प्रिलिम्स के लिए: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS), कण पदार्थ (PM), वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), OCEMS का पूरा नाम, नोडल निकाय, दिल्ली में लगे OCEMS, OCEMS बंद (7 नवंबर 2026 तक)
मेन्स के लिए: रियल-टाइम निगरानी, प्रवर्तन की कमी, औद्योगिक प्रदूषण, NCR वायु गुणवत्ता, CAQM अधिनियम 2021
स्रोत:Indian Express
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- दिल्ली की ऑनलाइन OCEMS इकाइयों में से 54% उत्सर्जन सीमा से ऊपर निकलीं।
- दिल्ली में लगाए गए 87 OCEMS में से 39 बंद थे।
- CAQM ने OCEMS के अनुपालन की समय-सीमा 30 नवंबर 2026 तय की है।
- PM (निलंबित कण पदार्थ) मुख्य प्रदूषक था, जो सीमा तोड़ रहा था।
- बादली, नरेला और मायापुरी की धातु-प्रसंस्करण इकाइयाँ प्रमुख उल्लंघनकर्ता थीं।
चर्चा में क्यों?
दिल्ली में औद्योगिक रूप से निगरानी की जाने वाली इकाइयों में से आधे से अधिक उत्सर्जन सीमा तोड़ रही हैं, और 45% OCEMS बंद पड़े हैं। CAQM ने अनुपालन के लिए 30 नवंबर की समय-सीमा तय की है और धातु-प्रसंस्करण इकाइयों तथा PM को मुख्य चिंता बताया है। इससे राजधानी में औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी पर सवाल उठते हैं।
सारांश
- दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में लगे 87 OCEMS में से 39 बंद थे; डेटा भेज रहे 48 में से 26 (54%) उत्सर्जन सीमा से ऊपर निकले।
- CAQM ने उद्योगों को 30 नवंबर 2026 तक OCEMS और रियल-टाइम कैमरा फीड चालू करने का निर्देश दिया है।
- धातु-प्रसंस्करण इकाइयाँ (फाउंड्री, डाई-कास्टिंग) मुख्य उल्लंघनकर्ता हैं, जो ज़्यादातर बादली, न्यू मंडोली, नरेला और मायापुरी में हैं।
मुख्य बातें
ऑनलाइन इकाइयों में 54% मानक तोड़ रही हैं
डेटा भेज रहे 48 OCEMS में से 26 उत्सर्जन सीमा से ऊपर निकले, जिनमें PM प्रमुख प्रदूषक रहा।
45% OCEMS बंद
दिल्ली में लगे 87 में से 39 OCEMS बंद थे, जिससे औद्योगिक प्रदूषण की रियल-टाइम निगरानी बाधित हुई।
CAQM ने 30 नवंबर की समय-सीमा तय की
CAQM के आदेश के तहत आने वाले सभी उद्योगों को 30 नवंबर 2026 तक OCEMS चालू करने और रियल-टाइम कैमरा फीड सक्षम करनी होगी।
पृष्ठभूमि
दिल्ली का वायु प्रदूषण एक स्थायी संकट है, खासकर सर्दियों में। 2018 के TERI-ARAI अध्ययन ने शहर के सालाना PM भार के लगभग 26% तक का श्रेय औद्योगिक उत्सर्जन को दिया था। CAQM एक वैधानिक निकाय है, जो NCR की वायु गुणवत्ता देखता है। अत्यधिक प्रदूषणकारी इकाइयों के लिए OCEMS अनिवार्य हैं ताकि उत्सर्जन की रियल-टाइम निगरानी हो सके, पर अनुपालन खराब रहा है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
ऑनलाइन निगरानी वाली इकाइयों में से 54% का मानकों से ऊपर होना, और 45% OCEMS का बंद होना, प्रवर्तन की गंभीर कमी को उजागर करता है। बादली, नरेला और मायापुरी के धातु-प्रसंस्करण समूह प्रमुख उल्लंघनकर्ता हैं। CAQM द्वारा 'फ्लैट-लाइन' डेटा पकड़ा जाना संभावित छेड़छाड़ का संकेत देता है। इससे प्रदूषण नियंत्रण के उपकरण के रूप में रियल-टाइम निगरानी की प्रभावशीलता कमज़ोर होती है।
आगे की राह
