प्रिलिम्स के लिए: राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP), नि-क्षय पोषण योजना (NPY), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), SDG लक्ष्य 3.3, योजना, पोषण सहायता, दिल्ली में बजट उपयोग (2025), राष्ट्रीय उपयोग (2023-24)
मेन्स के लिए: निधि का कम उपयोग, आधार-DBT लिंकिंग, प्रशासनिक अड़चनें, 2025 का टीबी उन्मूलन लक्ष्य, CAG ऑडिट के निष्कर्ष
स्रोत:Indian Express
वन-डे परीक्षा के 5 तथ्य
SSC, रेलवे, पुलिस और शिक्षक भर्ती में ऐसे ही सीधे सवाल आते हैं।
- दिल्ली ने 2025 में अपने NTEP बजट का केवल 47.4% खर्च किया।
- NTEP का लक्ष्य भारत में 2025 तक टीबी का उन्मूलन करना है।
- नि-क्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को ₹1,000/माह पोषण सहायता मिलती है।
- 2024 की CAG लेखा परीक्षा में दिल्ली में TB लाभार्थियों के लिए ₹72.94 करोड़ लंबित होने को चिह्नित किया गया।
- भारत का टीबी उन्मूलन लक्ष्य 2025 है, जो वैश्विक SDG लक्ष्य 2030 से पांच वर्ष पहले है।
चर्चा में क्यों?
दिल्ली ने 2025 में अपने ₹108.27 करोड़ के NTEP बजट में से केवल 47.4% (₹51.32 करोड़) खर्च किया, जिससे ₹56.95 करोड़ अव्ययित रह गए। 1.13 लाख टीबी मामले अधिसूचित होने के बावजूद यह कम उपयोग आधार-लिंकिंग, खरीद में देरी और प्रशासनिक अड़चनों जैसी व्यवस्थागत कमियों को दिखाता है। CAG पहले भी ऐसी ही कमियों की ओर इशारा कर चुका था।
सारांश
- दिल्ली ने 2025 में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के ₹108.27 करोड़ के बजट में से केवल 47.4% खर्च किया, जिससे ₹56.95 करोड़ अव्ययित रह गए।
- नि-क्षय पोषण योजना (NPY) के तहत टीबी मरीजों को DBT के जरिए पोषण सहायता के रूप में हर महीने ₹1,000 मिलते हैं (नवंबर 2024 में यह ₹500 से दोगुना किया गया)।
- 2024 के CAG ऑडिट में दिल्ली में 2.60 लाख लाभार्थियों के लिए ₹72.94 करोड़ की लंबित पोषण सहायता, DR-TB समितियों के गठन न होने और कर्मचारियों की कमी को चिह्नित किया गया था।
मुख्य बातें
दिल्ली के टीबी बजट में ₹56.95 करोड़ अव्ययित
दिल्ली ने 2025 में अपने ₹108.27 करोड़ के NTEP आवंटन का केवल 47.4% उपयोग किया, जिससे उच्च टीबी मामलों के बावजूद आधे से अधिक धनराशि अव्ययित रह गई।
टीबी प्रबंधन में व्यवस्थागत कमियां
आधार-लिंकिंग में देरी, खरीद की अड़चनें और DOT केंद्रों तथा टीबी अस्पतालों में खराब बुनियादी ढांचा निधि के कम उपयोग का कारण बने।
कम खर्च का राष्ट्रीय रुझान
NTEP ने 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर अपने बजट का केवल 62.5% और 2022-23 में 54.7% खर्च किया, जो कम उपयोग के लगातार बने पैटर्न को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि
भारत का राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP), जिसे पहले संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम कहा जाता था, वैश्विक SDG लक्ष्य 2030 से पांच वर्ष पहले 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखता है। इसके मुख्य घटकों में शीघ्र निदान, मुफ्त इलाज, नि-क्षय पोषण योजना (NPY) के तहत पोषण सहायता और सक्रिय मामला-खोज शामिल हैं। 2025 में 1.12 लाख से अधिक टीबी मामले अधिसूचित होने के कारण दिल्ली कार्यक्रम की सफलता के लिए एक अहम क्षेत्र है।
प्रमुख विश्लेषण एवं प्रभाव
दिल्ली (47.4%) और राष्ट्रीय स्तर (2023-24 में 62.5%) पर निधि का कम उपयोग व्यवस्थागत अक्षमता को दिखाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय इसका कारण DBT लाभार्थियों की आधार-लिंकिंग में देरी, खरीद में विलंब और डिजिटाइज़ेशन की कमियां बताता है। 2024 के CAG ऑडिट ने 2.60 लाख लाभार्थियों के लिए ₹72.94 करोड़ की लंबित पोषण सहायता, DR-TB समितियों के गठन न होने, कर्मचारियों की कमी और मृत्यु-ऑडिट के अभाव को पहले ही चिह्नित किया था। ऐसी कमियां भारत के 2025 के महत्वाकांक्षी उन्मूलन लक्ष्य को कमजोर करती हैं और मरीजों के परिणामों को प्रभावित करती हैं।
आगे की राह
