देश में बनाने से भारत विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत कर सकता है। सरकार कंपनियों को ये परियोजनाएं शुरू करने में मदद के लिए ₹46,000 करोड़ के प्रोत्साहन दे रही है। सफल रहने पर भारत 5-7 वर्षों में ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।
- कोयला गैसीकरण में कोयले को कृत्रिम गैस (सिनगैस) में बदला जाता है।
- कोयला गैसीकरण से 5-7 वर्षों में भारत ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।
- सरकार ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए ₹46,000 करोड़ के प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता जताई।
- कोयला मंत्रालय कोयला गैसीकरण के लिए नोडल मंत्रालय है।
- कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन में यह घोषणा की।
- अर्थव्यवस्था: ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन
- पर्यावरण: जीवाश्म ईंधन और जलवायु परिवर्तन
जुड़ी अवधारणाएँ: कोयला गैसीकरण, सिनगैस (कृत्रिम गैस), आयात विकल्प
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत में कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने की ज़िम्मेदारी किस मंत्रालय की है?
व्याख्या: कोयला मंत्रालय कोयला गैसीकरण सहित कोयला-संबंधी नीतियों के लिए नोडल मंत्रालय है। विद्युत मंत्रालय बिजली देखता है, पेट्रोलियम मंत्रालय तेल और गैस से जुड़े मामले देखता है, और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय नवीकरणीय स्रोतों पर केंद्रित है। अतः विकल्प B सही है।
- Q2कठिन
कोयला गैसीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.कोयला गैसीकरण में कोयले को कृत्रिम गैस (सिनगैस) में बदला जाता है।
- 2.सरकार ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए एक ही योजना के तहत ₹46,000 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता जताई है।
- 3.सफल कोयला गैसीकरण परियोजनाएं 5-7 वर्षों में भारत को ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत करा सकती हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: कोयला गैसीकरण में कोयला सिनगैस में बदला जाता है। कथन 2 गलत है: ₹46,000 करोड़ का प्रोत्साहन एक नहीं, दो योजनाओं के तहत है। कथन 3 सही है: 5-7 वर्षों में ₹1.5 लाख करोड़ की संभावित विदेशी मुद्रा बचत। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
कोयला सचिव द्वारा बताई गई कोयला गैसीकरण परियोजनाओं से संभावित विदेशी मुद्रा बचत कितनी है?
व्याख्या: कोयला सचिव ने कहा कि कोयला गैसीकरण परियोजनाएं 5-7 वर्षों में ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचा सकती हैं। ₹46,000 करोड़ सरकार द्वारा प्रतिबद्ध प्रोत्साहन है, बचत नहीं। अतः विकल्प B सही है।
- Q4मध्यम
भारत में कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने का मुख्य आर्थिक उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: समाचार बताता है कि कोयला गैसीकरण से ऐसे उत्पाद बन सकते हैं जिन्हें भारत अभी बड़ी मात्रा में आयात करता है, और इस तरह विदेशी मुद्रा बचती है। निर्यात या बिजली उत्पादन बढ़ाना बताया गया प्रमुख उद्देश्य नहीं है। कोयला खनन बंद करना कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के विपरीत है। अतः विकल्प B सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. कोयला गैसीकरण क्या है?
कोयला गैसीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें कोयले को कृत्रिम गैस (सिनगैस) में बदला जाता है, जो कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन का मिश्रण है और जिससे कई उत्पाद बनाए जा सकते हैं।
2. कोयला गैसीकरण से भारत कितनी विदेशी मुद्रा बचा सकता है?
कोयला गैसीकरण परियोजनाओं से भारत अगले 5-7 वर्षों में लगभग ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचा सकता है।
3. कोयला गैसीकरण के लिए सरकार ने कितने वित्तीय प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता जताई है?
सरकार ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए दो योजनाओं के तहत ₹46,000 करोड़ के वित्तीय प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता जताई है।
4. कोयला गैसीकरण से संभावित बचत की घोषणा किसने की?
कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने दक्षिण गोवा में खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन में संभावित बचत की घोषणा की।
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मूल खबर5 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