30 नवंबर की समय-सीमा का सख्ती से पालन ज़रूरी है। CAQM को अनुपालन न करने और डेटा में छेड़छाड़ पर दंड लगाना चाहिए। OCEMS का विस्तार अधिक इकाइयों तक करना और उन्हें DPCC की निगरानी प्रणाली से जोड़ना जवाबदेही बढ़ा सकता है। पश्चिम एशिया संघर्ष से आपूर्ति शृंखला में आई बाधाओं से निपटने के लिए वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की व्यवस्था करनी होगी।
दिल्ली से जुड़ाव
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पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय, जो NCR में वायु प्रदूषण नियंत्रण का समन्वय और नियमन करता है।
- ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS)
- एक प्रणाली जो औद्योगिक चिमनियों से निकलने वाले प्रदूषकों (PM, SO₂, NOₓ) को लगातार मापती है और रियल-टाइम में नियामक प्राधिकरणों को भेजती है।
- कण पदार्थ (PM)
- हवा में तैरते सूक्ष्म ठोस या तरल कण, जिन्हें PM10 (मोटे) और PM2.5 (बारीक) में बांटा जाता है और जो श्वसन तथा हृदय-संबंधी रोग पैदा करते हैं।
- वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)
- वायु प्रदूषण का स्तर बताने वाला संख्यात्मक सूचकांक (0-500); श्रेणियाँ हैं अच्छा, संतोषजनक, मध्यम, खराब, बहुत खराब और गंभीर।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आँकड़े पर ध्यान दें: दिल्ली में ऑनलाइन OCEMS इकाइयों में से 54% ने उत्सर्जन मानक तोड़े; 87 में से 39 OCEMS बंद थे।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM)।
- इस कानूनी बिंदु पर ध्यान दें: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021।
यह गलती न करें!
वे 'OCEMS' की जगह 'CEMS' (सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली) लिख सकते हैं, या CAQM को CPCB (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) से भ्रमित कर सकते हैं। साथ ही, 54% ऑनलाइन इकाइयों का है, न कि सभी लगाई गई इकाइयों का।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- रियल-टाइम निगरानी, प्रवर्तन की कमी, औद्योगिक प्रदूषण, NCR वायु गुणवत्ता, CAQM अधिनियम 2021
कहीं अटके? एक टैप में समझें
OCEMS ऐसे उपकरण हैं जो फैक्ट्री की चिमनियों से निकलने वाले धुएं और धूल को लगातार मापते हैं और डेटा प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरणों को भेजते हैं। दिल्ली में इनमें से कई उपकरण या तो काम नहीं कर रहे थे, या दिखा रहे थे कि फैक्ट्रियाँ अनुमति से ज़्यादा प्रदूषण छोड़ रही हैं। CAQM ने सभी फैक्ट्रियों को 30 नवंबर 2026 तक इन उपकरणों को ठीक करने का आदेश दिया है।
- दिल्ली की ऑनलाइन OCEMS इकाइयों में से 54% उत्सर्जन सीमा से ऊपर निकलीं।
- दिल्ली में लगाए गए 87 OCEMS में से 39 बंद थे।
- CAQM ने OCEMS के अनुपालन की समय-सीमा 30 नवंबर 2026 तय की है।
- PM (निलंबित कण पदार्थ) मुख्य प्रदूषक था, जो सीमा तोड़ रहा था।
- बादली, नरेला और मायापुरी की धातु-प्रसंस्करण इकाइयाँ प्रमुख उल्लंघनकर्ता थीं।
- पर्यावरण: वायु प्रदूषण और उसके नियंत्रण के उपाय
- शासन: पर्यावरणीय नियमन और वैधानिक निकाय
जुड़ी अवधारणाएँ: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उससे सटे क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS), कण पदार्थ (PM), वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए मुख्य रूप से कौन-सा वैधानिक निकाय ज़िम्मेदार है?