निधि उपयोग सुधारने के लिए लाभार्थी खातों की आधार-सीडिंग को सुव्यवस्थित करना, टीबी केंद्रों के लिए खरीद को तेज़ करना और राज्य स्तर पर निगरानी मज़बूत करना ज़रूरी है। नि-क्षय पोषण योजना की बढ़ी हुई सहायता (नवंबर 2024 से ₹1,000/माह) के साथ कुशल DBT वितरण भी होना चाहिए। टीबी उन्मूलन लक्ष्य पाने के लिए DR-TB समितियों के गठन, पर्यवेक्षी दौरों और दवा-प्रतिरोधी मरीजों के इलाज के बाद फॉलो-अप पर CAG की सिफारिशों पर अमल करना आवश्यक है।
पृष्ठभूमि GK
इस खबर को समझने के लिए आवश्यक मूल अवधारणाएं
- राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP)
- टीबी नियंत्रण के लिए भारत का राष्ट्रीय कार्यक्रम, जिसे पहले संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम (RNTCP) कहा जाता था। यह मुफ्त निदान और इलाज देता है तथा नि-क्षय पोषण योजना के तहत पोषण सहायता भी शामिल करता है।
- नि-क्षय पोषण योजना (NPY)
- NTEP के तहत एक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजना, जो इलाज के दौरान टीबी मरीजों को प्रति माह ₹1,000 की पोषण सहायता देती है।
- प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
- ऐसी व्यवस्था जिसमें सरकारी सब्सिडी और लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, ताकि रिसाव और देरी कम हो।
- SDG लक्ष्य 3.3
- सतत विकास लक्ष्य, जिसके तहत 2030 तक एड्स, टीबी, मलेरिया और उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोगों की महामारियों को समाप्त करना है।
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य
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परीक्षा में कैसे पूछा जाएगा
- इस आंकड़े पर ध्यान दें: दिल्ली ने 2025 में NTEP बजट का केवल 47.4% खर्च किया; ₹108.27 करोड़ में से ₹51.32 करोड़ उपयोग हुए।
- इस नोडल निकाय पर ध्यान दें: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (NTEP इसी के अधीन है)।
- इस कानूनी/नीतिगत बिंदु पर ध्यान दें: SDG लक्ष्य 3.3 - 2030 तक टीबी का उन्मूलन (भारत का लक्ष्य: 2025)।
यह गलती न करें!
परीक्षक प्रतिशत बदल सकते हैं: 47.4% उपयोग (62.5% नहीं, जो 2023-24 का राष्ट्रीय आंकड़ा है)। वे नि-क्षय पोषण योजना की राशि (₹1,000/माह) को पहले की दर (₹500/माह) से भ्रमित कर सकते हैं या दोगुने होने का वर्ष गलत बता सकते हैं।
मुख्य परीक्षा के उत्तर-लेखन के लिए उपयोगी बिंदु
- निधि का कम उपयोग, आधार-DBT लिंकिंग, प्रशासनिक अड़चनें, 2025 का टीबी उन्मूलन लक्ष्य, CAG ऑडिट के निष्कर्ष
कहीं अटके? एक टैप में समझें
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) टीबी से लड़ने के लिए भारत का मुख्य कार्यक्रम है। यह मुफ्त जांच, दवाएं और पोषण सहायता देता है। 2025 में दिल्ली को इस कार्यक्रम के लिए ₹108.27 करोड़ मिले, लेकिन उसने केवल ₹51.32 करोड़ खर्च किए और ₹56.95 करोड़ अव्ययित रह गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कई मरीजों के आधार को बैंक खातों से नहीं जोड़ा गया था, जिससे भुगतान में देरी हुई, और उपकरणों की खरीद धीमी रही। CAG ने पहले भी ऐसी ही समस्याएं बताई थीं।
- दिल्ली ने 2025 में अपने NTEP बजट का केवल 47.4% खर्च किया।
- NTEP का लक्ष्य भारत में 2025 तक टीबी का उन्मूलन करना है।
- नि-क्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को ₹1,000/माह पोषण सहायता मिलती है।
- 2024 की CAG लेखा परीक्षा में दिल्ली में TB लाभार्थियों के लिए ₹72.94 करोड़ लंबित होने को चिह्नित किया गया।
- भारत का टीबी उन्मूलन लक्ष्य 2025 है, जो वैश्विक SDG लक्ष्य 2030 से पांच वर्ष पहले है।
- राजव्यवस्था: स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण योजनाएं
- अर्थव्यवस्था: सरकारी बजट और निधि उपयोग
जुड़ी अवधारणाएँ: राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP), नि-क्षय पोषण योजना (NPY), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), SDG लक्ष्य 3.3
अभ्यास प्रश्न
उत्तर चुनें, फिर व्याख्या देखें।
- Q1आसान
भारत में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) को लागू करने के लिए मुख्य रूप से कौन-सा मंत्रालय ज़िम्मेदार है?
व्याख्या: NTEP स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय SC/ST/OBC के कल्याण को देखता है, स्वास्थ्य को नहीं। ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण योजनाएं संभालता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय मातृ और शिशु पोषण देखता है, टीबी नियंत्रण नहीं।
- Q2कठिन
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1.दिल्ली ने 2025 में अपने NTEP बजट का 47.4% उपयोग किया, जिससे ₹56.95 करोड़ अव्ययित रह गए।
- 2.नि-क्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को पोषण सहायता के रूप में ₹500 प्रति माह मिलते हैं।
- 3.2024 के CAG ऑडिट ने दिल्ली में 2.60 लाख लाभार्थियों के लिए ₹72.94 करोड़ की लंबित पोषण सहायता को चिह्नित किया था।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
व्याख्या: कथन 1 सही है: दिल्ली ने अपने ₹108.27 करोड़ के NTEP बजट का 47.4% खर्च किया है। कथन 2 गलत है: नवंबर 2024 में NPY के तहत मासिक सहायता को दोगुना करके ₹1,000 किया गया, ₹500 नहीं। कथन 3 सही है: 2024 के CAG लेखा परीक्षा में 2.60 लाख लाभार्थियों के लिए ₹72.94 करोड़ लंबित होने की बात सामने आई। अतः विकल्प C सही है।
- Q3मध्यम
2025 में दिल्ली के लिए NTEP के अंतर्गत कुल स्वीकृत बजट कितना था, और उसमें से कितनी राशि अव्ययित रही?
व्याख्या: 2025 में दिल्ली का स्वीकृत NTEP बजट ₹108.27 करोड़ था, जिसमें से केवल ₹51.32 करोड़ खर्च हुए और ₹56.95 करोड़ अव्ययित रहे। विकल्प B खर्च और अव्ययित राशियों की अदला-बदली करता है। विकल्प C और D क्रमशः 2023-24 और 2022-23 के राष्ट्रीय आंकड़ों की बात करते हैं, दिल्ली के 2025 के आंकड़ों की नहीं।
- Q4मध्यम
NTEP के अंतर्गत नि-क्षय पोषण योजना (NPY) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
व्याख्या: NPY DBT के जरिए सीधे टीबी मरीजों को प्रति माह ₹1,000 की पोषण सहायता देता है। मुफ्त निदान जांच NTEP का हिस्सा है, NPY का नहीं। स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण और शोध कार्यक्रम के अलग घटक हैं, NPY का मुख्य उद्देश्य नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) क्या है?
NTEP भारत का टीबी नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसे पहले संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम कहा जाता था। यह नि-क्षय पोषण योजना के तहत मुफ्त निदान, इलाज और पोषण सहायता देता है, और 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखता है।
2. 2025 में दिल्ली के NTEP बजट का कितना हिस्सा खर्च हुआ?
दिल्ली ने 2025 में अपने ₹108.27 करोड़ के NTEP बजट का केवल 47.4% खर्च किया, ₹51.32 करोड़ उपयोग हुए और ₹56.95 करोड़ अव्ययित रह गए।
3. नि-क्षय पोषण योजना के तहत मासिक पोषण सहायता कितनी है?
नि-क्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को DBT के जरिए ₹1,000 प्रति माह पोषण सहायता मिलती है। यह राशि नवंबर 2024 में ₹500 से दोगुनी की गई।
4. 2024 के CAG ऑडिट ने दिल्ली में टीबी प्रबंधन के बारे में क्या चिह्नित किया?
CAG ऑडिट ने दिल्ली में 2.60 लाख लाभार्थियों के लिए ₹72.94 करोड़ की लंबित सहायता, DR-TB समितियों के गठन न होने, कर्मचारियों की कमी और दिल्ली के चेस्ट क्लिनिकों में मृत्यु-ऑडिट के अभाव को चिह्नित किया।
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मूल खबर8 नवंबर 2026 · खबर पढ़ें