व्याख्या: CAQM, जो CAQM अधिनियम, 2021 के तहत गठित है, NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए नोडल निकाय है। CPCB एक राष्ट्रीय निकाय है, DPCC दिल्ली-विशिष्ट है और MoEFCC मंत्रालय है, परंतु NCR की वायु गुणवत्ता पर वैधानिक निगरानी CAQM के पास है।
- Q2कठिन
दिल्ली की ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणालियों (OCEMS) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.नवंबर 2026 तक दिल्ली में लगाए गए सभी OCEMS में से 54% को अनुमेय उत्सर्जन सीमा से ऊपर पाया गया।
- 2.CAQM ने उद्योगों के लिए OCEMS चालू करने और रियल-टाइम कैमरा फीड सक्षम करने की समय-सीमा 30 नवंबर 2026 तय की है।
- 3.चिह्नित औद्योगिक इकाइयों में निलंबित कण पदार्थ (PM) सीमा से सबसे अधिक बार ऊपर पाया गया प्रदूषक था।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 गलत है, क्योंकि 54% उन इकाइयों का है जो ऑनलाइन थीं और डेटा भेज रही थीं, न कि सभी लगाई गई इकाइयों का। कथन 2 सही है: CAQM ने उद्योगों को 30 नवंबर 2026 तक OCEMS चालू करने का निर्देश दिया। कथन 3 सही है: सीमा से सबसे अधिक बार ऊपर पाया गया प्रदूषक PM था, जो 26 चिह्नित इकाइयों में से 24 में मिला।
- Q3मध्यम
7 नवंबर 2026 तक दिल्ली में कितने ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणालियाँ (OCEMS) बंद पाए गए?
व्याख्या: दिल्ली में लगाए गए 87 OCEMS में से शनिवार (7 नवंबर 2026) तक 39 बंद थे। 48 डेटा भेज रहे थे, और उनमें से 26 को सीमा से ऊपर चिह्नित किया गया।
- Q4मध्यम
अत्यधिक प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों के लिए ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणालियों (OCEMS) को अनिवार्य करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: OCEMS उत्सर्जन की सतत, रियल-टाइम निगरानी के लिए बनाए गए हैं, ताकि अधिकारी उल्लंघन तुरंत पकड़ सकें। लागत घटाना और सभी मैनुअल निरीक्षण बदलना मुख्य उद्देश्य नहीं हैं; यह प्रणाली निरीक्षण की पूरक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. OCEMS क्या है?
OCEMS का अर्थ है ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (OCEMS), यानी उद्योगों में लगाए जाने वाले वे उपकरण जो प्रदूषक उत्सर्जन को लगातार मापते हैं और उसकी जानकारी वास्तविक समय में नियामक प्राधिकरणों को भेजते हैं।
2. दिल्ली की कितनी प्रतिशत ऑनलाइन औद्योगिक इकाइयों ने उत्सर्जन मानक तोड़े?
जिन इकाइयों के OCEMS डेटा भेज रहे थे (48 में से 26), उनमें से 54% अनुमेय उत्सर्जन सीमा से ऊपर पाई गईं।
3. उद्योगों के लिए OCEMS चालू करने की CAQM की समय-सीमा क्या है?
CAQM ने उद्योगों के लिए 30 नवंबर 2026 की समय-सीमा तय की है, जब तक उनके OCEMS और रियल-टाइम कैमरा फीड पूरी तरह चालू होने चाहिए।
4. दिल्ली की औद्योगिक इकाइयों में सीमा से सबसे अधिक बार ऊपर पाया गया प्रदूषक कौन-सा था?
निलंबित कण पदार्थ (PM) सबसे आम प्रदूषक था, जिसकी सीमा 26 चिह्नित इकाइयों में से 24 ने तोड़ी।
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मूल खबर8 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें

